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Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों को बताया बौद्धिक संपदा का महत्व
Sun, 03 May 2026 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 03 May 2026 12:44 AM IST
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कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं को जानकारी देतीं वक्ता। संस्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज में स्टार्टअप के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार, संरक्षण व प्रबंधन विषय पर कार्यशाला लगाई गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को बौद्धिक संपदा के महत्व और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
मुख्य वक्ता इनोवेशन अंबेसडर ममता थापर ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट फाइल करने की सरल तरीके बताए। उन्होंने छात्राओं को बौद्धिक संपदा व बौद्धिक संपदा अधिकार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बौद्धिक संपदा में नवाचार, आइडिया, तकनीक, डिजाइन, लोगों और रचनात्मक कार्य शामिल होते हैं।
बौद्धिक संपदा अधिकार, उन पर मिलने वाले कानूनी अधिकार हैं, जो इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और औद्योगिक डिजाइन इत्यादि बौद्धिक संपदा अधिकार पर चर्चा की और जानकारी दी। वहीं, स्टार्टअप के लिए बौद्धि संपदा अधिकार संरक्षण के महत्व, पेटेंट करवाने के बारे में बताया।
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इसके साथ प्री रिसर्च की जानकारी प्राप्त करने के तरीकों पर भी प्रकाश डाला, जिससे विद्यार्थी अपने नवीनता का मूल्यांकन कर सकें। कार्यशाला में छात्राओं को अपने नवाचारों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ भविष्य में स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम प्राचार्या डॉ. सुरिंद्र कौर व आईआईसी कनवीनर विवेक के नेतृत्व में करवाया गया। कार्यशाला डॉ. मधुबाला, पूजा सिंदवानी की देखरेख में हुई।
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यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज में स्टार्टअप के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार, संरक्षण व प्रबंधन विषय पर कार्यशाला लगाई गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को बौद्धिक संपदा के महत्व और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
मुख्य वक्ता इनोवेशन अंबेसडर ममता थापर ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट फाइल करने की सरल तरीके बताए। उन्होंने छात्राओं को बौद्धिक संपदा व बौद्धिक संपदा अधिकार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बौद्धिक संपदा में नवाचार, आइडिया, तकनीक, डिजाइन, लोगों और रचनात्मक कार्य शामिल होते हैं।
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बौद्धिक संपदा अधिकार, उन पर मिलने वाले कानूनी अधिकार हैं, जो इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और औद्योगिक डिजाइन इत्यादि बौद्धिक संपदा अधिकार पर चर्चा की और जानकारी दी। वहीं, स्टार्टअप के लिए बौद्धि संपदा अधिकार संरक्षण के महत्व, पेटेंट करवाने के बारे में बताया।
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इसके साथ प्री रिसर्च की जानकारी प्राप्त करने के तरीकों पर भी प्रकाश डाला, जिससे विद्यार्थी अपने नवीनता का मूल्यांकन कर सकें। कार्यशाला में छात्राओं को अपने नवाचारों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ भविष्य में स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम प्राचार्या डॉ. सुरिंद्र कौर व आईआईसी कनवीनर विवेक के नेतृत्व में करवाया गया। कार्यशाला डॉ. मधुबाला, पूजा सिंदवानी की देखरेख में हुई।