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Yamuna Nagar News: निगम को जमीन की निशानदेही करने के लिए नहीं मिल रही एजेंसी

Mon, 12 Oct 2026 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 12 Oct 2026 01:57 AM IST
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The corporation is unable to find an agency to demarcate the land
शहर में बसी कॉलोनियां। आर्काइव - फोटो : Samvad
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। नगर निगम अब तक अपनी पूरी जमीन का रिकॉर्ड तैयार नहीं कर पाया है। जमीनों की निशानदेही कराने के लिए निगम छह बार निविदा जारी कर चुका है, लेकिन हर बार एजेंसियों ने आवेदन करने से हाथ पीछे खींच लिए।
एजेंसी नहीं मिलने के कारण जमीनों की सही स्थिति और सीमाएं तय करने का काम अटका हुआ है। इसका खामियाजा निगम को भुगतना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सरकारी जमीन पर कब्जे और अतिक्रमण होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। नगर निगम के गठन के समय 42 गांवों को भी इसमें शामिल किया गया था।
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इन गांवों में पहले ग्राम पंचायतें होती थीं और उनके पास गांवों के विकास के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध थी। पंचायतें इस जमीन की नीलामी कराकर उससे मिलने वाली राशि को विकास कार्यों पर खर्च करती थीं। निगम बनने के बाद इन 42 गांवों की कई हजार एकड़ जमीन भी निगम के अधीन आ गई।
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इसके बाद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पंचायतों से कुल कितनी जमीन निगम को हस्तांतरित हुई थी। तालाबों सहित विभिन्न स्थानों पर स्थित जमीन का पूरा ब्योरा तैयार नहीं होने से संपत्ति की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पार्षद श्याम लाल, प्रियांक शर्मा, जयंत स्वामी और विक्रम राणा ने मांग की है कि निगम की सभी जमीनों की पहले निशानदेही कराई जाए।
निशानदेही के बाद जमीन की सीमाएं निर्धारित कर वहां पत्थर या पोल लगाए जाएं और कंटीली तार से तारबंदी की जाए। इससे सरकारी संपत्ति पर नए कब्जे रोकने में मदद मिलेगी। पार्षदों का कहना है कि जमीन का रिकॉर्ड स्पष्ट होने और सीमाएं तय होने से निगम की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने कहा कि नगर निगम की जमीन सार्वजनिक संपत्ति है और इसकी सुरक्षा करना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निशानदेही और निरीक्षण के दौरान जहां भी अनधिकृत कब्जा या अवैध अतिक्रमण मिलेगा, उसकी पहचान कर कानून के अनुसार उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी की भी तलाश की जा रही है ताकि जल्द-से-जल्द सारी जमीन की पैमाइश हो सके।

कब्जे वाली जमीनों को मुक्त कराने की तैयारी
निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के मुताबिक कब्जे से जमीनों को मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम की ओर से शहर में सरकारी जमीनों पर हुए कब्जों की सूची तैयार करवाई जा रही है। अधिकारियों को जमीनों की निशानदेही कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत सहायक नगर योजनाकार और पटवारी विभिन्न क्षेत्रों में निगम की जमीनों की पैमाइश करेंगे। इसके बाद कब्जों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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