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लूट के तीन दोषियों को कैद
यमुनानगर
Updated Sat, 14 Dec 2013 05:45 PM IST
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सचितानंद गैस एजेंसी के कारिंदे से मारपीट के बाद एक लाख 25 हजार की लूट के तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने सभी तीन साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
फैसला शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश एके सिंह पंवार की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब 11 महीने तक चली सुनवाई के दौरान 18 लोगों की गवाही हुई। 31 दिसंबर 2012 को पुलिस को वीटी के जरिये सूचना मिली थी कि सचिदानंद गैस गोदाम के पास झगड़ा हुआ है।
सब इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह तथा एएसआई राजेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। घटना स्थल पर उन्हें एजेंसी का मालिक श्याम लाल मिला। उसने पुलिस को बताया कि बाइक सवार तीन लड़के एजेंसी के कारिंदे अमरदीप से मारपीट करके कैश लूट कर ले गए।
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शहर पुलिस जगाधरी को दी शिकायत में मुखर्जी पार्क निवासी अमरदीप ने कहा कि वह गैस एजेंसी पर 5-6 महीने से काम कर रहा है। जो कि कैश का काम देखता है। 31 दिसंबर को सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर गैस एजेंसी पर आया और 9 बजकर 10 मिनट पर बैग उठाकर गैस गोदाम चला गया।
जहां पर गोदाम कीपर सुरेश कुमार तथा हेल्पर हीरा लाल के साथ सिलेंडर सप्लाई किए। दोपहर को 1 बजकर 30 मिनट पर गोदाम बंद किया और एक लाख 25 हजार कैश बैग में डालकर साथियों के साथ दफ्तर की ओर चल पड़ा। अमरदीप के मुताबिक सुरेश और वह बराबर-बराबर साइकिल पर दफ्तर की ओर जा रहे थे।
जबकि मालिक श्याम लाल एक्टिवा पर पीछे आ रहा था। सड़क के मोड़ पर उन्होंने एक बाइक पर तीन युवकों को खडे़ देखा। उनमें से एक युवक बाइक से उतर कर आया, जिसके हाथ में बैट था, उसने बैट मारकर साइकिल को गिरा दिया। नीचे गिरने पर उसने उस पर बैट से हमला बोल दिया।
इसी बीच दूसरा युवक बाइक से उतर कर आया और उसने उस पर बंदूक तान दी। जिस कारण वह डर गया। इसके बाद युवक उससे रुपयों से भरा बैग छीन कर फरार हो गए। पुलिस ने लूट का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले की जांच सीआईए को सौंप दी।
सीआईए के सब इंस्पेक्टर रणसिंह ने 6 जनवरी 2013 को राजेश कालोनी निवासी बालकृष्ण तथा इंद्रापुरम कालोनी निवासी रमन को गिर तार किया। इसके बाद जांच का जिम्मा संभाल रहे सीआईए के सब इंस्पेक्टर बालकिशन ने आर्य नगर फरकपुर निवासी सुनील को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 9 जनवरी को पकडे़ गए आरोपियों को कब्जे से कुछ रुपए, वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक तथा अन्य सामान बरामद किया।
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फैसला शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश एके सिंह पंवार की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब 11 महीने तक चली सुनवाई के दौरान 18 लोगों की गवाही हुई। 31 दिसंबर 2012 को पुलिस को वीटी के जरिये सूचना मिली थी कि सचिदानंद गैस गोदाम के पास झगड़ा हुआ है।
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सब इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह तथा एएसआई राजेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। घटना स्थल पर उन्हें एजेंसी का मालिक श्याम लाल मिला। उसने पुलिस को बताया कि बाइक सवार तीन लड़के एजेंसी के कारिंदे अमरदीप से मारपीट करके कैश लूट कर ले गए।
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शहर पुलिस जगाधरी को दी शिकायत में मुखर्जी पार्क निवासी अमरदीप ने कहा कि वह गैस एजेंसी पर 5-6 महीने से काम कर रहा है। जो कि कैश का काम देखता है। 31 दिसंबर को सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर गैस एजेंसी पर आया और 9 बजकर 10 मिनट पर बैग उठाकर गैस गोदाम चला गया।
जहां पर गोदाम कीपर सुरेश कुमार तथा हेल्पर हीरा लाल के साथ सिलेंडर सप्लाई किए। दोपहर को 1 बजकर 30 मिनट पर गोदाम बंद किया और एक लाख 25 हजार कैश बैग में डालकर साथियों के साथ दफ्तर की ओर चल पड़ा। अमरदीप के मुताबिक सुरेश और वह बराबर-बराबर साइकिल पर दफ्तर की ओर जा रहे थे।
जबकि मालिक श्याम लाल एक्टिवा पर पीछे आ रहा था। सड़क के मोड़ पर उन्होंने एक बाइक पर तीन युवकों को खडे़ देखा। उनमें से एक युवक बाइक से उतर कर आया, जिसके हाथ में बैट था, उसने बैट मारकर साइकिल को गिरा दिया। नीचे गिरने पर उसने उस पर बैट से हमला बोल दिया।
इसी बीच दूसरा युवक बाइक से उतर कर आया और उसने उस पर बंदूक तान दी। जिस कारण वह डर गया। इसके बाद युवक उससे रुपयों से भरा बैग छीन कर फरार हो गए। पुलिस ने लूट का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले की जांच सीआईए को सौंप दी।
सीआईए के सब इंस्पेक्टर रणसिंह ने 6 जनवरी 2013 को राजेश कालोनी निवासी बालकृष्ण तथा इंद्रापुरम कालोनी निवासी रमन को गिर तार किया। इसके बाद जांच का जिम्मा संभाल रहे सीआईए के सब इंस्पेक्टर बालकिशन ने आर्य नगर फरकपुर निवासी सुनील को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 9 जनवरी को पकडे़ गए आरोपियों को कब्जे से कुछ रुपए, वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक तथा अन्य सामान बरामद किया।