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Yamuna Nagar News: अध्यापकों की भूख हड़ताल जारी, की नारेबाजी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jun 2023 12:41 AM IST
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Teachers' hunger strike continues, sloganeering
सरकार की शिक्षा नीतियों के विरोध में 43वें दिन भी अध्यापकों की भूख हड़ताल जारी रही। रविवार को अध्यापक अनाजमंडी गेट स्थित अनशन स्थल पर एकत्र हुए। इस दौरान अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर शिक्षकों का यह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 23 अप्रैल से चल रहा है। 43 दिन बाद भी सरकार के प्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारियों ने अध्यापकों की सुध नहीं ली है। जिससे उनमें काफी रोष है। रविवार को भी अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अध्यापकों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
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जिला प्रधान संजय कांबोज, विजय सैनी, प्रीतम बालियान, कुलदीप सिवाच ने कहा कि सरकार सार्वजनिक शिक्षा का नाश करना चाहती है। सरकार की नीतियां शिक्षा विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापकों के पदों की स्वीकृति विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर की जाती है और नियुक्तियां भी पढ़ाने के लिए होती है। परंतु अध्यापकों से दर्जनों गैर शैक्षणिक कार्य करवाए जा रहे हैं। जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। अध्यापकों से वोट बनाने, विभिन्न प्रकार के सर्वे, परिवार पहचान पत्र बनाने, पशु गणना, आर्थिक सर्वे, ऑनलाइन कार्य, विभागीय डाक, आरटीआई जवाब, दोपहर भोजन व्यवस्था, बाढ़ राहत कार्य, गीता महोत्सव, पौधों की जिओ टैगिंग, परिवार पहचान पत्र में जन्मतिथि, स्कूल कक्षा आधार कार्ड सत्यापन, जनगणना, बीपीएल सर्वे सहित अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के कारण पढ़ाई बाधित हो रही है, जिसका असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। संजय कांबोज ने कहा कि दिसंबर जनवरी विद्यार्थियों को पढ़ाने का समय होता है। परंतु इस दौरान सरकार ने अध्यापकों की ड्यूटी परिवार पहचान पत्र में आधार टैगिंग, जन्मतिथि सत्यापन में लगा दी थी। जिसका अध्यापकों ने प्रदर्शन व ज्ञापन देकर विरोध दर्ज करवाया। परंतु अधिकारियों यह कार्य करने का दबाव लगातार बनाया गया। उन्होंने कहा कि संघ शिक्षामंत्री, निदेशालय के मुखियाओं को मांग पत्र सौंप चुका है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती कम्रिक अनशन जारी रहेगा।
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