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Yamuna Nagar News: भाई और भतीजे पर 60 लाख की एफडी हड़पने का आरोप
Fri, 16 Jan 2026 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सगे भाई और भतीजे पर पैतृक संपत्ति और करीब 60 लाख रुपये की एफडी हड़पने का आरोप लगा है। रादौर थाना पुलिस ने कुरुक्षेत्र निवासी सुरेश चंद्र कांबोज की शिकायत पर भाई और भतीजे के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत में सुरेश चंद्र ने बताया कि वह वर्ष 2013 में सरकारी वकील के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके पिता स्वर्गीय प्रेमचंद ने अपने जीवनकाल में वर्ष 2006 में अपनी चल-अचल संपत्ति की रजिस्टर्ड वसीयत तैयार करवाई थी, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति दोनों बेटों सुरेश चंद्र और रमेश चंद्र के नाम समान रूप से दर्ज की थी। खेतीबाड़ी की जमीन दोनों भाइयों में आपसी सहमति से बांट दी गई थी और वह अपने हिस्से की जमीन गांव में ठेके पर देता रहा।
सितंबर 2022 में पिता की मृत्यु के बाद उसके भाई रमेश चंद्र और उसके बेटे गगन ने साजिश रचकर पिता से संबंधित असल वसीयत, बैंक पासबुक और एफडीआर अपने कब्जे में ले ली। आरोप है कि रजिस्टर्ड वसीयत के अनुसार इंतकाल कराने के बजाय आरोपियों ने बदनीयती से विरासत के आधार पर तीन हिस्सों में इंतकाल करवा दिया, जिसमें एक हिस्सा बहन के नाम भी दर्शा दिया गया।
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बहन कमलेश ने लिखित और मौखिक रूप से इस संपत्ति पर किसी भी प्रकार का दावा न होने की बात कही है, इसके बावजूद उसे जानबूझकर वारिस दिखाया गया। इसके साथ ही बैंक की एक एफडी में बहनोई सुरेंद्र कुमार को नामिनी बनवाया गया, जबकि बहनोई ने भी एफडी से किसी प्रकार का संबंध न होने और नामिनी हटाने के लिए तैयार होने की बात कही है।
सुरेश चंद्र ने आरोप लगाया कि करीब 60 लाख रुपये की एफडी राशि बैंक से निकलवा कर आरोपी अपने पास रखे हैं, जबकि रजिस्टर्ड वसीयत के अनुसार इस राशि में दोनों भाइयों का बराबर हिस्सा बनता है। जब वह अपने हिस्से की संपत्ति की मांग को लेकर गांव अलाहर गए तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। जांच अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि सभी तथ्यों और दस्तावेजों की गहनता से छानबीन की जा रही है।
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यमुनानगर। सगे भाई और भतीजे पर पैतृक संपत्ति और करीब 60 लाख रुपये की एफडी हड़पने का आरोप लगा है। रादौर थाना पुलिस ने कुरुक्षेत्र निवासी सुरेश चंद्र कांबोज की शिकायत पर भाई और भतीजे के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत में सुरेश चंद्र ने बताया कि वह वर्ष 2013 में सरकारी वकील के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके पिता स्वर्गीय प्रेमचंद ने अपने जीवनकाल में वर्ष 2006 में अपनी चल-अचल संपत्ति की रजिस्टर्ड वसीयत तैयार करवाई थी, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति दोनों बेटों सुरेश चंद्र और रमेश चंद्र के नाम समान रूप से दर्ज की थी। खेतीबाड़ी की जमीन दोनों भाइयों में आपसी सहमति से बांट दी गई थी और वह अपने हिस्से की जमीन गांव में ठेके पर देता रहा।
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सितंबर 2022 में पिता की मृत्यु के बाद उसके भाई रमेश चंद्र और उसके बेटे गगन ने साजिश रचकर पिता से संबंधित असल वसीयत, बैंक पासबुक और एफडीआर अपने कब्जे में ले ली। आरोप है कि रजिस्टर्ड वसीयत के अनुसार इंतकाल कराने के बजाय आरोपियों ने बदनीयती से विरासत के आधार पर तीन हिस्सों में इंतकाल करवा दिया, जिसमें एक हिस्सा बहन के नाम भी दर्शा दिया गया।
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बहन कमलेश ने लिखित और मौखिक रूप से इस संपत्ति पर किसी भी प्रकार का दावा न होने की बात कही है, इसके बावजूद उसे जानबूझकर वारिस दिखाया गया। इसके साथ ही बैंक की एक एफडी में बहनोई सुरेंद्र कुमार को नामिनी बनवाया गया, जबकि बहनोई ने भी एफडी से किसी प्रकार का संबंध न होने और नामिनी हटाने के लिए तैयार होने की बात कही है।
सुरेश चंद्र ने आरोप लगाया कि करीब 60 लाख रुपये की एफडी राशि बैंक से निकलवा कर आरोपी अपने पास रखे हैं, जबकि रजिस्टर्ड वसीयत के अनुसार इस राशि में दोनों भाइयों का बराबर हिस्सा बनता है। जब वह अपने हिस्से की संपत्ति की मांग को लेकर गांव अलाहर गए तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। जांच अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि सभी तथ्यों और दस्तावेजों की गहनता से छानबीन की जा रही है।