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Yamuna Nagar News: पहले दिन मंडियों में नहीं पहुंची सूरजमुखी
Mon, 02 Jun 2025 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 02 Jun 2025 12:31 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में इस बार साढौरा अनाज मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद होगी। पहले दिन रविवार को छुट्टी होने की वजह से न तो कोई किसान मंडियों में सूरजमुखी लेकर आया और न ही पहले दिन इसकी खरीद हो पाई। सोमवार को मंडियों में सूरजमुखी आने की उम्मीद है। किसानों को सूरजमुखी का भुगतान 7280 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किया जाएगा।
जिले में सूरजमुखी का रकबा करीब 1000 एकड़ है। सूरजमुखी की सबसे ज्यादा बिजाई सरस्वतीनगर, रादौर व जगाधरी क्षेत्र में होती है। जिस भी किसान का रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत होगा उनका ही गेट पास काटा जाएगा। वहीं, मंडी में किसानों की सुविधा के लिए सफाई व्यवस्था, मंडी में लाइट की व्यवस्था की गई है।
सरस्वतीनगर क्षेत्र में जो सूरजमुखी पैदा होती है उसका बड़ा हिस्सा अंबाला के बराड़ा और लाडवा की मंडियों में चला जाता है। खासकर उन गांवों का जिन्हें यह दोनों मंडियां नजदीक पड़ती हैं। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के जिला प्रधान संजू गुंदियाना का कहना है सूरजमुखी की फसल कटने लगी है। प्रति एकड़ आठ से नौ क्विंटल सूरजमुखी निकलती है।
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यदि फसल अच्छी हो तो उत्पादन 10 क्विंटल तक भी हो जाता है। इस बार लगातार बारिश होती रही, जिससे मौसम ठंडा रहा। गर्मी जितनी ज्यादा होती है, सूरजमुखी की पैदावार भी उतना ही अधिक होता है। वहीं अभी भी बारिश होने की संभावना है। तेज बारिश हुई तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा बारिश होने पर फसल को सुखाने में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ेगी।
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यमुनानगर। जिले में इस बार साढौरा अनाज मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद होगी। पहले दिन रविवार को छुट्टी होने की वजह से न तो कोई किसान मंडियों में सूरजमुखी लेकर आया और न ही पहले दिन इसकी खरीद हो पाई। सोमवार को मंडियों में सूरजमुखी आने की उम्मीद है। किसानों को सूरजमुखी का भुगतान 7280 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किया जाएगा।
जिले में सूरजमुखी का रकबा करीब 1000 एकड़ है। सूरजमुखी की सबसे ज्यादा बिजाई सरस्वतीनगर, रादौर व जगाधरी क्षेत्र में होती है। जिस भी किसान का रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत होगा उनका ही गेट पास काटा जाएगा। वहीं, मंडी में किसानों की सुविधा के लिए सफाई व्यवस्था, मंडी में लाइट की व्यवस्था की गई है।
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सरस्वतीनगर क्षेत्र में जो सूरजमुखी पैदा होती है उसका बड़ा हिस्सा अंबाला के बराड़ा और लाडवा की मंडियों में चला जाता है। खासकर उन गांवों का जिन्हें यह दोनों मंडियां नजदीक पड़ती हैं। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के जिला प्रधान संजू गुंदियाना का कहना है सूरजमुखी की फसल कटने लगी है। प्रति एकड़ आठ से नौ क्विंटल सूरजमुखी निकलती है।
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यदि फसल अच्छी हो तो उत्पादन 10 क्विंटल तक भी हो जाता है। इस बार लगातार बारिश होती रही, जिससे मौसम ठंडा रहा। गर्मी जितनी ज्यादा होती है, सूरजमुखी की पैदावार भी उतना ही अधिक होता है। वहीं अभी भी बारिश होने की संभावना है। तेज बारिश हुई तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा बारिश होने पर फसल को सुखाने में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ेगी।