{"_id":"6a9c682b6193d4c8e1000325","slug":"students-enacted-the-guru-shishya-tradition-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1007-162412-2026-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों ने गुरु-शिष्य परंपरा का किया मंचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों ने गुरु-शिष्य परंपरा का किया मंचन
Sun, 06 Sep 2026 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 06 Sep 2026 12:36 AM IST
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देतीं छात्राएं। संस्थान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सरस्वती विद्या मंदिर जगाधरी के सभागार में शनिवार को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में हर्षोल्लास से मनाई गई। इस अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भाषण, कविता, समूहगान और लघु नाटिका के माध्यम से गुरु के महत्व को प्रस्तुत किया।
प्राध्यापिका दिव्या गर्ग और अध्यापिका एकता छाबड़ा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का संचालन कक्षा 12वीं की छात्राओं सिमरनजीत और कोमल ने किया। छात्रा माही ने भाषण और इशिका ने कविता के माध्यम से शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने गुरु द्रोणाचार्य और एकलव्य के प्रसंग पर आधारित लघु नाटिका से गुरु-शिष्य संबंध की महत्ता बताई।
समूह गान के माध्यम से भी गुरु के प्रति सम्मान की भावना व्यक्त की गई। विद्यालय की ओर से सराहनीय कार्यों के लिए शिक्षिका कृष्णा, वीना, संध्या, रितु माहेश्वरी, मीना शर्मा, लिपिक फकीर चंद व सहायक कर्मचारियों राजरानी देवी और गुलाब राम को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने शिक्षकों को उपहार देकर शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य सुमित जिंदल और उप प्रधानाचार्य नीरू शर्मा ने सभी को शिक्षक दिवस की बधाई दी। प्रधानाचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में शिक्षक को भगवान के समान माना गया है। शिक्षक दिवस गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। हमें केवल इस दिन ही नहीं, बल्कि जीवन भर अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीत शिक्षिका मीना शर्मा और निशा ने सहयोग दिया।
विज्ञापन
यमुनानगर। सरस्वती विद्या मंदिर जगाधरी के सभागार में शनिवार को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में हर्षोल्लास से मनाई गई। इस अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भाषण, कविता, समूहगान और लघु नाटिका के माध्यम से गुरु के महत्व को प्रस्तुत किया।
प्राध्यापिका दिव्या गर्ग और अध्यापिका एकता छाबड़ा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का संचालन कक्षा 12वीं की छात्राओं सिमरनजीत और कोमल ने किया। छात्रा माही ने भाषण और इशिका ने कविता के माध्यम से शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने गुरु द्रोणाचार्य और एकलव्य के प्रसंग पर आधारित लघु नाटिका से गुरु-शिष्य संबंध की महत्ता बताई।
विज्ञापन
समूह गान के माध्यम से भी गुरु के प्रति सम्मान की भावना व्यक्त की गई। विद्यालय की ओर से सराहनीय कार्यों के लिए शिक्षिका कृष्णा, वीना, संध्या, रितु माहेश्वरी, मीना शर्मा, लिपिक फकीर चंद व सहायक कर्मचारियों राजरानी देवी और गुलाब राम को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने शिक्षकों को उपहार देकर शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य सुमित जिंदल और उप प्रधानाचार्य नीरू शर्मा ने सभी को शिक्षक दिवस की बधाई दी। प्रधानाचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में शिक्षक को भगवान के समान माना गया है। शिक्षक दिवस गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। हमें केवल इस दिन ही नहीं, बल्कि जीवन भर अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीत शिक्षिका मीना शर्मा और निशा ने सहयोग दिया।