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Yamuna Nagar News: नहर में डूबने से किशोर की मौत
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हमीदा हेड पर पश्चिमी यमुना नहर में शनिवार को नहाने गए चार दोस्तों में से एक डूब गया। नहर में डूबने वाला 17 वर्षीय किशोर अमित पुराना रादौर स्थित अग्रवाल धर्मशाला के पीछे रहने वाला था। अमित के नहर में डूबने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंच गए। गोताखोर राजीव ने अपने साथियों के साथ डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद अमित के शव को बाहर निकाला। भाई का शव देख कर उसका भाई सुमित बेहोश हो गया। मौके पर पहुंचे हमीदा चौकी इंचार्ज शमशेर राणा ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया।
अमित की बहन खुशी ने बताया कि शनिवार शाम करीब साढ़े तीन बजे अमित घर पर यह कह कर गया था कि वह पड़ोस में रहने वाले अपने दोस्त प्रिंस, अमन व अनीश के साथ ओपी जिंदल पार्क में खेलने जा रहा है। लेकिन चारों थोड़ी देर पार्क में खेलने के बाद गर्मी से बचने के लिए नहाने को हमीदा हेड की तरफ चले गए। जब चारों नहर में नहा रहे थे तो प्रिंस, अमन व अनीश नहर से बाहर निकल गए, लेकिन अमित अंदर ही नहा रहा था। तभी वह गहरे कुंड में पानी के भंवर में फंस गया और चिल्लाने लगा।
दोस्तों ने उसका शोर सुना तो वह उसे बचाने के लिए चिल्लाने लगे, लेकिन कुछ ही देर में वह आंखों से ओझल हो गया। लोगों ने इसकी सूचना हमीदा चौकी में दी। चौकी इंचार्ज शमशेर राणा मौके पर पहुंचे और उन्होंने अमन के दादा के पास फोन किया। घटना की सूचना पाते ही चारों किशोरों के परिजन मौके पर पहुंच गए। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। मौके पर पहुंचे गोताखोर राजीव व उसका साथी इरफान नहर में अमित की तलाश में जुट गए। करीब डेढ़ घंटे बाद राजीव ने अमित का शव बाहर निकाला। चौकी इंचार्ज शमशेर राणा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम रविवार को कराया जाएगा। वहीं कुछ लोगों ने अमन, प्रिंस व अनीश को नहर में नहाने के लिए आने पर फटकार भी लगाई।
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अमित राजकीय सीसे स्कूल मॉडर्न कॉलोनी में 12वीं कक्षा का छात्र था। अमित के डूबने की सूचना जैसे ही मिली तो उसका बड़ा भाई सुमित, बहन खुशी व मां भी हमीदा हेड पर पहुंच गई। तीनों विलाप करने लगे। पड़ोसी उन्हें सांत्वना व दिलासा देते रहे। मां पुलिस से बार-बार यह कहती रही एंबुलेंस को बुला लो, ताकि बेटे के मिलते ही उसे अस्पताल ले जा सकें। कुछ लोगों ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर फोन भी किया लेकिन फोन बार-बार व्यस्त आता रहा। तभी गोताखोर राजीव को अमित का शव नहर में मिला।
वह शव को बाहर निकाल रहे थे तो यह देखते ही उसका भाई सुमित बेहोश हो गया। एक बार फिर मां ने एंबुलेंस मंगाने के लिए पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन मौके पर एंबुलेंस नहीं आई। ऐसे में मां की ममता के आगे मजबूर मां ने अपने बेटे को बचाने का भरकस प्रयास किया। गोताखोरों ने जब शव को जमीन पर रखा तो मां ने उसे उल्टा कर उसकी पीठ को दबाकर पानी बाहर निकालने का प्रयास किया। वहां मौजूद लोगों ने भी इसमें उसकी मदद की। तब थोड़ा पानी तो अमित के मुंह से बाहर आया