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Yamuna Nagar News: सौतेले पिता और सगी मां को बेटे की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तीन साल पहले शहर की प्रतापनगर कॉलोनी में हुए 19 वर्षीय वरुण उर्फ हैप्पी की हत्याकांड के मामले में वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र डिमरी की अदालत ने वीरवार बड़ा फैसला सुनाया है। अदालते ने मृतक के सौतेले पिता तरसेम और उसकी सगी मां सीमा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 34 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार 12 दिसंबर 2022 को मृतक वरुण उर्फ हैप्पी का शव ग्रे पेलिकन होटल के नजदीक पश्चिमी यमुना नहर के किनारे बोरे में मिला था। जिसकी बाजू, गर्दन, कान व टांगों पर धारदार हथियार से काटा गया था। निर्ममता के साथ उसकी हत्या की गई थी। हत्याकांड के बाद शहर यमुनानगर पुलिस ने गोताखोर राजीव की शिकायत पर उसी दिन अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया था।
70 हजार रुपये लेकर निकला था वरुण
12 दिसंबर को ग्रे पेलिकन होटल के पीछे पश्चिमी यमुना नहर से वरुण उर्फ हैप्पी का शव मिला था। तब परिजनों उसकी शिनाख्त की थी। तब मां सीमा ने बताया था कि बेटा 11 दिसंबर को 70 हजार रुपये लेकर कार खरीदने निकला था। वहीं सौतेले पिता तरसेम ने पुलिस को बताया कि हैप्पी नशे का आदी था और लंबे समय तक घर से बाहर रहता था। इसके बाद से वह लापता था। उसने कार खरीदी या नहीं इसके बारे में उन्हें कुछ पता नहीं। जब उन्हें शव मिला तो उसके पास से न तो 70 हजार रुपये मिले और न ही कार थी।
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सौतेले पिता और मां ही निकले हत्यारे
जांच का जिम्मा सीआईए-2 के सब इंस्पेक्टर सुमित कंबोज को मिला। पूछताछ में सौतेले पिता तरसेम ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने स्वीकार किया कि हैप्पी नशा करता था और अक्सर उन्हें जान से मारने की धमकी देता था। इससे परेशान होकर उसने पत्नी सीमा के साथ मिलकर 11 दिसंबर की रात उसकी हत्या कर दी। सीमा की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर खून से सने कपड़े बरामद हुए। हत्या के बाद दोनों ने मिलकर शव को बोरी में पैक किया, कार में रखवाया और घर से खून के निशान साफ किए। तरसेम ने पुलिस को यह भी बताया कि पत्नी से कहा था, यदि वह बेटे को नहीं मारेगा तो बेटा ही उसे मार देगा।
वरुण से छुटकारा पाने के लिए बनाई थी योजना
तब, पूछताछ में तरसेम ने बताया था कि उसकी 12 साल पहले हिसार निवासी सीमा के साथ शादी हुई थी। वरुण उर्फ हैप्पी उसका सौतेला बेटा था। नशा करने के साथ ही वह रोजाना लड़ाई झगड़ा करता था और उनसे रुपए और कार की मांग करता था। रुपए न देने पर उनसे मारपीट भी करता था। इससे पूरा परिवार परेशान था। दुखी होकर तरसेम ने अपने सौतेले बेटे को मारने की योजना बनाई। इसके तहत रात जब वरुण उर्फ हैप्पी सो गया तो उसने दस बजे तलवार से उसके सिर और गर्दन पर वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद वह उसके शव को बाथरूम में ले गया। वहां शव को बोरी में पैक करने के लिए टांगें काटी। उसके बाद उसे बड़ी पॉलीथिन में लपेटकर बोरी में बंद किया। उसने बोरी को अपनी गाड़ी की डिग्गी में डाला और अल सुबह पश्चिमी यमुना नहर के किनारे फेंक आया। मामले में तरसेम की गिरफ्तारी के सामने आया था कि इस हत्याकांड को अंजाम देने में हैप्पी की सगी मां सीमा ने सौतेले पिता तरसेम का पूरा साथ दिया था। हत्या के बाद उसने ही अपने कलेजे के टुकड़े को बोरे में पैक करने से लेकर गाड़ी में लोड कराने में अपने पति तरसेम की मदद की। इसके बाद उसने घर को अच्छे से साफ किया, ताकि कहीं भी खून का कोई निशान न रह जाए। सारे सबूत मिटाने की कोशिश की थी।
