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Yamuna Nagar News: निजी संस्थानों में नहीं शुरू हो सकीं खेल नर्सरियां
Mon, 23 Jun 2025 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 23 Jun 2025 12:27 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के निजी संस्थानों में ढाई माह में भी खेल नर्सरियां शुरू नहीं हो पाई हैं। हालांकि इसके लिए संस्थानों ने 31 मार्च तक खेल विभाग को आवेदन कर दिए थे, पर निदेशालय से अनुमति मिल पाई है। अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि उनके यहां खेल नर्सरी शुरू होंगी या नहीं। इस असमंजस की स्थिति में उक्त संस्थानों के कोच व खिलाड़ी खेल नर्सरी योजना के लाभ से वंचित हैं।
ग्राम पंचायतों, सरकारी व निजी खेल संस्थानों से अपने यहां खेल नर्सरियां शुरू करने के लिए खेल विभाग ने 31 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। जिले से 122 आवेदन किए गए थे। इन आवेदनों पर विभाग से 30 खेल नर्सरियां शुरू करने की अनुमति मिली। यह नर्सरियां सरकारी स्कूल, स्टेडियम व ग्राम पंचायत स्तर की हैं।
इसके अलावा आवेदन करने वाले 70 से अधिक निजी संस्थान भी थे, जिनके यहां अभी तक खेल नर्सरियां शुरू करने के लिए निदेशालय की अनुमति का इंतजार हो रहा है। इन संस्थानों के प्रतिनिधियों ने बताया कि ढाई माह पहले सरकारी स्कूलों, स्टेडियमों व ग्राम पंचायतों की खेल नर्सरियां शुरू करने की अनुमति मिल गई थी, पर अभी तक निजी संस्थानों में यह खेल नर्सरियां शुरू करने की मंजूरी नहीं दी गई।
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ढाई माहस से निजी संस्थानों के खिलाड़ी व कोच खेल नर्सरी योजना के लाभ से वंचित हैं। यह लाभ मिलने से कोच व खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ेगा और अलग-अलग खेलों के लिए खिलाड़ी तैयार हो पाएंगे। इसलिए जल्द निजी संस्थानों में भी खेल नर्सरियां शुरू करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
ये है योजना
हर खेल नर्सरी में ट्रायल के जरिए 25 खिलाड़ी चयनित होते हैं। साथ ही दस खिलाड़ी अतिरिक्त सूची में रखे जाते हैं। चयनित खिलाड़ी दो वर्ग में होते हैं, जिनमें एक 8-14 और दूसरा 15-19 आयु वर्ग। दोनों आयु वर्ग के लिए विभाग से हर माह मिलने वाले डाइट खर्च अलग-अलग निर्धारित है। इन खिलाड़ियों को खेल नर्सरियां में प्रशिक्षित कोच से निशुल्क प्रशिक्षण की सुविधा मिलती है।
वर्जन
निजी संस्थानों में खेल नर्सरियां शुरू करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसकी अनुमति निदेशालय स्तर पर दी जानी है। इस संबंध में निदेशालय से जो दिशा निर्देश होंगे, उसी मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।
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यमुनानगर। जिले के निजी संस्थानों में ढाई माह में भी खेल नर्सरियां शुरू नहीं हो पाई हैं। हालांकि इसके लिए संस्थानों ने 31 मार्च तक खेल विभाग को आवेदन कर दिए थे, पर निदेशालय से अनुमति मिल पाई है। अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि उनके यहां खेल नर्सरी शुरू होंगी या नहीं। इस असमंजस की स्थिति में उक्त संस्थानों के कोच व खिलाड़ी खेल नर्सरी योजना के लाभ से वंचित हैं।
ग्राम पंचायतों, सरकारी व निजी खेल संस्थानों से अपने यहां खेल नर्सरियां शुरू करने के लिए खेल विभाग ने 31 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। जिले से 122 आवेदन किए गए थे। इन आवेदनों पर विभाग से 30 खेल नर्सरियां शुरू करने की अनुमति मिली। यह नर्सरियां सरकारी स्कूल, स्टेडियम व ग्राम पंचायत स्तर की हैं।
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इसके अलावा आवेदन करने वाले 70 से अधिक निजी संस्थान भी थे, जिनके यहां अभी तक खेल नर्सरियां शुरू करने के लिए निदेशालय की अनुमति का इंतजार हो रहा है। इन संस्थानों के प्रतिनिधियों ने बताया कि ढाई माह पहले सरकारी स्कूलों, स्टेडियमों व ग्राम पंचायतों की खेल नर्सरियां शुरू करने की अनुमति मिल गई थी, पर अभी तक निजी संस्थानों में यह खेल नर्सरियां शुरू करने की मंजूरी नहीं दी गई।
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ढाई माहस से निजी संस्थानों के खिलाड़ी व कोच खेल नर्सरी योजना के लाभ से वंचित हैं। यह लाभ मिलने से कोच व खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ेगा और अलग-अलग खेलों के लिए खिलाड़ी तैयार हो पाएंगे। इसलिए जल्द निजी संस्थानों में भी खेल नर्सरियां शुरू करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
ये है योजना
हर खेल नर्सरी में ट्रायल के जरिए 25 खिलाड़ी चयनित होते हैं। साथ ही दस खिलाड़ी अतिरिक्त सूची में रखे जाते हैं। चयनित खिलाड़ी दो वर्ग में होते हैं, जिनमें एक 8-14 और दूसरा 15-19 आयु वर्ग। दोनों आयु वर्ग के लिए विभाग से हर माह मिलने वाले डाइट खर्च अलग-अलग निर्धारित है। इन खिलाड़ियों को खेल नर्सरियां में प्रशिक्षित कोच से निशुल्क प्रशिक्षण की सुविधा मिलती है।
वर्जन
निजी संस्थानों में खेल नर्सरियां शुरू करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसकी अनुमति निदेशालय स्तर पर दी जानी है। इस संबंध में निदेशालय से जो दिशा निर्देश होंगे, उसी मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।