लेकिन उसने सांस नहीं ली। इसी दौरान भाई सुमित को होश आ गया और वह वहां से जा रही कार के पीछे दौड़ पड़ा। उसने कार को रोक कर चालक के आगे हाथ जोड़ कर भाई को अस्पताल तक ले जाने की विनती। तभी चालक कार को मोड़ कर लाया और अमित को अस्पताल लेकर गया। जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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अमित की बहन खुशी ने बताया कि शनिवार शाम करीब साढ़े तीन बजे अमित घर पर यह कह कर गया था कि वह पड़ोस में रहने वाले अपने दोस्त प्रिंस, अमन व अनीश के साथ ओपी जिंदल पार्क में खेलने जा रहा है। लेकिन चारों थोड़ी देर पार्क में खेलने के बाद गर्मी से बचने के लिए नहाने को हमीदा हेड की तरफ चले गए। जब चारों नहर में नहा रहे थे तो प्रिंस, अमन व अनीश नहर से बाहर निकल गए, लेकिन अमित अंदर ही नहा रहा था। तभी वह गहरे कुंड में पानी के भंवर में फंस गया और चिल्लाने लगा।
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दोस्तों ने उसका शोर सुना तो वह उसे बचाने के लिए चिल्लाने लगे, लेकिन कुछ ही देर में वह आंखों से ओझल हो गया। लोगों ने इसकी सूचना हमीदा चौकी में दी। चौकी इंचार्ज शमशेर राणा मौके पर पहुंचे और उन्होंने अमन के दादा के पास फोन किया। घटना की सूचना पाते ही चारों किशोरों के परिजन मौके पर पहुंच गए। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। मौके पर पहुंचे गोताखोर राजीव व उसका साथी इरफान नहर में अमित की तलाश में जुट गए। करीब डेढ़ घंटे बाद राजीव ने अमित का शव बाहर निकाला। चौकी इंचार्ज शमशेर राणा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम रविवार को कराया जाएगा। वहीं कुछ लोगों ने अमन, प्रिंस व अनीश को नहर में नहाने के लिए आने पर फटकार भी लगाई।
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अमित राजकीय सीसे स्कूल मॉडर्न कॉलोनी में 12वीं कक्षा का छात्र था। अमित के डूबने की सूचना जैसे ही मिली तो उसका बड़ा भाई सुमित, बहन खुशी व मां भी हमीदा हेड पर पहुंच गई। तीनों विलाप करने लगे। पड़ोसी उन्हें सांत्वना व दिलासा देते रहे। मां पुलिस से बार-बार यह कहती रही एंबुलेंस को बुला लो, ताकि बेटे के मिलते ही उसे अस्पताल ले जा सकें। कुछ लोगों ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर फोन भी किया लेकिन फोन बार-बार व्यस्त आता रहा। तभी गोताखोर राजीव को अमित का शव नहर में मिला।
वह शव को बाहर निकाल रहे थे तो यह देखते ही उसका भाई सुमित बेहोश हो गया। एक बार फिर मां ने एंबुलेंस मंगाने के लिए पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन मौके पर एंबुलेंस नहीं आई। ऐसे में मां की ममता के आगे मजबूर मां ने अपने बेटे को बचाने का भरकस प्रयास किया। गोताखोरों ने जब शव को जमीन पर रखा तो मां ने उसे उल्टा कर उसकी पीठ को दबाकर पानी बाहर निकालने का प्रयास किया। वहां मौजूद लोगों ने भी इसमें उसकी मदद की। तब थोड़ा पानी तो अमित के मुंह से बाहर आया लेकिन उसने सांस नहीं ली। इसी दौरान भाई सुमित को होश आ गया और वह वहां से जा रही कार के पीछे दौड़ पड़ा। उसने कार को रोक कर चालक के आगे हाथ जोड़ कर भाई को अस्पताल तक ले जाने की विनती। तभी चालक कार को मोड़ कर लाया और अमित को अस्पताल लेकर गया। जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।