{"_id":"62192bdc433a6865ba63fe98","slug":"the-corporation-is-forming-a-special-team-to-get-rid-of-the-traffic-jam-on-the-roads-of-the-city-due-to-encroachment-yamuna-nagar-news-knl1001532113","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिक्रमण से शहर की सड़कों पर लग रहा जाम, निजात दिलाने के लिए निगम बना रहा विशेष टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिक्रमण से शहर की सड़कों पर लग रहा जाम, निजात दिलाने के लिए निगम बना रहा विशेष टीम
विज्ञापन
यमुनानगर। शहर की सड़कों पर अतिक्रमण से आमजन का चलना दूभर हो गया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहरवासियों को अतिक्रमण के चलते तीन किमी की दूरी तय करने में 30 मिनट का समय लग जाता है। दुकानों का सामान सड़क के किनारे पहुंच गया है। सामान के आगे सड़क पर रेहड़ियां और वाहन खड़े रहते हैं। जो थोड़ी सड़क बची है उस पर जाम लगा रहता है। इनमें से रेंगते हुए लोग और वाहन आगे बढ़ते हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम जेसीबी चलाएगी। इसके लिए विशेष टीम का गठन किया जाएगा।
दुकानों और सड़कों से अतिक्रमण हटवाने का जिम्मा निगम के डिप्टी म्यूनिसिपल काउंसलर विनोद नेहरा को सौंपा गया है। उनके नेतृत्व में टीम अतिक्रमण हटाएगी। अतिक्रमण हटाने के लिए जो टीम बनेगी उसमें करीब 50 कर्मचारी होंगे। इसके अलावा होमगार्ड के करीब 30 जवान होंगे। टीम में बेलदार व निगम कर्मचारी भी रहेंगे। पहली बार होमगार्ड को अतिक्रमण हटाने की टीम में शामिल किया जा रहा है। होमगार्ड उपलब्ध कराने के लिए निगम की तरफ से पत्र लिखा गया है। मार्च माह में जब टीम तैयार हो जाएगी तो शहर की सड़कों से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू होगा।
दुकानदारों ने अपना सामान सड़क से 15 फुट आगे तक रखा हुआ है। इस कारण राहगीरों को फुटपाथ की बजाय सड़क पर चलना पड़ रहा है। सड़क पर रेहड़ी वाले सामान बेच रहे हैं। इतना ही नहीं जो लोग बाजार में सामान खरीदने आते हैं वह अपना वाहन सड़क पर ही खड़ा करके चले जाते हैं। सड़क की एक लेन पर अतिक्रमण है। जो सड़क बचती है उस पर ऑटो खड़े रहते हैं। सड़क हर समय जाम रहता है। मात्र तीन किलोमीटर की सड़क को पार करने में ही लोगों को 25 से 30 मिनट लग जाते हैं।
विज्ञापन
नगर निगम के अधिकारी अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीर नहीं है। महीनों तक अतिक्रमण नहीं हटाया जाता। जिस कारण लोगों व दुकानदारों के हौसले बुलंद रहते हैं। यदि अधिकारी अतिक्रमण हटाते हुए उनका सामान कब्जे में लेते हैं तो नेता व जानकार अधिकारी निगम में फोन करके दुकानदारों का सामान छोड़ने को दबाव बनाते हैं। नेताओं के दबाव में टीम को सामान छोड़ना पड़ता है। यही वजह है कि निगम बनने के 12 साल बाद भी शहर को अतिक्रमण से मुक्ति नहीं मिल पाई है।
इन स्थानों पर है सर्वाधिक अतिक्रमण
यमुनानगर शहर में नजर डालें तो सिविल अस्पताल के पास, रामपुरा, मधु चौक, प्यारा चौक से लेकर भगत सिंह चौक, नगर निगम कार्यालय के सामने, मुल्तानी फास्ट फूड के सामने, जेपी अस्पताल, न्यू मार्केट, रेलवे स्टेशन चौक, पुराना रादौर रोड, वर्कशाप रोड पर मीरा बाजार के अंदर और सामने सड़क पर, रमेश फास्ट फूड के सामने, बस स्टैंड, महाराणा प्रताप चौक, आईटीआई चौक पर सर्वाधिक अतिक्रमण है। इसी तरह जगाधरी में सरस्वती स्कूल के साथ, स्वामी दयानंद चौक, बूड़िया चूंगी रोड, नगर निगम कार्यालय के सामने, खेड़ा बाजार, पत्थर वाला बाजार, छोटी लाइन समेत अन्य जगहों पर अतिक्रमण से शहरवासियों का जीना दूभर है।
