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बसें बंद करने पर गुस्साई छात्राओं ने बस स्टैंड गेट पर बैठ लगाया जाम
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
Updated Wed, 28 Sep 2016 12:33 AM IST
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यमुनानगर
- फोटो : यमुनानगर
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यमुनानगर। कॉलेज आने व जाने के लिए दो बसों को बंद करने और चल रही बसों की समय सारणी ठीक न होने पर गुस्साई छात्राओं ने मंगलवार को यमुनानगर बस स्टैंड के मुख्य गेट पर बैठ बाहर जाने वाली बसों को रोक दिया। इससे कुछ ही देर में बस स्टैंड परिसर में जाम लग गया। गेट पर जाम लगने से दर्जनों बसों बस स्टैंड के अंदर खड़ी रही। जाम लगाने के बाद छात्राओं ने रोडवेज प्रबंधन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बस स्टैंड पर जाम लगने की सूचना पर रोडवेज अधिकारी व शहर पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों व पुलिस ने छात्राओं को शाम तक बस चलने और समय सारणी ठीक करने का आश्वासन देकर शांत किया।
तीन गर्ल्स कॉलेज व दो कॉ-एजूकेशन कॉलेज की पहुंची छात्राएं :
मंगलवार दोपहर को ट्विनसिटी के डीएवी गर्ल्स कॉलेज, जीएनजी कॉलेज, हिंदू गर्ल्स कॉलेज, गुरु नानक खालसा कॉलेज और एमएलएन कॉलेज की छात्राएं बस स्टैंड पर पहुंची। साढौरा-पाबनी रूट पर बसों का सही समय न होने और रूट की दो रोडवेज बसों को बंद करने पर भड़की छात्राएं बस स्टैंड के मुख्य गेट के बीचों बीच बैठ गई और जाम लगा दिया। छात्राओं ने न तो बस स्टैंड के अंदर से कोई बस बाहर जाने दी और ना ही बाहर से आने वाली कोई बस अंदर जाने दी। जिससे बस स्टैंड के अंदर व बाहर जाम लग गया।
14 दिन से बंद पड़ी दो बस
छात्रा अनु, मोनिका, नेहा, मान्या ने बताया कि वह साढौरा-पाबनी रूट से कॉलेज आती हैं। इस रूट में सढ़ौरा वाया पाबनी रोडवेज की कुल चार बस चलती हैं। 14 दिन से इनमें से दो बसें बंद पड़ी हैं। जो बस रूट पर चल रही हैं उनका भी कोई समय नहीं है। पूरा दिन बसों की इंतजार में निकल जाता है। समय पर बस न मिलने से ना तो वे समय पर कॉलेज पहुंच पाती हैं और ना ही छुट्टी के बाद वापस घर जा पाती हैं। समय पर कॉलेज न पहुंचने पर लेक्चर शॉट हो रहे हैं और समय पर घर न पहुंचने पर परिजनों को चिंता सताती है। इसकी कई बार रोडवेज प्रबंधन को शिकायत की। लेकिन रोडवेज में कोई सुनने वाला नहीं है।
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मारपीट के बाद हुई थी दो बसें बंद :
कुछ दिन पहले पाबनी रोड पर कुछ लड़कों ने एक रोडवेज बस चालक व परिचालक से बहस बाजी की थी। आरोप है कि इस दौरान लड़कों ने बस चालक व परिचालक की पिटाई की और जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद रूट से दो बस बंद कर दी गई। जिसके बाद क्षेत्र के कुछ मौजिज लोग रोडवेज जीएम रविंद्र पाठक से मिले थे। जीएम ने उन्हें लिखित में आगे से झगड़ा न करने का माफीनामा मांगा था। लेकिन उक्त लोगों ने अभी तक माफीनामा नहीं दिया। जिस पर रूट पर बसे बंद थी।
पढ़ाई का हो रहा नुकसान :
छात्राओं ने बताया कि इस रूट पर एक दर्जन से अधिक गांव पड़ते है। जिनमें से सैकड़ों छात्राएं रोजाना ट्विनसिटी के कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आती हैं। इन दिनों कालेजों में उनके टेस्ट चल रहे हैं। बस न मिलने पर वे समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पाती। जिससे उनकी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है।
ऑटो पर करते हैं अतिरिक्त खर्च :
समय पर बस नहीं मिलने पर छात्राओं को आटो में आना पड़ता है। छात्राओं ने बताया कि ऑटो पूरी तरह भरकर चलते है। जिस कारण उन्हें कालेजों में देर हो जाती है। इसके बाद शाम को वापस घर भी ऑटो से ही जाते हैं। जिससे खर्च भी अधिक पड़ता है और समय भी लगता है।
नहीं है महिला बस :
शहर में अधिकतर दूर-दराज के गांव की छात्राओं को पढ़ने के लिए आना पड़ता है। रोडवेज सभी बसे पूरी भरकर चलती है, जिसकी वजह से छात्राओं को न तो उनमें कोई सुविधा मिलती है और न ही उन्हें अपनी सुरक्षा महसूस होती है। छात्राओं को सीट नहीं मिल पाती तो उन्हें युवकों के बीच में खड़ा होकर या खिड़की पर लटककर सफर तय करना पड़ता है। इन हालातों के चलते छात्राओं को अनेकों दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनकी मांग है कि रूट पर महिला बस चलाई जाए।
