{"_id":"623cd4cb261765193c702e85","slug":"state-organization-secretary-harpal-left-the-bharatiya-kisan-union-yamuna-nagar-news-knl102795924","type":"story","status":"publish","title_hn":"चढूनी से 14 साल जुड़े प्रदेश संगठन सचिव हरपाल ने छोड़ी भारतीय किसान यूनियन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चढूनी से 14 साल जुड़े प्रदेश संगठन सचिव हरपाल ने छोड़ी भारतीय किसान यूनियन
विज्ञापन
यमुनानगर। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी गुट) के प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सिंह ने आखिरकर यूनियन को अलविदा कह दिया। उन्होंने संगठन छोड़ने का कारण भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी का हिटलरशाही रवैया बताया है। हरपाल सिंह सुढल, साल 2008 में पहली बार जगाधरी ब्लॉक के प्रधान चुने गये थे। उसके बाद उन्हें भाकियू का प्रदेश संगठन सचिव बनाया गया था। तब से वे किसानों के हकों की लड़ाई लड़ते आ रहे थे।
उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल किए गए मैसेज में लिखा है कि लगभग 14 साल से संगठन के साथ मिलकर गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में किसानों-मजदूरों की लड़ाई लड़ रहा था, जो काम गुरनाम ने सौंपा उसको दिल से किया, लेकिन आज संगठन में हिटलरशाही हावी है। संगठन मात्र दो-तीन लोगों की सलाह पर चल रहा है। काम करने वाले लोगों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कोई सुझाव भी दिया जाता है तो उसको दबा दिया जाता है। इस कारण अब मैं अपने पद और इस संगठन में काम नहीं कर सकता, इसलिए मैं पद व संगठन को अलविदा कर रहा हूं। एक बात और बताना चाहता हूं कि भविष्य में किसानों और मजदूरों के हितों की लड़ाई निरंतर लड़ता रहूंगा।
जिस तरह परिवार में मनमुटाव चलता है और बाद में खत्म हो जाता है, इसी तरह हरपाल का भी मनमुटाव खत्म कर दिया जाएगा। उन्हें दोबारा से संगठन के साथ जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
- गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेशाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन।
विज्ञापन
उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल किए गए मैसेज में लिखा है कि लगभग 14 साल से संगठन के साथ मिलकर गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में किसानों-मजदूरों की लड़ाई लड़ रहा था, जो काम गुरनाम ने सौंपा उसको दिल से किया, लेकिन आज संगठन में हिटलरशाही हावी है। संगठन मात्र दो-तीन लोगों की सलाह पर चल रहा है। काम करने वाले लोगों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कोई सुझाव भी दिया जाता है तो उसको दबा दिया जाता है। इस कारण अब मैं अपने पद और इस संगठन में काम नहीं कर सकता, इसलिए मैं पद व संगठन को अलविदा कर रहा हूं। एक बात और बताना चाहता हूं कि भविष्य में किसानों और मजदूरों के हितों की लड़ाई निरंतर लड़ता रहूंगा।
विज्ञापन
जिस तरह परिवार में मनमुटाव चलता है और बाद में खत्म हो जाता है, इसी तरह हरपाल का भी मनमुटाव खत्म कर दिया जाएगा। उन्हें दोबारा से संगठन के साथ जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
- गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेशाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन।