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Yamuna Nagar News: साढौरा में राम-भरत मिलाप प्रसंग का मंचन
Fri, 16 Oct 2026 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 16 Oct 2026 01:43 AM IST
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साढौरा में राम को नदी पार करवाने का मंचन करते कलाकार। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। श्री सनातन धर्म सभा एवं श्री शिव शक्ति रामलीला क्लब की ओर से मनोकामना मंदिर मैदान में आयोजित श्री रामलीला महोत्सव में केवट संवाद और राम-भरत मिलाप प्रसंग मंचन किया गया। शुभारंभ रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों एवं रूप राम सैनी ने किया।
मंचन के दौरान भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता सरयू तट पर पहुंचते हैं, जहां केवट उन्हें अपनी नाव में बैठाकर नदी पार करवाता है। इसके बाद तीनों चित्रकूट पहुंच जाते हैं। उधर, श्रीराम के वनवास के वियोग में महाराजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते हैं। भरत और शत्रुघ्न को जब श्रीराम के वनवास तथा महाराजा दशरथ के निधन का समाचार मिलता है, तो वे अयोध्या लौटते हैं।
भरत माता कैकेयी को उनके निर्णय के लिए भला-बुरा कहते हैं और तीनों माताओं, गुरु वशिष्ठ, मंत्री सुमंत तथा शत्रुघ्न के साथ श्रीराम को वापस लाने के लिए चित्रकूट पहुंचते हैं। चित्रकूट में भरत और श्रीराम के मिलाप का भावुक दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर पंडाल में मौजूद दर्शक भी भावुक हो गए। इस अवसर पर मंगतराम सैनी, सुधीर गर्ग, धर्मपाल सैनी, गगन गोयल, वीरेंद्र अग्रवाल, सचिन सिंगला, राजू सैनी, धनपत सैनी, बबली सैनी सहित अन्य उपस्थित रहे।
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साढौरा। श्री सनातन धर्म सभा एवं श्री शिव शक्ति रामलीला क्लब की ओर से मनोकामना मंदिर मैदान में आयोजित श्री रामलीला महोत्सव में केवट संवाद और राम-भरत मिलाप प्रसंग मंचन किया गया। शुभारंभ रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों एवं रूप राम सैनी ने किया।
मंचन के दौरान भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता सरयू तट पर पहुंचते हैं, जहां केवट उन्हें अपनी नाव में बैठाकर नदी पार करवाता है। इसके बाद तीनों चित्रकूट पहुंच जाते हैं। उधर, श्रीराम के वनवास के वियोग में महाराजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते हैं। भरत और शत्रुघ्न को जब श्रीराम के वनवास तथा महाराजा दशरथ के निधन का समाचार मिलता है, तो वे अयोध्या लौटते हैं।
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भरत माता कैकेयी को उनके निर्णय के लिए भला-बुरा कहते हैं और तीनों माताओं, गुरु वशिष्ठ, मंत्री सुमंत तथा शत्रुघ्न के साथ श्रीराम को वापस लाने के लिए चित्रकूट पहुंचते हैं। चित्रकूट में भरत और श्रीराम के मिलाप का भावुक दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर पंडाल में मौजूद दर्शक भी भावुक हो गए। इस अवसर पर मंगतराम सैनी, सुधीर गर्ग, धर्मपाल सैनी, गगन गोयल, वीरेंद्र अग्रवाल, सचिन सिंगला, राजू सैनी, धनपत सैनी, बबली सैनी सहित अन्य उपस्थित रहे।
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