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यमुनानगर। तीन साल पहले शहर की प्रतापनगर कॉलोनी में हुए 19 वर्षीय वरुण उर्फ हैप्पी की हत्याकांड के मामले में वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र डिमरी की अदालत ने वीरवार बड़ा फैसला सुनाया है। अदालते ने मृतक के सौतेले पिता तरसेम और उसकी सगी मां सीमा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 34 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार 12 दिसंबर 2022 को मृतक वरुण उर्फ हैप्पी का शव ग्रे पेलिकन होटल के नजदीक पश्चिमी यमुना नहर के किनारे बोरे में मिला था। जिसकी बाजू, गर्दन, कान व टांगों पर धारदार हथियार से काटा गया था। निर्ममता के साथ उसकी हत्या की गई थी। हत्याकांड के बाद शहर यमुनानगर पुलिस ने गोताखोर राजीव की शिकायत पर उसी दिन अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया था।
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70 हजार रुपये लेकर निकला था वरुण
12 दिसंबर को ग्रे पेलिकन होटल के पीछे पश्चिमी यमुना नहर से वरुण उर्फ हैप्पी का शव मिला था। तब परिजनों उसकी शिनाख्त की थी। तब मां सीमा ने बताया था कि बेटा 11 दिसंबर को 70 हजार रुपये लेकर कार खरीदने निकला था। वहीं सौतेले पिता तरसेम ने पुलिस को बताया कि हैप्पी नशे का आदी था और लंबे समय तक घर से बाहर रहता था। इसके बाद से वह लापता था। उसने कार खरीदी या नहीं इसके बारे में उन्हें कुछ पता नहीं। जब उन्हें शव मिला तो उसके पास से न तो 70 हजार रुपये मिले और न ही कार थी।
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सौतेले पिता और मां ही निकले हत्यारे
जांच का जिम्मा सीआईए-2 के सब इंस्पेक्टर सुमित कंबोज को मिला। पूछताछ में सौतेले पिता तरसेम ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने स्वीकार किया कि हैप्पी नशा करता था और अक्सर उन्हें जान से मारने की धमकी देता था। इससे परेशान होकर उसने पत्नी सीमा के साथ मिलकर 11 दिसंबर की रात उसकी हत्या कर दी। सीमा की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर खून से सने कपड़े बरामद हुए। हत्या के बाद दोनों ने मिलकर शव को बोरी में पैक किया, कार में रखवाया और घर से खून के निशान साफ किए। तरसेम ने पुलिस को यह भी बताया कि पत्नी से कहा था, यदि वह बेटे को नहीं मारेगा तो बेटा ही उसे मार देगा।
वरुण से छुटकारा पाने के लिए बनाई थी योजना
तब, पूछताछ में तरसेम ने बताया था कि उसकी 12 साल पहले हिसार निवासी सीमा के साथ शादी हुई थी। वरुण उर्फ हैप्पी उसका सौतेला बेटा था। नशा करने के साथ ही वह रोजाना लड़ाई झगड़ा करता था और उनसे रुपए और कार की मांग करता था। रुपए न देने पर उनसे मारपीट भी करता था। इससे पूरा परिवार परेशान था। दुखी होकर तरसेम ने अपने सौतेले बेटे को मारने की योजना बनाई। इसके तहत रात जब वरुण उर्फ हैप्पी सो गया तो उसने दस बजे तलवार से उसके सिर और गर्दन पर वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद वह उसके शव को बाथरूम में ले गया। वहां शव को बोरी में पैक करने के लिए टांगें काटी। उसके बाद उसे बड़ी पॉलीथिन में लपेटकर बोरी में बंद किया। उसने बोरी को अपनी गाड़ी की डिग्गी में डाला और अल सुबह पश्चिमी यमुना नहर के किनारे फेंक आया। मामले में तरसेम की गिरफ्तारी के सामने आया था कि इस हत्याकांड को अंजाम देने में हैप्पी की सगी मां सीमा ने सौतेले पिता तरसेम का पूरा साथ दिया था। हत्या के बाद उसने ही अपने कलेजे के टुकड़े को बोरे में पैक करने से लेकर गाड़ी में लोड कराने में अपने पति तरसेम की मदद की। इसके बाद उसने घर को अच्छे से साफ किया, ताकि कहीं भी खून का कोई निशान न रह जाए। सारे सबूत मिटाने की कोशिश की थी।