कुछ दिन पहले साढ़ौरा रूट पर एक रोडवेज चालक व परिचालक के साथ कुछ लड़कों ने मारपीट की थी। जिसके चलते रूट पर दो रोडवेज बसों को बंद कर दिया गया था। इसी के चलते छात्राओं ने कुछ देर तक रोडवेज बस स्टैंड पर जाम लगाया। मंगलवार शाम से रूट पर बंद की गई दोनों बस चला दी गई हैं। बसों की समय सारणी भी ठीक की जाएगी।
- रविंद्र पाठक, जीएम रोडवेज, यमुनानगर।
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तीन गर्ल्स कॉलेज व दो कॉ-एजूकेशन कॉलेज की पहुंची छात्राएं :
मंगलवार दोपहर को ट्विनसिटी के डीएवी गर्ल्स कॉलेज, जीएनजी कॉलेज, हिंदू गर्ल्स कॉलेज, गुरु नानक खालसा कॉलेज और एमएलएन कॉलेज की छात्राएं बस स्टैंड पर पहुंची। साढौरा-पाबनी रूट पर बसों का सही समय न होने और रूट की दो रोडवेज बसों को बंद करने पर भड़की छात्राएं बस स्टैंड के मुख्य गेट के बीचों बीच बैठ गई और जाम लगा दिया। छात्राओं ने न तो बस स्टैंड के अंदर से कोई बस बाहर जाने दी और ना ही बाहर से आने वाली कोई बस अंदर जाने दी। जिससे बस स्टैंड के अंदर व बाहर जाम लग गया।
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14 दिन से बंद पड़ी दो बस
छात्रा अनु, मोनिका, नेहा, मान्या ने बताया कि वह साढौरा-पाबनी रूट से कॉलेज आती हैं। इस रूट में सढ़ौरा वाया पाबनी रोडवेज की कुल चार बस चलती हैं। 14 दिन से इनमें से दो बसें बंद पड़ी हैं। जो बस रूट पर चल रही हैं उनका भी कोई समय नहीं है। पूरा दिन बसों की इंतजार में निकल जाता है। समय पर बस न मिलने से ना तो वे समय पर कॉलेज पहुंच पाती हैं और ना ही छुट्टी के बाद वापस घर जा पाती हैं। समय पर कॉलेज न पहुंचने पर लेक्चर शॉट हो रहे हैं और समय पर घर न पहुंचने पर परिजनों को चिंता सताती है। इसकी कई बार रोडवेज प्रबंधन को शिकायत की। लेकिन रोडवेज में कोई सुनने वाला नहीं है।
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मारपीट के बाद हुई थी दो बसें बंद :
कुछ दिन पहले पाबनी रोड पर कुछ लड़कों ने एक रोडवेज बस चालक व परिचालक से बहस बाजी की थी। आरोप है कि इस दौरान लड़कों ने बस चालक व परिचालक की पिटाई की और जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद रूट से दो बस बंद कर दी गई। जिसके बाद क्षेत्र के कुछ मौजिज लोग रोडवेज जीएम रविंद्र पाठक से मिले थे। जीएम ने उन्हें लिखित में आगे से झगड़ा न करने का माफीनामा मांगा था। लेकिन उक्त लोगों ने अभी तक माफीनामा नहीं दिया। जिस पर रूट पर बसे बंद थी।
पढ़ाई का हो रहा नुकसान :
छात्राओं ने बताया कि इस रूट पर एक दर्जन से अधिक गांव पड़ते है। जिनमें से सैकड़ों छात्राएं रोजाना ट्विनसिटी के कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आती हैं। इन दिनों कालेजों में उनके टेस्ट चल रहे हैं। बस न मिलने पर वे समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पाती। जिससे उनकी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है।
ऑटो पर करते हैं अतिरिक्त खर्च :
समय पर बस नहीं मिलने पर छात्राओं को आटो में आना पड़ता है। छात्राओं ने बताया कि ऑटो पूरी तरह भरकर चलते है। जिस कारण उन्हें कालेजों में देर हो जाती है। इसके बाद शाम को वापस घर भी ऑटो से ही जाते हैं। जिससे खर्च भी अधिक पड़ता है और समय भी लगता है।
नहीं है महिला बस :
शहर में अधिकतर दूर-दराज के गांव की छात्राओं को पढ़ने के लिए आना पड़ता है। रोडवेज सभी बसे पूरी भरकर चलती है, जिसकी वजह से छात्राओं को न तो उनमें कोई सुविधा मिलती है और न ही उन्हें अपनी सुरक्षा महसूस होती है। छात्राओं को सीट नहीं मिल पाती तो उन्हें युवकों के बीच में खड़ा होकर या खिड़की पर लटककर सफर तय करना पड़ता है। इन हालातों के चलते छात्राओं को अनेकों दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनकी मांग है कि रूट पर महिला बस चलाई जाए।
कुछ दिन पहले साढ़ौरा रूट पर एक रोडवेज चालक व परिचालक के साथ कुछ लड़कों ने मारपीट की थी। जिसके चलते रूट पर दो रोडवेज बसों को बंद कर दिया गया था। इसी के चलते छात्राओं ने कुछ देर तक रोडवेज बस स्टैंड पर जाम लगाया। मंगलवार शाम से रूट पर बंद की गई दोनों बस चला दी गई हैं। बसों की समय सारणी भी ठीक की जाएगी।
- रविंद्र पाठक, जीएम रोडवेज, यमुनानगर।