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Yamuna Nagar News: खेतों में जल रही पराली, वीएलसी निभाएं यारी, कैसे हो कार्रवाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Oct 2023 12:15 AM IST
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Stubble is burning in the fields, please play VLC, what action should be taken?
खेतों में पराली जल रही है और विलेज लेवल कमेटी (वीएलसी) हाथ पर हाथ धरे बैठी है। आठ जगह पराली जल गई, लेकिन वीएलसी ने एक भी जगह की आग लगने की सूचना कृषि एवं कल्याण विभाग के कार्यालय में नहीं दी। जबकि पराली में आग लगाने की सूचना देने के लिए ही वीएलसी का गठन किया गया था। ऐसे में प्रशासन की तरफ से उन ब्लाॅकों की वीएलसी को पत्र लिख कर स्पष्टीकरण मांगा है जहां पर पराली जलाने के मामले सामने आ चुके हैं। साथ ही वीएलसी के सदस्यों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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पिछले दो सालों में खेतों में पराली जलाने के 303 मामले सामने आ चुके हैं। कोई किसान खेतों में यदि पराली में आग लगाता है तो उसकी सूचना देने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से विलेज लेवल कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी में कृषि एवं कल्याण विभाग के खंड कृषि अधिकारी, पटवारी व ग्राम सचिवों को शामिल किया गया है। परंतु कमेटी में शामिल किसी भी अधिकारी व कर्मचारी ने विभाग को पराली जलने की जानकारी नहीं दी। जो आठ मामले इस बार सामने आए हैं वह भी सेटेलाइट की मदद से पकड़े गए हैं। दरअसल कमेटी में जिन अधिकारियों व कर्मचारियों को शामिल किया गया है वह किसानों से अपने संबंध खराब नहीं करना चाहते। इनका मानना है कि उन्हें किसानों से रोजाना मिलना होता है। ऐसे में वह उनके खिलाफ शिकायत करके उनसे अनबन नहीं चाहते। भले ही खेतों में पराली जलती रहे।
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पराली जलाने की सूचना विभाग को न देने में गांवों के सरपंच व नंबरदार भी पीछे नहीं है। यदि किसी खेत में पराली जलती है तो सबसे पहले उस गांव के सरपंच को पता लगता है। क्योंकि सरपंच उस गांव का निवासी है। इसी तरह नंबरदार भी वहीं का निवासी होता है। परंतु सरपंच व नंबरदार कोई भी खेतों में पराली जलने का जानकारी देना मुनासिब नहीं समझ रहा।
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डीसी कैप्टन मनोज कुमार का कहना है कि किसान कृषि यंत्रों से धान की पराली को मिट्टी में मिलाकर भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ा सकते हैं। स्ट्रा बेलर मशीन से पराली की गांठ बनाकर सरकार द्वारा दी जा रही एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि भी प्राप्त कर सकते हैं। फसल अवशेष प्रबंधन की नीति अपनाकर आय का अतिरिक्त स्रोत बना सकते हैं। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को कृषि यंत्र सुपर सीडर, जीरो टिलेज मशीन, स्ट्रा चोपर, हैपी सीडर एवं रिवर्सिबल प्लो अनुदान पर दिए जाते हैं। सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशानुसार पराली जलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। पराली जलने की सूचना नहीं देने वालों से भी जवाब तलब किया गया है।
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