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Yamuna Nagar News: दिवाली से पहले खराब होने लगी शहर की आबोहवा
Thu, 26 Oct 2023 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 26 Oct 2023 02:01 AM IST
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यमुनानगर। दिवाली से पहले ही शहर की आबोहवा खराब होने लगी है। हालांकि अभी प्रदूषण का स्तर सामान्य है। परंतु जिस तरह से इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है, माना जा रहा है कि दिवाली तक यह बेहद खराब श्रेणी तक पहुंच जाएगा। क्योंकि दिवाली से पहले ही जिले में आतिशबाजी होने लगती है। रही सही कसर शहर में जगह-जगह जल रहे कचरे ने पूरी कर रखी है। दिन में ही कचरे में आग लगी हुई देखी जा रही है।
एक दिन पहले दशहरे पर भी कई जगह जमकर आतिशबाजी हुई। मंगलवार को शहर का एक्यूआई 171 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। गत वर्ष दशहरा पांच अक्तूबर को था। उस दिन शहर का एक्यूआई 181 माइक्रोग्राम था। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। इसके अलावा आंखों में जलन भी महसूस हो रही है। अभी से यह हाल है तो आने वाले दिनों में तब क्या होगा। प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई प्रयास नहीं किया जा रहा।
शहर में कहीं कचरे में आग लगाई जा रही है तो कहीं अन्य चीजों में। शहर में हर साल तापमान कम होने के साथ ही प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगता है। वहीं माइनिंग जोन से आने वाले रेत से भरे ट्रक शहर के बीचोबीच होकर निकलते हैं। ट्रक व डंपरों में भरा हुआ रेत सड़कों किनारे बिखरता चला जाता है। जब कोई वाहन तेज गति से निकलता है तो रेत के करण भी धूल के साथ हवा में मिल जाते हैं। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इसके अलावा फैक्टरियों की चिमनी से निकल रहा धुआं भी प्रदूषण बढ़ा रहा है।
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ये है हवा में शुद्धता की मात्रा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक हवा में शुद्धता की मात्रा जांचने के लिए पर्टिक्यूलेट मैटर (बारीक व हैवी कणों की मात्रा) की जांच की जाती है। हवा में पर्टिक्यूलेट मैटर (पीएम) 2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होनी चाहिए, जबकि पीएम 10 की मात्रा 100 माइक्रोग्राम होनी चाहिए। इसके अलावा सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा 80 माइक्रोग्राम प्रति मीट्रिक घन चाहिए। इसके अलावा नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा 80 माइक्रोग्राम निर्धारित है। अगर हवा में कणों की मात्रा उक्त मानकों से ज्यादा है, तो वह प्रदूषण की श्रेणी में आएगी।
प्रदूषण के हिसाब से एक्यूआई का स्तर
0 से 100 - अच्छा
101 -200 - सामान्य
201-300- खराब
301-400 - बहुत खराब
401-500- बहुत ज्यादा खतरनाक
पिछले 10 दिनों में शहर का एक्यूआई:
तारीख एक्यूआई
16 111
17 65
18 81
19 64
20 92
21 128
22 155
23 189
24 171
25 157
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एक दिन पहले दशहरे पर भी कई जगह जमकर आतिशबाजी हुई। मंगलवार को शहर का एक्यूआई 171 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। गत वर्ष दशहरा पांच अक्तूबर को था। उस दिन शहर का एक्यूआई 181 माइक्रोग्राम था। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। इसके अलावा आंखों में जलन भी महसूस हो रही है। अभी से यह हाल है तो आने वाले दिनों में तब क्या होगा। प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई प्रयास नहीं किया जा रहा।
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शहर में कहीं कचरे में आग लगाई जा रही है तो कहीं अन्य चीजों में। शहर में हर साल तापमान कम होने के साथ ही प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगता है। वहीं माइनिंग जोन से आने वाले रेत से भरे ट्रक शहर के बीचोबीच होकर निकलते हैं। ट्रक व डंपरों में भरा हुआ रेत सड़कों किनारे बिखरता चला जाता है। जब कोई वाहन तेज गति से निकलता है तो रेत के करण भी धूल के साथ हवा में मिल जाते हैं। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इसके अलावा फैक्टरियों की चिमनी से निकल रहा धुआं भी प्रदूषण बढ़ा रहा है।
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ये है हवा में शुद्धता की मात्रा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक हवा में शुद्धता की मात्रा जांचने के लिए पर्टिक्यूलेट मैटर (बारीक व हैवी कणों की मात्रा) की जांच की जाती है। हवा में पर्टिक्यूलेट मैटर (पीएम) 2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होनी चाहिए, जबकि पीएम 10 की मात्रा 100 माइक्रोग्राम होनी चाहिए। इसके अलावा सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा 80 माइक्रोग्राम प्रति मीट्रिक घन चाहिए। इसके अलावा नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा 80 माइक्रोग्राम निर्धारित है। अगर हवा में कणों की मात्रा उक्त मानकों से ज्यादा है, तो वह प्रदूषण की श्रेणी में आएगी।
प्रदूषण के हिसाब से एक्यूआई का स्तर
0 से 100 - अच्छा
101 -200 - सामान्य
201-300- खराब
301-400 - बहुत खराब
401-500- बहुत ज्यादा खतरनाक
पिछले 10 दिनों में शहर का एक्यूआई:
तारीख एक्यूआई
16 111
17 65
18 81
19 64
20 92
21 128
22 155
23 189
24 171
25 157