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Yamuna Nagar News: रावण-अंगद संवाद का मंचन देख दर्शक रोमांचित
Wed, 09 Oct 2024 02:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 09 Oct 2024 02:42 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। पुरानी अनाज मंडी (जड़ौदा गेट) पर श्रीशारदा रामलीला ड्रामेटिक कमेटी की ओर से कराए जा रहे रामलीला मंचन में कलाकारों ने रावण-अंगद संवाद का मंचन किया। इस प्रसंग का मंचन देख दर्शक रोमांचित हो गए।
मंचन में दिखाया गया कि वानर सेना के सहयोग से पुल तैयार किया जाता है। पुल तैयार होने के बाद श्रीराम और वानर सेना लंका में पहुंच जाते हैं। युद्ध प्रारंभ करने से पूर्व अंगद जी को दूत के तौर पर रावण के दरबार में भेजा जाता है। अंगद रावण के दरबार में पहुंच जाता है और रावण से कहता है कि ऐसा कृत्य न करें, पर अभिमानी रावण नहीं मानता।
तभी अंगद रावण से कहता है कि मैं तेरे दरबार में अपना पैर जमाता हूं, जिसे कोई हिलाकर दिखाए। लेकिन रावण का कोई भी योद्धा अंगद का पैर नहीं हिला पाता, तभी रावण उसका पैर उखाड़ने के लिए खड़ा होता है तो अंगद कहता है कि यदि पैर पकड़ना है तो प्रभु श्री राम के पकड़, मेरे पैर पकड़ने से तेरा उद्धार नहीं होगा।
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जगाधरी। पुरानी अनाज मंडी (जड़ौदा गेट) पर श्रीशारदा रामलीला ड्रामेटिक कमेटी की ओर से कराए जा रहे रामलीला मंचन में कलाकारों ने रावण-अंगद संवाद का मंचन किया। इस प्रसंग का मंचन देख दर्शक रोमांचित हो गए।
मंचन में दिखाया गया कि वानर सेना के सहयोग से पुल तैयार किया जाता है। पुल तैयार होने के बाद श्रीराम और वानर सेना लंका में पहुंच जाते हैं। युद्ध प्रारंभ करने से पूर्व अंगद जी को दूत के तौर पर रावण के दरबार में भेजा जाता है। अंगद रावण के दरबार में पहुंच जाता है और रावण से कहता है कि ऐसा कृत्य न करें, पर अभिमानी रावण नहीं मानता।
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तभी अंगद रावण से कहता है कि मैं तेरे दरबार में अपना पैर जमाता हूं, जिसे कोई हिलाकर दिखाए। लेकिन रावण का कोई भी योद्धा अंगद का पैर नहीं हिला पाता, तभी रावण उसका पैर उखाड़ने के लिए खड़ा होता है तो अंगद कहता है कि यदि पैर पकड़ना है तो प्रभु श्री राम के पकड़, मेरे पैर पकड़ने से तेरा उद्धार नहीं होगा।
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