{"_id":"5d4b1f118ebc3e6ce3783d50","slug":"teacher-school-girl-yamuna-nagar-news-rtk5103723185","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहशत में बच्चियां, खुलकर बताई टीचर की करतूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहशत में बच्चियां, खुलकर बताई टीचर की करतूत
विज्ञापन
स्कूल में हंगामा करते ग्रामीण
- फोटो : YAMUNA NAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूलों को मंदिर का और शिक्षकों को भगवान का दर्जा दिया जाता है। स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के भरोसे लोग अपने बच्चों को स्कूल में अकेला छोड़ देते हैं, लेकिन बरौली माजरा के प्राथमिक स्कूल की मासूम बच्चियों ने शिक्षक की जो करतूत बताई है, वह चौंकाने वाली है। पांच से 11 साल की ये बच्चियां दहशत में हैं, लेकिन कैमरों के सामने खुलकर अपना दर्द बयां किया। इनका कहना था कि टीचर उन्हें अकेले कमरे में ले जाता था और उनके साथ छेड़खानी करता था। गंभीर आरोप ये भी लगाया है कि वह बच्चियों की सलवार तक उतार देता था। ग्रामीणों ने बताया कि डर के मारे छात्राओं ने कई दिनों तक अपने घर पर नहीं बताया। टीचर, छात्राओं को धमकाता था कि अगर किसी को बताया तो बहुत पिटाई लगेगी। टीचर की अश्लीलता का यह सिलसिला पिछले कई महीनों से जारी था। परिजनों को भी इन्होंने ये ही बताया था।
ऐसे हुआ खुलासा : एक छात्रा ने घर से स्कूल जाने से मना किया तो उसकी मां ने वजह पूछी। पांचवीं की छात्रा ने बताया कि मास्टर जी उसके साथ गंदी हरकतें करते हैं। उसे स्कूल के ही क्लास के कमरे में अकेले ले जाते हैं। उस छात्रा ने यह भी बताया कि क्लास की अन्य लड़कियों के साथ भी वह यही हरकतें करते हैं। पांच लड़कियों के नाम भी उसने बताएं। यह जानकारी सुनकर महिला के पैरों तले जमीन सरक गई और उसने तुरंत अन्य लड़कियों के परिजनों से संपर्क कर सारी स्थिति से अवगत कराया। अध्यापक की करतूत उजागर होते ही पूरा गांव स्कूल में पहुंच गया और महिलाओं ने अध्यापक की चप्पलों से पिटाई कर दी। गांव के सरपंच ने मौके पर पहुंच अध्यापक को महिलाओं से छुड़ाकर पुलिस के हवाले किया।
ग्रामीणों में रोष, ताला जड़ा : घटना के बाद ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। लोगों ने न केवल स्कूल में हंगामा किया बल्कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इतना ही नहीं लोगों ने कमरों पर ताला भी जड़ दिया। करीब तीन घंटे तक ग्रामीण स्कूल में जुटे रहे। बाद में उन्होंने आरोपी शिक्षक को पुलिस को सौंप दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि मासूम बच्चे झूठ नहीं बोलते और उन्होंने जो बताया है वह बेहद शर्मनाक है।
विज्ञापन
स्कूलों में मॉनिटरिंग नहीं : जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग की कोई मॉनिटरिंग नहीं है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में कभी कभार ही अधिकारी दौरा करते हैं। कई स्कूल तो ऐसे भी हैं, जहां आज तक कोई अफसर नहीं पहुंचा। यहां स्कूल मुखिया और अन्य शिक्षक अपनी मर्जी से स्कूल चलाते हैं।
