फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   sugur-mil-farmers

गन्ने का भुगतान न होने से अटके 36 करोड़

Thu, 06 Aug 2015 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर Updated Thu, 06 Aug 2015 12:06 AM IST
विज्ञापन
शुगर मिल में अभी भी किसानों का 36 करोड़ रुपये अटका पड़ा है। गन्ने की बकाया पेमेंट के भुगतान की मांग को लेकर किसान एक बार फिर लघु सचिवालय पहुंचे। डीसी के न मिलने पर एसडीएम प्रेमचंद गांगल को ज्ञापन दिया। एसडीएम ने जल्द भुगतान करवाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन


भारतीय किसान संघ के वरिष्ठ उपप्रधान रतन सिंह देवधर के नेतृत्व में जिले के किसान बुधवार सुबह सचिवालय में एकत्रित हुए। किसानों ने सरकार व मिल प्रबंधन के खिलाफ रोष प्रकट किया। किसान उपायुक्त को ज्ञापन देने आए थे, लेकिन डीसी के न मिलने पर किसानों ने एसडीएम प्रेमचंद गांगल को ज्ञापन दिया।
विज्ञापन


संघ के जिला प्रधान रामबीर चौहान ने बताया कि सरस्वती शुगर मिल पर वर्ष 2014-15 का करीब 36 करोड़ रुपये बकाया है। गन्ने का भुगतान न होने पर किसानों की आर्थिक हालत खराब हो गई है। घर का खर्च चलाने के लिए आढ़तियों व बैंक से मोटे ब्याज पर कर्ज उठाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब बैंक किसानों को कर्ज वसूली के लिए परेशान कर रहे हैं। मौके पर पंडित लक्ष्मी चंद शर्मा, विक्रमजीत सेठी, मोहकम सिंह, नीरजा गोस्वामी, राजपाल गंदापुरा, यशपाल गोस्वामी, सुखविंदर व प्रताप सिंह मौजूद रहे।


कृषि मंत्री के बयान की निंदा
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कृषि मंत्री के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने किसानों को प्रेम प्रसंग में विफल व नपुंसकता के कारण आत्महत्या करने की बात कही थी। संघ के वरिष्ठ उपप्रधान रतनसिंह देवधर ने कहा कि कृषि मंत्री का यह बयान निंदनीय है। किसानों की आत्महत्या का कारण सरकार की कृषि की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। किसानों को उनकी फसल का न तो लागत मूल्य मिल रहा है और न ही खाद समय पर उपलब्ध हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed