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Yamuna Nagar News: श्रद्धालुओं ने गोगा मेड़ी पर माथा टेक मांगी मुराद
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जाहरवीर गोगा जी की महिमा का गुणगान करते कलाकार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। शहर के ऐतिहासिक जाहरवीर गोगा मेड़ी मेले का रविवार को समापन हो गया। आठ दिवसीय मेले के अंतिम दिन लगभग तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका। श्रद्धालुओं ने गोगा मेड़ी पर लाइनों में लग कर प्रसाद चढ़ाया और मुराद मांगी। मेले में अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने झूलों का आनंद लिया।
दुकानदारों ने बताया कि मेले में पिछले पांच दिनों से अच्छी संख्या में लोग पहुंचे। जिससे उनके सामान की बिक्री अच्छी हुई है। प्रसाद के दुकानदारों ने बताया कि पहले मेले में आठ दिन तक पांव रखने की जगह नहीं होती थी, लेकिन जब से बच्चों व बड़ों को मोबाइल की लत लगी है, तब से मेले में युवाओं ने रुचि लेनी बंद कर दी है।
युवा भीड़ की जगह पर जाने से परहेज करते हैं। मेले में प्रसाद बांटने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रही। इस दौरान मेले में आए कलाकारों ने गोगा जी, सबल सिंह बोरी, माता मदादन की महिमा का गुणगान किया। मेले में लोगों के लिए आधुनिक झूले लगाए गए है। बच्चों के लिए झूलों का विशेष प्रबंध किया गया है।
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गोगा मेड़ी के पुजारी अनिल कश्यप, बाबू कश्यप, तरूण, दिनेश ने बताया कि जाहरवीर गोगा मेड़ी मेला ऐतिहासिक है। मेले में हजारों लोग प्रसाद चढ़ाकर मेले का आनंद उठाते हैं। मेले की शान पवित्र छड़ी निशान होती है। श्रद्धालुओं की मुरादें पूरी होने पर पवित्र छड़ी निशान चढ़ाया जाता है।
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रादौर। शहर के ऐतिहासिक जाहरवीर गोगा मेड़ी मेले का रविवार को समापन हो गया। आठ दिवसीय मेले के अंतिम दिन लगभग तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका। श्रद्धालुओं ने गोगा मेड़ी पर लाइनों में लग कर प्रसाद चढ़ाया और मुराद मांगी। मेले में अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने झूलों का आनंद लिया।
दुकानदारों ने बताया कि मेले में पिछले पांच दिनों से अच्छी संख्या में लोग पहुंचे। जिससे उनके सामान की बिक्री अच्छी हुई है। प्रसाद के दुकानदारों ने बताया कि पहले मेले में आठ दिन तक पांव रखने की जगह नहीं होती थी, लेकिन जब से बच्चों व बड़ों को मोबाइल की लत लगी है, तब से मेले में युवाओं ने रुचि लेनी बंद कर दी है।
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युवा भीड़ की जगह पर जाने से परहेज करते हैं। मेले में प्रसाद बांटने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रही। इस दौरान मेले में आए कलाकारों ने गोगा जी, सबल सिंह बोरी, माता मदादन की महिमा का गुणगान किया। मेले में लोगों के लिए आधुनिक झूले लगाए गए है। बच्चों के लिए झूलों का विशेष प्रबंध किया गया है।
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गोगा मेड़ी के पुजारी अनिल कश्यप, बाबू कश्यप, तरूण, दिनेश ने बताया कि जाहरवीर गोगा मेड़ी मेला ऐतिहासिक है। मेले में हजारों लोग प्रसाद चढ़ाकर मेले का आनंद उठाते हैं। मेले की शान पवित्र छड़ी निशान होती है। श्रद्धालुओं की मुरादें पूरी होने पर पवित्र छड़ी निशान चढ़ाया जाता है।

जाहरवीर गोगा जी की महिमा का गुणगान करते कलाकार। संवाद