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Yamuna Nagar News: कर्मचारी पर्याप्त नहीं, कैसे लड़ेंगे मलेरिया-डेंगू से जंग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jun 2024 04:43 AM IST
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Staff is not enough, how will we fight malaria and dengue?

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यमुनानगर। जिले में अभी तक डेंगू के दो केस मिल चुके हैं। आने वाले दिनों में इन केस में और अधिक इजाफा भी हो सकता है। ऐसे में स्टाफ की कमी स्वास्थ्य विभाग के समक्ष बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है। यहां तक की मलेरिया विभाग को अभी तक ब्रीडिंग चेकर भी नहीं मिले हैं। इन्हीं ब्रीडिंग को फील्ड में जाकर डेंगू व मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लारवा की जांच करनी है।
अभी तक लोकसभा चुनाव के कारण आचार संहिता लगी हुई थी। जिस कारण मलेरिया विभाग को ब्रीडिंग चेकर रखने की अनुमति नहीं मिली। हालांकि अब आचार संहिता हट चुकी है, लेकिन ब्रीडिंग चेकर कब तक रखे जाएंगे फिलहाल इस बारे में कोई सूचना मुख्यालय की तरफ से नहीं दी गई है।
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जिला मलेरिया विभाग हर साल मच्छरों के लारवा की जांच करने के लिए ब्रीडिंग चेकर रखता है। जिनकी संख्या 30 से अधिक होती है। इन्हें रखने की मंजूरी स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय से ही मिलती है। इस बार अधिकारी गत वर्ष से ज्यादा चेकर रखने की मांग कर रहे थे परंतु यहां तो अभी तक पहले के बराबर चेकर भी नहीं मिले हैं।
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एमपीएचडब्ल्यू के पद भी खाली
जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास एमपीएचडब्ल्यू के कुल 123 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 100 पद खाली हैं। इसी तरह एमपीएचएस के 26 में से 24 पद खाली हैं। एमपीएचएस में केवल दो कर्मचारी ही बचे हैं। इनमें से भी एक की ड्यूटी अन्य कार्यों में लगा रहती है। एमपीएचडब्ल्यू फील्ड में रह कर डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए कार्य करते हैं। यहां तक की लोगों को जागरूक करना, चेकिंग व तालाबों में गंबूसिया मछली छोड़ने समेत अन्य कार्य इन्हीं को करना होता है। इसी तरह एमपीएचएस द्वारा एमपीएचडब्ल्यू के कार्यों पर निगरानी रखी जाती है। वर्ष 2023 में जिले में डेंगू के 735 केस मिले थे। जबकि 2022 में 932 केस मिले थे।


जल्द रखे जाएंगे ब्रीडिंग चेकर : सुशीला सैनी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी का कहना है कि लोकसभा चुनाव के कारण लगी आचार संहिता का उल्लंघन न हो इसके लिए ब्रीडिंग चेकर नहीं रखे जा सके थे। अब आचार संहिता हट चुकी है। इसलिए जल्द ही ब्रीडिंग चेकर रखे जाएंगे।



यमुनानगर में नौ साल में डेंगू व मलेरिया के केस:

साल डेंगू मलेरिया
2016 65 508
2017 70 266
2018 42 97
2019 51 21
2020 36 03
2021 241 04
2022 932 01
2023 735 01
2024 02 अब तक
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