विशेष टीम बनाकर हटाएंगे अतिक्रमण: विनोद नेहरा
नगर निगम के डीएमसी विनोद नेहरा ने बताया कि शहर से अतिक्रमण हटाने के लिए एक विशेष टीम बनाई जा रही है। जिसमें होमगार्ड, बेलदार व अन्य कर्मचारी होंगे। जैसे ही टीम पूरी होगी अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
दुकानों और सड़कों से अतिक्रमण हटवाने का जिम्मा निगम के डिप्टी म्यूनिसिपल काउंसलर विनोद नेहरा को सौंपा गया है। उनके नेतृत्व में टीम अतिक्रमण हटाएगी। अतिक्रमण हटाने के लिए जो टीम बनेगी उसमें करीब 50 कर्मचारी होंगे। इसके अलावा होमगार्ड के करीब 30 जवान होंगे। टीम में बेलदार व निगम कर्मचारी भी रहेंगे। पहली बार होमगार्ड को अतिक्रमण हटाने की टीम में शामिल किया जा रहा है। होमगार्ड उपलब्ध कराने के लिए निगम की तरफ से पत्र लिखा गया है। मार्च माह में जब टीम तैयार हो जाएगी तो शहर की सड़कों से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू होगा।
विज्ञापन
दुकानदारों ने अपना सामान सड़क से 15 फुट आगे तक रखा हुआ है। इस कारण राहगीरों को फुटपाथ की बजाय सड़क पर चलना पड़ रहा है। सड़क पर रेहड़ी वाले सामान बेच रहे हैं। इतना ही नहीं जो लोग बाजार में सामान खरीदने आते हैं वह अपना वाहन सड़क पर ही खड़ा करके चले जाते हैं। सड़क की एक लेन पर अतिक्रमण है। जो सड़क बचती है उस पर ऑटो खड़े रहते हैं। सड़क हर समय जाम रहता है। मात्र तीन किलोमीटर की सड़क को पार करने में ही लोगों को 25 से 30 मिनट लग जाते हैं।
विज्ञापन
नगर निगम के अधिकारी अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीर नहीं है। महीनों तक अतिक्रमण नहीं हटाया जाता। जिस कारण लोगों व दुकानदारों के हौसले बुलंद रहते हैं। यदि अधिकारी अतिक्रमण हटाते हुए उनका सामान कब्जे में लेते हैं तो नेता व जानकार अधिकारी निगम में फोन करके दुकानदारों का सामान छोड़ने को दबाव बनाते हैं। नेताओं के दबाव में टीम को सामान छोड़ना पड़ता है। यही वजह है कि निगम बनने के 12 साल बाद भी शहर को अतिक्रमण से मुक्ति नहीं मिल पाई है।
इन स्थानों पर है सर्वाधिक अतिक्रमण
यमुनानगर शहर में नजर डालें तो सिविल अस्पताल के पास, रामपुरा, मधु चौक, प्यारा चौक से लेकर भगत सिंह चौक, नगर निगम कार्यालय के सामने, मुल्तानी फास्ट फूड के सामने, जेपी अस्पताल, न्यू मार्केट, रेलवे स्टेशन चौक, पुराना रादौर रोड, वर्कशाप रोड पर मीरा बाजार के अंदर और सामने सड़क पर, रमेश फास्ट फूड के सामने, बस स्टैंड, महाराणा प्रताप चौक, आईटीआई चौक पर सर्वाधिक अतिक्रमण है। इसी तरह जगाधरी में सरस्वती स्कूल के साथ, स्वामी दयानंद चौक, बूड़िया चूंगी रोड, नगर निगम कार्यालय के सामने, खेड़ा बाजार, पत्थर वाला बाजार, छोटी लाइन समेत अन्य जगहों पर अतिक्रमण से शहरवासियों का जीना दूभर है।
विशेष टीम बनाकर हटाएंगे अतिक्रमण: विनोद नेहरा
नगर निगम के डीएमसी विनोद नेहरा ने बताया कि शहर से अतिक्रमण हटाने के लिए एक विशेष टीम बनाई जा रही है। जिसमें होमगार्ड, बेलदार व अन्य कर्मचारी होंगे। जैसे ही टीम पूरी होगी अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया जाएगा।