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शिक्षकों ने किया उत्कृष्ट कार्य और बांटा ज्ञान , मिला सम्मान
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शिक्षक दिवस पर जिला सचिवालय में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें उत्कृष्ट कार्यों के लिए शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीसी पार्थ गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में ज्ञान बढ़ाने, अच्छे संस्कार पैदा करने तथा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं। शिक्षक ही एक अच्छे समाज का निर्माता होता है।
शिक्षाविभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। समारोह में डीसी ने प्राथमिक विद्यालयों के 24 अध्यापक एवं अध्यापिकाओं, माध्यमिक स्कूलों के 14 मुख्य अध्यापकों, उच्च विद्यालयों के पांच मुख्य अध्यापकों, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के 15 प्राचार्यों, आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के आठ प्राचार्यों सहित 22 एबीआरसी, 20 बीआरपी, 10 एएमएमआईएस, छह खंड शिक्षा अधिकारियों, चार एपीसीएस, एक डीएसएस, दो विशेष अध्यापकों व पांच अन्य प्राध्यापकों को सम्मानित किया। डीसी ने कहा कि आज के बच्चे की कल का भविष्य है, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि उन्हें अच्छी शिक्षा दें, जिससे वे स्वयं के साथ ही देश के विकास में भी भागीदार बन सकें। उन्होंने बच्चों में सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में शिक्षकों के सामने बड़ी चुनौती है। स्वयं और बच्चों को संक्रमण से बचाते हुए शिक्षा को जारी रखना है। स्कॉउट अध्यापक संदीप गुप्ता ने कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डाला। इस दौरान जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी आरडी गागट, उप जिला शिक्षा अधिकारी शिव कुमार धीमान, डीपीसी सुमन बहमनी, एपीसी कुलदीप सिंह, डॉ. धर्मबीर, जयकुमार, सुभाष चंद्र, बीआरपी संजीव कांबोज, शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।
सरकारी स्कूलों में बढ़ी बच्चों की संख्या
जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक ने बताया कि जिले में कुल 934 विद्यालय हैं, जिसमें 595 प्राथमिक, 228 माध्यमिक, 39 उच्च माध्यमिक विद्यालय और 72 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके तहत वर्ष 2019 में 92385, वर्ष 2020 में 98410 तथा वर्ष 2021 में 110685 विद्यार्थी हैं। इसमें 55870 लड़के व 54815 लड़कियां हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अध्यापकों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, जिसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।
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शिक्षाविभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। समारोह में डीसी ने प्राथमिक विद्यालयों के 24 अध्यापक एवं अध्यापिकाओं, माध्यमिक स्कूलों के 14 मुख्य अध्यापकों, उच्च विद्यालयों के पांच मुख्य अध्यापकों, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के 15 प्राचार्यों, आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के आठ प्राचार्यों सहित 22 एबीआरसी, 20 बीआरपी, 10 एएमएमआईएस, छह खंड शिक्षा अधिकारियों, चार एपीसीएस, एक डीएसएस, दो विशेष अध्यापकों व पांच अन्य प्राध्यापकों को सम्मानित किया। डीसी ने कहा कि आज के बच्चे की कल का भविष्य है, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि उन्हें अच्छी शिक्षा दें, जिससे वे स्वयं के साथ ही देश के विकास में भी भागीदार बन सकें। उन्होंने बच्चों में सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में शिक्षकों के सामने बड़ी चुनौती है। स्वयं और बच्चों को संक्रमण से बचाते हुए शिक्षा को जारी रखना है। स्कॉउट अध्यापक संदीप गुप्ता ने कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डाला। इस दौरान जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी आरडी गागट, उप जिला शिक्षा अधिकारी शिव कुमार धीमान, डीपीसी सुमन बहमनी, एपीसी कुलदीप सिंह, डॉ. धर्मबीर, जयकुमार, सुभाष चंद्र, बीआरपी संजीव कांबोज, शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।
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सरकारी स्कूलों में बढ़ी बच्चों की संख्या
जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक ने बताया कि जिले में कुल 934 विद्यालय हैं, जिसमें 595 प्राथमिक, 228 माध्यमिक, 39 उच्च माध्यमिक विद्यालय और 72 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके तहत वर्ष 2019 में 92385, वर्ष 2020 में 98410 तथा वर्ष 2021 में 110685 विद्यार्थी हैं। इसमें 55870 लड़के व 54815 लड़कियां हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अध्यापकों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, जिसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।
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