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Yamuna Nagar News: कर्मचारियों ने हाथों में झंडे और बैनर लेकर किया रोष प्रदर्शन
Wed, 24 Sep 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 24 Sep 2025 01:00 AM IST
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जगाधरी अनाज मंडी में नारेबाजी कर रोष प्रकट करते कर्मचारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मांगों से समर्थन में मंगलवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने कर्मचारियों ने डीसी ऑफिस के सामने एक दिवसीय धरना दिया। कर्मचारियों ने हाथों में बैनर, झंडे लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद वह नारेबाजी करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे जहां पर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम विश्वनाथ को अपनी 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया।
अगुवाई जिला प्रधान महिपाल सोडे व जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने की। एसकेएस राज्य सचिव मांगे राम तिगरा ने कहा कि वर्तमान केंद्र व हरियाणा की भाजपा सरकार सरकारी विभागों के कच्चे-पक्के कर्मचारियों की लंबित ज्वलंत मांगों को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं है। 11 साल से कर्मचारी अपनी मांगों व समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतर कर संघर्ष कर रहे हैं।
सरकार मांगों का समाधान करने के बजाय सरकारी विभागों को सिकोड़कर कमजोर कर रही है। सरकार की इन जनविरोधी नीतियों को लेकर देशभर के कर्मचारियों में भारी रोष व गुस्सा पनप रहा है। इसलिए देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना दिया जा रहा है।
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इस मौके पर एसकेएस वरिष्ठ उपप्रधान राकेश धनखड़, कोषाध्यक्ष सतीश कुमार, ब्लॉक साढौरा से पवन शर्मा, विक्रम धीमान, रादौर से दिनेश तंवर, मनीष तंवर, यमुनानगर से पपला, महेंद्र, माया राम, अध्यापक संघ से सोहन लाल, अमरीक सिंह, जोगिंद्र, वीरेंद्र सिंह, नगर पालिका से विक्की पारचा, अग्निश्मन से विजेंद्र, विशाल मैकेनिकल से रणधीर, राजबीर, रामपाल, मेवा राम मौजूद रहे।
कर्मचारियों की ये हैं प्रमुख मांगे
सभी चारों श्रम संहिताएं रद्द की जाएं। पीएफआरडीए अधिनियम रद्द करें। एनपीएस व यूपीएस समाप्त करें। पुरानी पेंशन लागू की जाए। अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित किया जाए। ठेका, आउटसोर्स व दिहाड़ी रोजगार बंद हो। रिक्त पद नियमित भर्ती से भरे जाएं। सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण बंद हो। आठवां केंद्रीय वेतन आयोग गठित किया जाए। हर पांच वर्ष में वेतन संशोधन अनिवार्य हो। लंबित महंगाई भत्ता और डीए की सभी बकाया किस्तें जारी की जाएं।नई शिक्षा नीति को रद्द किया जाए। संविधान की धारा 310 और 311 (2) (ए,बी,सी) को निरस्त किया जाए। संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता की रक्षा हो, सांप्रदायिकता के हर रूप से संघर्ष किया जाए।
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यमुनानगर। मांगों से समर्थन में मंगलवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने कर्मचारियों ने डीसी ऑफिस के सामने एक दिवसीय धरना दिया। कर्मचारियों ने हाथों में बैनर, झंडे लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद वह नारेबाजी करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे जहां पर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम विश्वनाथ को अपनी 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया।
अगुवाई जिला प्रधान महिपाल सोडे व जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने की। एसकेएस राज्य सचिव मांगे राम तिगरा ने कहा कि वर्तमान केंद्र व हरियाणा की भाजपा सरकार सरकारी विभागों के कच्चे-पक्के कर्मचारियों की लंबित ज्वलंत मांगों को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं है। 11 साल से कर्मचारी अपनी मांगों व समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतर कर संघर्ष कर रहे हैं।
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सरकार मांगों का समाधान करने के बजाय सरकारी विभागों को सिकोड़कर कमजोर कर रही है। सरकार की इन जनविरोधी नीतियों को लेकर देशभर के कर्मचारियों में भारी रोष व गुस्सा पनप रहा है। इसलिए देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना दिया जा रहा है।
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इस मौके पर एसकेएस वरिष्ठ उपप्रधान राकेश धनखड़, कोषाध्यक्ष सतीश कुमार, ब्लॉक साढौरा से पवन शर्मा, विक्रम धीमान, रादौर से दिनेश तंवर, मनीष तंवर, यमुनानगर से पपला, महेंद्र, माया राम, अध्यापक संघ से सोहन लाल, अमरीक सिंह, जोगिंद्र, वीरेंद्र सिंह, नगर पालिका से विक्की पारचा, अग्निश्मन से विजेंद्र, विशाल मैकेनिकल से रणधीर, राजबीर, रामपाल, मेवा राम मौजूद रहे।
कर्मचारियों की ये हैं प्रमुख मांगे
सभी चारों श्रम संहिताएं रद्द की जाएं। पीएफआरडीए अधिनियम रद्द करें। एनपीएस व यूपीएस समाप्त करें। पुरानी पेंशन लागू की जाए। अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित किया जाए। ठेका, आउटसोर्स व दिहाड़ी रोजगार बंद हो। रिक्त पद नियमित भर्ती से भरे जाएं। सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण बंद हो। आठवां केंद्रीय वेतन आयोग गठित किया जाए। हर पांच वर्ष में वेतन संशोधन अनिवार्य हो। लंबित महंगाई भत्ता और डीए की सभी बकाया किस्तें जारी की जाएं।नई शिक्षा नीति को रद्द किया जाए। संविधान की धारा 310 और 311 (2) (ए,बी,सी) को निरस्त किया जाए। संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता की रक्षा हो, सांप्रदायिकता के हर रूप से संघर्ष किया जाए।