{"_id":"675f1d3fd83da549af06f18f","slug":"stray-dogs-are-becoming-violent-by-eating-meat-and-remains-of-dead-animals-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-129926-2024-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: मृत पशुओं का मांस, अवशेष खाकर हिंसक हो रहे बेसहारा कुत्ते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: मृत पशुओं का मांस, अवशेष खाकर हिंसक हो रहे बेसहारा कुत्ते
Sun, 15 Dec 2024 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 15 Dec 2024 11:48 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बेसहारा कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। शहर में घूम रहे कुत्ते हिंसक हो चुके हैं। कुत्तों के हिंसक होने की वजह मृत पशुओं का मांस खाना है। कैल स्थित कचरा प्लांट में मृत पशुओं को खुले में डाला जा रहा है।
वहां सारा दिन कुत्ते मृत पशुओं का मांस व अवशेष खाते हुए देखे जा सकते हैं। जब उन्हें खाने को मांस नहीं मिलता तो वह शहर या आसपास के गांवों की तरफ रूख करके लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। यही वजह है कि दिनोंदिन उन लोगों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है जिन्हें कुत्तों ने काटा है।
मृत पशुओं को खुले में फेंकने से वायु प्रदूषण या किसी तरह की बीमारी न हो इसके लिए नगर निगम ने कैल स्थित कचरा प्लांट में मृत पशुओं के लिए 92 लाख रुपये की लागत से पशु भस्मक यंत्र (इंसीनरेटर) स्थापित किया था। दावा किया गया था कि यह प्रदेश का पहला भस्मक यंत्र है। परंतु यह भस्मक यंत्र वर्षों तक बंद रहा।
विज्ञापन
ऐसे में मृत पशुओं को खुले में ही डाला जा रहा है। ठेकेदार पशुओं की चमड़ी उतार ले जाते हैं जबकि उनके मांस व अवशेषों को वहीं छोड़ दिया जाता है। जिसमें सारा दिन कुत्ते मुंह मारते रहते हैं। अभियान के तहत अमर उजाला ने जिले के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों से कुत्ता काटने के शिकार लोगों के आंकड़े जुटाए।
इस दौरान पता चला कि शहर की लगभग हर गली और मोहल्ले में रोज कुत्ते किसी न किसी को काटकर उनकी जान खतरे में डाल रहे हैं। वर्ष 2023 में सितंबर से दिसंबर तक 2131 लोगों को कुत्तों ने काटा। वहीं 2024 में जनवरी से नवंबर तक 5391 लोगों को कुत्तों ने काटा। जबकि इस साल 127 लोगों को बिल्ली, 237 लोगों को बंदर व 103 लोगों को अन्य जानवरों ने काटा है।
विज्ञापन
यमुनानगर। बेसहारा कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। शहर में घूम रहे कुत्ते हिंसक हो चुके हैं। कुत्तों के हिंसक होने की वजह मृत पशुओं का मांस खाना है। कैल स्थित कचरा प्लांट में मृत पशुओं को खुले में डाला जा रहा है।
वहां सारा दिन कुत्ते मृत पशुओं का मांस व अवशेष खाते हुए देखे जा सकते हैं। जब उन्हें खाने को मांस नहीं मिलता तो वह शहर या आसपास के गांवों की तरफ रूख करके लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। यही वजह है कि दिनोंदिन उन लोगों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है जिन्हें कुत्तों ने काटा है।
विज्ञापन
मृत पशुओं को खुले में फेंकने से वायु प्रदूषण या किसी तरह की बीमारी न हो इसके लिए नगर निगम ने कैल स्थित कचरा प्लांट में मृत पशुओं के लिए 92 लाख रुपये की लागत से पशु भस्मक यंत्र (इंसीनरेटर) स्थापित किया था। दावा किया गया था कि यह प्रदेश का पहला भस्मक यंत्र है। परंतु यह भस्मक यंत्र वर्षों तक बंद रहा।
विज्ञापन
ऐसे में मृत पशुओं को खुले में ही डाला जा रहा है। ठेकेदार पशुओं की चमड़ी उतार ले जाते हैं जबकि उनके मांस व अवशेषों को वहीं छोड़ दिया जाता है। जिसमें सारा दिन कुत्ते मुंह मारते रहते हैं। अभियान के तहत अमर उजाला ने जिले के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों से कुत्ता काटने के शिकार लोगों के आंकड़े जुटाए।
इस दौरान पता चला कि शहर की लगभग हर गली और मोहल्ले में रोज कुत्ते किसी न किसी को काटकर उनकी जान खतरे में डाल रहे हैं। वर्ष 2023 में सितंबर से दिसंबर तक 2131 लोगों को कुत्तों ने काटा। वहीं 2024 में जनवरी से नवंबर तक 5391 लोगों को कुत्तों ने काटा। जबकि इस साल 127 लोगों को बिल्ली, 237 लोगों को बंदर व 103 लोगों को अन्य जानवरों ने काटा है।