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Yamuna Nagar News: शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की कल्पना को देगा मंच
Fri, 25 Sep 2026 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 25 Sep 2026 01:19 AM IST
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जिला शिक्षा विभाग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। विद्यार्थियों के मन में आने वाला कोई नया विचार सिर्फ कल्पना बनकर न रह जाए, बल्कि वह किसी सामाजिक या रोजमर्रा की समस्या का समाधान करने वाला उपयोगी नवाचार बने, इसके लिए इंस्पायर मानक अवॉर्ड विद्यार्थियों को बड़ा मंच उपलब्ध करवा रहा है। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से इंस्पायर मानक अवॉर्ड के स्कूलों से आवेदन मांगे गए हैं।
जिले के राजकीय व निजी स्कूलों के करीब 700 विद्यार्थी इसके लिए अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। वहीं, इस बार विभाग की ओर से जिलेभर से 1,800 विद्यार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। विद्यार्थी 10 अक्तूबर तक आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत विद्यार्थियों को अपने आसपास दिखाई देने वाली समस्याओं के समाधान के लिए नए वैज्ञानिक विचार सोचने और उन्हें मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
योजना में जिन विद्यार्थियों के आइडिया चयनित किए जाते हैं, उन्हें अपने विचार को मॉडल का रूप देने के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। जिले में इस बार 1,800 विद्यार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले अब तक 700 विद्यार्थी आवेदन करवा चुके हैं। लक्ष्य पूरा करने के लिए 1,100 और विद्यार्थियों का पंजीकरण किया जाना है। आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक आने पर विभाग ने इस पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है।
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योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना है। विद्यार्थियों को अपने आसपास दिखाई देने वाली समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान के लिए नए विचार प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विज्ञान विषय में रुचि रखने वाले और अपने आसपास की समस्याओं को नए तरीके से देखने वाले विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।
वैज्ञानिक सोच का विकास जरूरी
शिक्षाविद सेवानिवृत्त प्राचार्य गोबिंद सिंह भाटिया, मोहम्मद सलीम, सर्वोदय गोयल ने कहा कि विद्यार्थियों में बचपन से ही वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करना जरूरी है। कई बार विद्यार्थियों के मन में ऐसे विचार आते हैं, जो सामान्य नजरिए से छोटे लगते हैं, लेकिन उनमें किसी बड़ी समस्या के समाधान की संभावना होती है। ऐसे विचारों को पहचानकर उन्हें मंच उपलब्ध करवाना जरूरी है। इंस्पायर मानक अवॉर्ड विद्यार्थियों को सवाल पूछने, प्रयोग करने और समस्याओं का वैज्ञानिक तरीके से समाधान तलाशने के लिए प्रेरित करता है।
इंस्पायर मानक अवॉर्ड योजना में चयनित विद्यार्थियों को मॉडल बनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। आवेदन के लिए विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है। - विशाल सिंघल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ।
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जगाधरी। विद्यार्थियों के मन में आने वाला कोई नया विचार सिर्फ कल्पना बनकर न रह जाए, बल्कि वह किसी सामाजिक या रोजमर्रा की समस्या का समाधान करने वाला उपयोगी नवाचार बने, इसके लिए इंस्पायर मानक अवॉर्ड विद्यार्थियों को बड़ा मंच उपलब्ध करवा रहा है। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से इंस्पायर मानक अवॉर्ड के स्कूलों से आवेदन मांगे गए हैं।
जिले के राजकीय व निजी स्कूलों के करीब 700 विद्यार्थी इसके लिए अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। वहीं, इस बार विभाग की ओर से जिलेभर से 1,800 विद्यार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। विद्यार्थी 10 अक्तूबर तक आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत विद्यार्थियों को अपने आसपास दिखाई देने वाली समस्याओं के समाधान के लिए नए वैज्ञानिक विचार सोचने और उन्हें मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
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योजना में जिन विद्यार्थियों के आइडिया चयनित किए जाते हैं, उन्हें अपने विचार को मॉडल का रूप देने के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। जिले में इस बार 1,800 विद्यार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले अब तक 700 विद्यार्थी आवेदन करवा चुके हैं। लक्ष्य पूरा करने के लिए 1,100 और विद्यार्थियों का पंजीकरण किया जाना है। आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक आने पर विभाग ने इस पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है।
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योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना है। विद्यार्थियों को अपने आसपास दिखाई देने वाली समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान के लिए नए विचार प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विज्ञान विषय में रुचि रखने वाले और अपने आसपास की समस्याओं को नए तरीके से देखने वाले विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।
वैज्ञानिक सोच का विकास जरूरी
शिक्षाविद सेवानिवृत्त प्राचार्य गोबिंद सिंह भाटिया, मोहम्मद सलीम, सर्वोदय गोयल ने कहा कि विद्यार्थियों में बचपन से ही वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करना जरूरी है। कई बार विद्यार्थियों के मन में ऐसे विचार आते हैं, जो सामान्य नजरिए से छोटे लगते हैं, लेकिन उनमें किसी बड़ी समस्या के समाधान की संभावना होती है। ऐसे विचारों को पहचानकर उन्हें मंच उपलब्ध करवाना जरूरी है। इंस्पायर मानक अवॉर्ड विद्यार्थियों को सवाल पूछने, प्रयोग करने और समस्याओं का वैज्ञानिक तरीके से समाधान तलाशने के लिए प्रेरित करता है।
इंस्पायर मानक अवॉर्ड योजना में चयनित विद्यार्थियों को मॉडल बनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। आवेदन के लिए विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है। - विशाल सिंघल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ।