फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   The dust of straw is increasing the problems of asthma patients

Yamuna Nagar News: दमा रोगियों की परेशानी बढ़ा रहा भूसे का गुबार

Sun, 28 Apr 2024 04:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 28 Apr 2024 04:38 AM IST
विज्ञापन
The dust of straw is increasing the problems of asthma patients
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। जिले में करीब 20 दिनों से गेहूं फसल की कटाई हो रही है। फसल कटाई की प्रक्रिया दमा व टीबी के रोगियों के लिए नुकसान देने वाली हैं। वातावरण में धूल, भूसा के अत्यधिक महीन कण श्वास के जरिए फेफड़ों तक पहुंच कर मरीजों की दिक्कत बढ़ा रहे हैं। वगीं आंखों में एलर्जी, लालिमा, खुजली के रोगी भी तेजी से अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। पहले सांस लेने में दिक्कत होने पर प्राइवेट व सिविल अस्पताल में रोजाना 35 से 40 मरीज ही पहुंचते थे, वहीं अब इनकी संख्या 100 के पार पहुंच गई है।
जिले में इस बार गेहूं का रकबा 90 हजार हेक्टेयर था। इसमें से 90 प्रतिशत गेहूं कंबाइन मशीन से तो बाकी कटाई हाथों से की जा रही है। कटाई के बाद गेहूं को हडंबा मशीन से निकाला जाता है। इसके साथ ही भूसे के जो महीन कण होते हैं वह हवा में मिल जाते हैं। हवा का रूख जिस तरफ होता है भूसे के कण उसी तरफ आबादी में में पहुंच जाते हैं।
विज्ञापन

इस वक्त चारों तरफ गेहूं की कटाई हो रही है इसलिए शहर से लेकर हर गांव में लोग हवा में मौजूद भूसे के कणों से परेशान हैं। हडंबा मशीन न चले तो पशु चारे का संकट हो जाता है। हालांकि जो गेहूं कंबाइन मशीन से काटी गई है, उसके फानों को स्ट्रा रीपर की मदद से काट कर भूसा बनाया जा रहा है। स्ट्रा रीपर से जब फाने कटते हैं तो इससे भी भूसे के महीण कण उड़ कर हवा में मिल जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेवजह घर से बाहर न निकलें : डॉ. सचिन
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के डॉ. सचिन ने बताया कि वातावरण में धूल, भूसा के अत्यधिक महीन कण श्वास के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं। इससे दमा रोगियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। जरूरी है कि जो लोग उक्त बीमारियों से ग्रस्त हैं वह अभी कुछ दिन बेवजह घर से बाहर न निकलें। गांवों में लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। गांवों में ही फसल कटाई के दौरान भूसे का असर ज्यादा देखने को मिलता है। भूसे के कण इतने बारीक होते हैं कि वह दिखाई भी नहीं देते और सांस से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। जिन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ऐसे रोगी ओपीडी में पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि अभी कुछ दिन मास्क जरूर लगाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed