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Yamuna Nagar News: श्रीराम जन्मोत्सव पर दर्शकों ने मनाई खुशी
Fri, 04 Oct 2024 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 04 Oct 2024 02:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। मनोकामना मंदिर के मैदान में सनातन धर्म सभा एवं श्री शिव शक्ति रामलीला क्लब द्वारा आयोजित रामलीला में श्रीराम जन्म व ताड़का वध के प्रसंगों का मंचन हुआ। श्रीराम जन्मोत्सव पर दर्शकों ने नाच झूमकर खुशी मनाई।
राम जन्म के प्रसंग में मंचन किया गया कि रावण के अत्याचारों से पूरी सृष्टि त्रस्त है। इस दौरान महर्षि वशिष्ठ राजा दशरथ की पुत्र कामना पर पुत्रेष्टि यज्ञ करते हैं। यज्ञ के प्रसाद के तौर पर राजा दशरथ को खीर देकर अपनी रानियों को खिलाने के लिए कहा जाता है। खीर का प्रसाद खाने के बाद दशरथ की रानियां राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न को जन्म देती हैं। पुत्रों के जन्म का समाचार मिलते ही राजा दशरथ अयोध्या में खुशियां मनाने के आदेश देते हैं।
वहीं राम जन्म की खुशी में रामलीला के पंडाल में उपस्थित दर्शकों को लड्डू का प्रशाद वितरित किया जाता है। ताड़का वध प्रसंग के मंचन के दौरान दिखाया गया कि वन में असुरों के अत्याचार से त्रस्त महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ से राम व लक्ष्मण को मांगने जाते हैं। गुरु वशिष्ठ के आश्रम में विद्या ग्रहण कर श्रीराम व लक्ष्मण महर्षि विश्वामित्र के साथ वन में जाते हैं।
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वहां पर यजमान की रक्षा के लिए हुए संग्राम में सुभाऊ, मारीच सहित सैकड़ों राक्षसों का संहार करने के अलावा ताड़का को मारकर महर्षि के यज्ञ की रक्षा करते हैं। इस अवसर पर क्लब के निर्देशक भागीरथ राम सैनी, प्रधान धर्मपाल सैनी, प्रधान सुधीर गर्ग, मंगत राम सैनी, वीरेंद्र गर्ग, राजू सैनी, जयगोपाल व गगन गोयल उपस्थित रहे।
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साढौरा। मनोकामना मंदिर के मैदान में सनातन धर्म सभा एवं श्री शिव शक्ति रामलीला क्लब द्वारा आयोजित रामलीला में श्रीराम जन्म व ताड़का वध के प्रसंगों का मंचन हुआ। श्रीराम जन्मोत्सव पर दर्शकों ने नाच झूमकर खुशी मनाई।
राम जन्म के प्रसंग में मंचन किया गया कि रावण के अत्याचारों से पूरी सृष्टि त्रस्त है। इस दौरान महर्षि वशिष्ठ राजा दशरथ की पुत्र कामना पर पुत्रेष्टि यज्ञ करते हैं। यज्ञ के प्रसाद के तौर पर राजा दशरथ को खीर देकर अपनी रानियों को खिलाने के लिए कहा जाता है। खीर का प्रसाद खाने के बाद दशरथ की रानियां राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न को जन्म देती हैं। पुत्रों के जन्म का समाचार मिलते ही राजा दशरथ अयोध्या में खुशियां मनाने के आदेश देते हैं।
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वहीं राम जन्म की खुशी में रामलीला के पंडाल में उपस्थित दर्शकों को लड्डू का प्रशाद वितरित किया जाता है। ताड़का वध प्रसंग के मंचन के दौरान दिखाया गया कि वन में असुरों के अत्याचार से त्रस्त महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ से राम व लक्ष्मण को मांगने जाते हैं। गुरु वशिष्ठ के आश्रम में विद्या ग्रहण कर श्रीराम व लक्ष्मण महर्षि विश्वामित्र के साथ वन में जाते हैं।
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वहां पर यजमान की रक्षा के लिए हुए संग्राम में सुभाऊ, मारीच सहित सैकड़ों राक्षसों का संहार करने के अलावा ताड़का को मारकर महर्षि के यज्ञ की रक्षा करते हैं। इस अवसर पर क्लब के निर्देशक भागीरथ राम सैनी, प्रधान धर्मपाल सैनी, प्रधान सुधीर गर्ग, मंगत राम सैनी, वीरेंद्र गर्ग, राजू सैनी, जयगोपाल व गगन गोयल उपस्थित रहे।