स्कूल मुखियाओं से रिपोर्ट मांगी : डीईईओ ने जिले के तमाम स्कूलों के मुखिया से इस तरह की शिकायतों की पूरी डिटेल मांगी है। यानी किसी अभिभावक, बच्चे या फिर अन्य शिक्षकों से संबंधित शिकायतों की जांच में तेजी लाई जाएगी। खासकर बच्चों से जुड़े मामले मंगाए गएं हैं। डीईईओ मदन चोपड़ा का कहना है कि ताजा एडवाइजरी भी जारी की गई कि बच्चों के मामले में कोई लापरवाही न बरती जाएं और शिकायत मिलते ही फौरन एक्शन लिया जाएं।
मेरा कसूर नहीं, साजिश रची गई है : शिक्षक सुभाषचंद का कहना है कि मेरा कोई कसूर नहीं है। यह सारा खेल मिड डे मील से जुड़ा हुआ है। यहां के कर्मी सामान को घर ले जाते हैं। मैंने उन्हें बच्चों को ही मिड डे मील देने के बारे में कई बार चेतावनी दी थी। अब उन्हीं लोगों ने साजिश रच कर मुझे फंसा दिया। मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
ऐसे हुआ खुलासा : एक छात्रा ने घर से स्कूल जाने से मना किया तो उसकी मां ने वजह पूछी। पांचवीं की छात्रा ने बताया कि मास्टर जी उसके साथ गंदी हरकतें करते हैं। उसे स्कूल के ही क्लास के कमरे में अकेले ले जाते हैं। उस छात्रा ने यह भी बताया कि क्लास की अन्य लड़कियों के साथ भी वह यही हरकतें करते हैं। पांच लड़कियों के नाम भी उसने बताएं। यह जानकारी सुनकर महिला के पैरों तले जमीन सरक गई और उसने तुरंत अन्य लड़कियों के परिजनों से संपर्क कर सारी स्थिति से अवगत कराया। अध्यापक की करतूत उजागर होते ही पूरा गांव स्कूल में पहुंच गया और महिलाओं ने अध्यापक की चप्पलों से पिटाई कर दी। गांव के सरपंच ने मौके पर पहुंच अध्यापक को महिलाओं से छुड़ाकर पुलिस के हवाले किया।
विज्ञापन
ग्रामीणों में रोष, ताला जड़ा : घटना के बाद ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। लोगों ने न केवल स्कूल में हंगामा किया बल्कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इतना ही नहीं लोगों ने कमरों पर ताला भी जड़ दिया। करीब तीन घंटे तक ग्रामीण स्कूल में जुटे रहे। बाद में उन्होंने आरोपी शिक्षक को पुलिस को सौंप दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि मासूम बच्चे झूठ नहीं बोलते और उन्होंने जो बताया है वह बेहद शर्मनाक है।
विज्ञापन
स्कूलों में मॉनिटरिंग नहीं : जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग की कोई मॉनिटरिंग नहीं है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में कभी कभार ही अधिकारी दौरा करते हैं। कई स्कूल तो ऐसे भी हैं, जहां आज तक कोई अफसर नहीं पहुंचा। यहां स्कूल मुखिया और अन्य शिक्षक अपनी मर्जी से स्कूल चलाते हैं।
स्कूल मुखियाओं से रिपोर्ट मांगी : डीईईओ ने जिले के तमाम स्कूलों के मुखिया से इस तरह की शिकायतों की पूरी डिटेल मांगी है। यानी किसी अभिभावक, बच्चे या फिर अन्य शिक्षकों से संबंधित शिकायतों की जांच में तेजी लाई जाएगी। खासकर बच्चों से जुड़े मामले मंगाए गएं हैं। डीईईओ मदन चोपड़ा का कहना है कि ताजा एडवाइजरी भी जारी की गई कि बच्चों के मामले में कोई लापरवाही न बरती जाएं और शिकायत मिलते ही फौरन एक्शन लिया जाएं।
मेरा कसूर नहीं, साजिश रची गई है : शिक्षक सुभाषचंद का कहना है कि मेरा कोई कसूर नहीं है। यह सारा खेल मिड डे मील से जुड़ा हुआ है। यहां के कर्मी सामान को घर ले जाते हैं। मैंने उन्हें बच्चों को ही मिड डे मील देने के बारे में कई बार चेतावनी दी थी। अब उन्हीं लोगों ने साजिश रच कर मुझे फंसा दिया। मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए।