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Yamuna Nagar News: प्रवेश उत्सव का नहीं दिख रहा असर, घटे विद्यार्थी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 May 2025 01:48 AM IST
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The effect of the admission festival is not visible, the number of students has decreased
धर्मेंद्र चौधरी, जिला ​शिक्षा अ​धिकारी।
जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए चलाया गया प्रवेश उत्सव कार्यक्रम फीका रहा। प्रवेश उत्सव, शिक्षकों का घर-घर सर्वे सहित अन्य गतिविधियों का आयोजन किए जाने के बाद भी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या नहीं बढ़ पाई। जिले में प्रवेश उत्सव का हाल इसी से लगाया जा सकता है कि कई स्कूल ऐसे हैं कि इन में विद्यार्थियों की संख्या दस से भी कम है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार आधे से ज्यादा विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूल छोड़ कर निजी स्कूलों में दाखिला ले लिया है। पिछले साल की तुलना में इस बार 20 फीसदी दाखिले कम हुए हैं। जबकि विभाग ने इस बार विद्यार्थियों की संख्या में पांच फीसदी बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा था। विभाग का प्रवेश उत्सव लक्ष्य प्राप्ति तो दूर पिछली बार की संख्या के करीब नहीं पहुंच सका। वहीं इस बार निदेशालय ने सभी स्कूलों को प्रवेश उत्सव का प्रचार करने के लिए पांच हजार रुपये तक खर्च करने की अनुमति भी दी थी।
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जानकारी के अनुसार इस वर्ष शिक्षकों ने बाइक पर बैठकर गली-गली में ढोल लेकर मुनादी करवाई। बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में करवाने के लिए लोगों को घर-घर जाकर जागरूक भी किया, लेकिन वे बच्चों को स्कूलों तक नहीं ला पाए। सरकारी स्कूलों में पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 30 हजार विद्यार्थियों की संख्या कम है। हालांकि अभी स्कूलों में बच्चों का दाखिला किया जा रहा है लेकिन अभिभावकों व बच्चों में उत्साह नहीं है। ऐसे में इस बार विद्यार्थियों की संख्या 20 फीसदी कम होने की आशंका है।
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चूंकि कई विद्यार्थियों ने राजकीय छोड़ निजी स्कूलों में दाखिला ले लिया है। इसलिए शुरुआत से उदासीन चल रहे अधिकारी विद्यार्थियों की संख्या कम होने पर मंथन कर रहे हैं। विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि बिना मॉनिटरिंग और प्लानिंग के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ना संभव नहीं है। सभी स्कूलों ने अपने स्तर पर इसकी तैयारी की है। संवाद
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कई स्कूलों में 10 से भी कम विद्यार्थी

गांव मारवांकला की कन्या प्राथमिक पाठशाला में पिछले साल 24 छात्राएं थी। इनमें से सात ने स्कूल छोड़ दिया और अब कुल 17 छात्राएं हें। प्राथमिक पाठशाला अलीशेरपुर माजरा से आठ बच्चे चले गए और अब यहां 24 में से कुल 16 बच्चे हैं। इसी तरह अंबवाला में मात्र सात बच्चे हैं। भिवानीपुर स्कूल में भी सात बच्चे रह गए हैं। दरियापुर स्कूल में पांच और हरतौल में छह बच्चे बचे हैं। कन्यावाला में सात, मुजाफ्त में सात, रामपुर गेंदा में आठ बच्चे हैं। गांव उत्तमवाला में मात्र तीन बच्चे रह गए हैं। यहां से 14 बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया है। उर्जनी में आठ, भगवानपुर में नौ बच्चे हैं। गोलनपुर स्कूल में मात्र तीन ही बच्चों का दाखिला हुआ है। रामपुर माजरा और खेड़ी दर्शन सिंह में पांच-पांच बच्चे पढ़ रहे हैं।

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वर्जन

स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाई जा रही है। अभी स्कूलों का रिकॉर्ड तैयार नहीं हुआ है। एमआईएस पोर्टल बंद होने के कारण पूरा डाटा अपडेट नहीं हुआ है। जिस कारण स्कूलों में संख्या कम दिख रही है। पूरा डाटा आने के बाद ही सही संख्या का पता चल पाएगा। अभी स्कूलों में दाखिला किए जा रहे हैं।
धर्मेंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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धर्मेंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।

धर्मेंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।

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