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भ्रूण लिंग जांच व हत्या करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई: डीसी
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भ्रूण जांच व हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें
डीसी ने की एमटीपी एक्ट व पीएनडीटी एक्ट के तहत न्यायालय में चल रहे मामलों की समीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीसी पार्थ गुप्ता ने अपने कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर एमटीपी एक्ट व पीएनडीटी एक्ट के तहत न्यायालय में चल रहे मामलों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भ्रूण जांच के मामलों पर पूर्ण रोक लगाने और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कहीं पर भी भ्रूण जांच न होने पाए और भ्रूण जांच व कन्या भ्रूण हत्या में लिप्त लोगों को न बख्शा जाए। जो भी भ्रूण जांच करते और कन्या भ्रूण हत्या करते पकड़ा जाय उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई ठोस ढंग से अमल में लाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रूण जांच करवाने वाले व गर्भपात करवाने वाले लोगों के खिलाफ एमटीपी एक्ट व पीएनडीटी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है। भ्रूण जांच करवाने वाले व गर्भपात करवाने वाले लोगों की सूचना देने वाले व्यक्तियों को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाता है तथा उसका नाम गुप्त रखा जाता है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि भ्रूण जांच करवाने वाले, कन्या भ्रूण हत्या करने या करवाने वाले लोगों के साथ इसमें सहयोग करने वालों लोगों की सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर दी जा सकती है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि न्यायालयों में पीएनडीटी एक्ट के तहत 33 केस तथा एमटीपी एक्ट के तहत 18 मामले चल रहे हैं। इस दौरान नगराधीश अशोक कुमार, सिविल सर्जन विजय दहिया, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी शंकर लाल गोयल, मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी विपुल फ्लोर, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी दलजीत कौर सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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डीसी ने की एमटीपी एक्ट व पीएनडीटी एक्ट के तहत न्यायालय में चल रहे मामलों की समीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीसी पार्थ गुप्ता ने अपने कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर एमटीपी एक्ट व पीएनडीटी एक्ट के तहत न्यायालय में चल रहे मामलों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भ्रूण जांच के मामलों पर पूर्ण रोक लगाने और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कहीं पर भी भ्रूण जांच न होने पाए और भ्रूण जांच व कन्या भ्रूण हत्या में लिप्त लोगों को न बख्शा जाए। जो भी भ्रूण जांच करते और कन्या भ्रूण हत्या करते पकड़ा जाय उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई ठोस ढंग से अमल में लाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रूण जांच करवाने वाले व गर्भपात करवाने वाले लोगों के खिलाफ एमटीपी एक्ट व पीएनडीटी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है। भ्रूण जांच करवाने वाले व गर्भपात करवाने वाले लोगों की सूचना देने वाले व्यक्तियों को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाता है तथा उसका नाम गुप्त रखा जाता है।
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उन्होंने लोगों से अपील की है कि भ्रूण जांच करवाने वाले, कन्या भ्रूण हत्या करने या करवाने वाले लोगों के साथ इसमें सहयोग करने वालों लोगों की सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर दी जा सकती है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि न्यायालयों में पीएनडीटी एक्ट के तहत 33 केस तथा एमटीपी एक्ट के तहत 18 मामले चल रहे हैं। इस दौरान नगराधीश अशोक कुमार, सिविल सर्जन विजय दहिया, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी शंकर लाल गोयल, मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी विपुल फ्लोर, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी दलजीत कौर सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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