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Yamuna Nagar News: निरोगी हरियाणा योजना पर लापरवाही का रोग
Tue, 10 Dec 2024 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 10 Dec 2024 12:50 AM IST
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राजेश कुमार
यमुनानगर। निरोगी हरियाणा योजना सुस्त रफ्तार से चल रही है। दो साल में बाद भी स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के सभी जिलों में 52.01 प्रतिशत लोगों की जांच ही कर पाया है। दो साल में आधी आबादी की जांच योजना में की जा रही लापरवाही बयां कर रही है।
लोगों का स्वास्थ्य जांचने में पंचकूला सबसे आगे है। पंचकूला में 86.16 प्रतिशत लोगों की जांच की जा चुकी है। पलवल व कुरुक्षेत्र इस दौड़ में सबसे पीछे हैं। पलवल में सबसे कम 36.15 प्रतिशत और कुरुक्षेत्र में 38.85 प्रतिशत लोगों की जांच का काम ही पूरा हो पाया है। वहीं इस तालिका में यमुनानगर 10वें स्थान पर है। दो माह पहले तक यमुनानगर नौवें नंबर पर था, जो अब एक पायदान और नीचे गिर गया है।
दो साल पहले जब निरोगी योजना की शुरुआत हुई थी तो प्रदेश में 15967237 लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने का लक्षण रखा गया था। जिसमें से अब तक 8303932 लोगों की ही जांच हो पाई है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि 753488 लोग किसी न किसी बीमारी से जकड़े हुए हैं।
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इनमें सबसे ज्यादा 269636 लोगों में खून की कमी, 111761 लोग उच्च रक्तचाप, 87870 शुगर, 3195 लोग टीबी, 6384 बच्चे कुपोषित, 1549 बच्चे जन्म के समय कम वजन के, 949 लोग कैंसर, 5992 ह्रदय रोगी, 582 लोग आघात व 265770 लोग अन्य बीमारियों के मिले हैं। इनमें से 75175 लोगों पीजीआई या अन्य मेडिकल कॉलेज में रेफर करना पड़ा।
यमुनानगर की बात करें तो यहां 796454 में से 421607 लोगों की ही जांच हो पाई है। इनमें से एनीमिया के 7176, कम वजन के 533 बच्चे, शुगर के 3023, टीबी के 7, उच्च रक्तचाप के 3941, ह्रदय संबंधी रोग के 46 व अन्य बीमारियों के 9501 मरीज मिले हैं। इनमें से 12 मरीजों को रेफर भी करना पड़ा। यमुनानगर में 52.94 प्रतिशत लोगों की जांच पूरी हो चुकी है। जिन परिवारों की सालाना आय एक लाख 80 हजार रुपये है वह निरोगी हरियाणा योजना के दायरे में आते हैं। अंत्योदय लाभार्थी को 0-6 माह, 06 माह से 05 साल, 05 से 18 साल, 18-40 साल, 40 से 60 साल व 60 साल से अधिक छह आयु श्रेणियों में बांटा गया है। आयु के अनुरूप शारीरिक जांच के अलावा 25 से ज्यादा निशुल्क परीक्षण करने का प्रावधान है।
योजना का उद्देश्य इन परिवारों के लोगों की स्वास्थ्य की जांच कर बीमारियों का पता उनका समय रहते उपचार करना है।
निरोगी हरियाणा योजना दो साल से कछुआ गति से चल रही है। इस योजना के पिछड़ने की जो सबसे बड़ी वजह सामने आई है वह लोगों द्वारा स्वास्थ्य की जांच कराने के लिए आगे नहीं आना है। जो लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं, वही अपनी जांच कराने के लिए आगे नहीं आ रहे। संवाद
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यमुनानगर। निरोगी हरियाणा योजना सुस्त रफ्तार से चल रही है। दो साल में बाद भी स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के सभी जिलों में 52.01 प्रतिशत लोगों की जांच ही कर पाया है। दो साल में आधी आबादी की जांच योजना में की जा रही लापरवाही बयां कर रही है।
लोगों का स्वास्थ्य जांचने में पंचकूला सबसे आगे है। पंचकूला में 86.16 प्रतिशत लोगों की जांच की जा चुकी है। पलवल व कुरुक्षेत्र इस दौड़ में सबसे पीछे हैं। पलवल में सबसे कम 36.15 प्रतिशत और कुरुक्षेत्र में 38.85 प्रतिशत लोगों की जांच का काम ही पूरा हो पाया है। वहीं इस तालिका में यमुनानगर 10वें स्थान पर है। दो माह पहले तक यमुनानगर नौवें नंबर पर था, जो अब एक पायदान और नीचे गिर गया है।
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दो साल पहले जब निरोगी योजना की शुरुआत हुई थी तो प्रदेश में 15967237 लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने का लक्षण रखा गया था। जिसमें से अब तक 8303932 लोगों की ही जांच हो पाई है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि 753488 लोग किसी न किसी बीमारी से जकड़े हुए हैं।
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इनमें सबसे ज्यादा 269636 लोगों में खून की कमी, 111761 लोग उच्च रक्तचाप, 87870 शुगर, 3195 लोग टीबी, 6384 बच्चे कुपोषित, 1549 बच्चे जन्म के समय कम वजन के, 949 लोग कैंसर, 5992 ह्रदय रोगी, 582 लोग आघात व 265770 लोग अन्य बीमारियों के मिले हैं। इनमें से 75175 लोगों पीजीआई या अन्य मेडिकल कॉलेज में रेफर करना पड़ा।
यमुनानगर की बात करें तो यहां 796454 में से 421607 लोगों की ही जांच हो पाई है। इनमें से एनीमिया के 7176, कम वजन के 533 बच्चे, शुगर के 3023, टीबी के 7, उच्च रक्तचाप के 3941, ह्रदय संबंधी रोग के 46 व अन्य बीमारियों के 9501 मरीज मिले हैं। इनमें से 12 मरीजों को रेफर भी करना पड़ा। यमुनानगर में 52.94 प्रतिशत लोगों की जांच पूरी हो चुकी है। जिन परिवारों की सालाना आय एक लाख 80 हजार रुपये है वह निरोगी हरियाणा योजना के दायरे में आते हैं। अंत्योदय लाभार्थी को 0-6 माह, 06 माह से 05 साल, 05 से 18 साल, 18-40 साल, 40 से 60 साल व 60 साल से अधिक छह आयु श्रेणियों में बांटा गया है। आयु के अनुरूप शारीरिक जांच के अलावा 25 से ज्यादा निशुल्क परीक्षण करने का प्रावधान है।
योजना का उद्देश्य इन परिवारों के लोगों की स्वास्थ्य की जांच कर बीमारियों का पता उनका समय रहते उपचार करना है।
निरोगी हरियाणा योजना दो साल से कछुआ गति से चल रही है। इस योजना के पिछड़ने की जो सबसे बड़ी वजह सामने आई है वह लोगों द्वारा स्वास्थ्य की जांच कराने के लिए आगे नहीं आना है। जो लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं, वही अपनी जांच कराने के लिए आगे नहीं आ रहे। संवाद