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समाधान शिविर : चार साल में नहीं हो सका समस्या का निदान

Tue, 24 Feb 2026 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 24 Feb 2026 01:24 AM IST
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Solution Camp: The problem could not be solved in four years
संतरेश व प्रमोद कुमार।
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिला सचिवालय में लगने वाले समाधान शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए शुरू किए गए थे। हकीकत में यहां कई फरियादियों की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। हालात यह है कि चार साल बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
कोई फेमिली आईडी में आय की त्रुटि ठीक कराने के लिए वर्षों से चक्कर काट रहा है, तो किसी का बीपीएल राशन कार्ड रिकॉर्ड की खामी के कारण कट गया है। नाले पर डाले गए स्लैब से परेशान लोग भी समाधान की आस में दर-दर भटक रहे हैं। हर बार शिकायत सुन ली जाती है, फाइल आगे बढ़ा दी जाती है।
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ठोस कार्रवाई का इंतजार खत्म नहीं होता। दूरदराज के गांवों से किराया खर्च कर आने वाले लोग आश्वासन लेकर लौट जाते हैं। समाधान की चौखट पर खड़े ये चेहरे अब सवाल कर रहे हैं-क्या उनकी समस्याओं का सचमुच कोई हल निकलेगा या उम्मीदों की यह कतार यूं ही लंबी होती जाएगी?
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सिंगपुरा गांव के प्रमोद कुमार अपनी पत्नी संतरेश के साथ फेमिली आईडी में आय की त्रुटि ठीक कराने के लिए वर्ष 2022 से समाधान शिविर के चक्कर काट रहे हैं। उनके अनुसार परिवार की वास्तविक आय 1.80 लाख रुपये है, जबकि रिकॉर्ड में तीन लाख रुपये दर्शा दी गई।
प्रमोद का कहना है कि हर बार समाधान शिविर में शिकायत सुनने के बाद उन्हें कमरा नंबर 210 में भेज दिया जाता है। वहां कर्मचारी रिक्वेस्ट पेंडिंग बताकर उन्हें लौटा देते हैं। चार साल से लगातार सचिवालय के चक्कर काटने के बावजूद उनकी फेमिली आईडी में सुधार नहीं हो पाया है।
नाला बंद, आश्वासन चालू
शिवपुरी बी के सेवाराम भी अपनी समस्या लेकर समाधान शिविर पहुंचे। उनका आरोप है कि पड़ोसी ने नाले के ऊपर स्लैब डाल दिया, जिससे पानी की निकासी बंद हो गई। बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं। सेवाराम को शिविर में अधिकारियों से आश्वासन तो मिला कि समस्या का समाधान कराया जाएगा, लेकिन उन्हें अब भी संदेह है कि कार्रवाई कब तक होगी। उनका कहना है कि यदि समय रहते नाला नहीं खुलवाया गया तो आने वाले दिनों में जलभराव से बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।

वाहन बिक, कटा बीपीएल कार्ड
बदनपुरी गांव के महबूब अली का मामला भी कम मार्मिक नहीं है। उनके नाम पर दर्ज एक चौपहिया वाहन के कारण उनका बीपीएल राशन कार्ड काट दिया गया, जबकि वह वाहन वह काफी पहले बेच चुके हैं। रिकॉर्ड अपडेट न होने के कारण उन्हें सरकारी राशन से वंचित होना पड़ रहा है। उनका कहना है कि वह कई बार समाधान शिविर में शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अभी तक न तो वाहन का नामांतरण रिकॉर्ड से हटाया गया और न ही राशन कार्ड बहाल हुआ।

संतरेश व प्रमोद कुमार।

संतरेश व प्रमोद कुमार।

संतरेश व प्रमोद कुमार।

संतरेश व प्रमोद कुमार।

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