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Yamuna Nagar News: कपालमोचन मेले में दिखेंगे लकड़ी से बने श्रीराम मंदिर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Nov 2024 01:06 AM IST
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Shri Ram temple made of wood will be seen in Kapalmochan fair
राहुल शर्मा
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यमुनानगर।
कपालमोचन मेले में इस बार सहारनपुर के मुस्लिम कारीगरों के हाथ का हुनर दिखने वाला है। यहां वह शीशम की लकड़ी से बनाई पीड़ी सहित लकड़ी नक्काशी कर बनाए अन्य साजो-सामान लेकर पहुंचे हैं। इनमें अयोध्या में बने श्रीराम मंदिर जैसा दिखने वाला लकड़ी की नक्काशी कर बनाया मॉडल भी है, जो मेला शुरू होने से पहले यहां पहुंचे श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहा है।
इसके अलावा लकड़ी पर नक्काशी कर बने आइने, हैंगर, तोप, ट्रैक्टर-ट्रॉली व रसोई के इस्तेमाल और घर-दफ्तर के सजावट का सामान भी श्रद्धालु खरीदते नजर आए। साथ ही चित्तौड़गढ़, मकराना और शंकरगढ़ के प्रसिद्ध पत्थरों को तराश कर बनाई आटा चक्की व अन्य सामान भी सहारनपुर के कारीगरों ने मेले में सजा दिया है।
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सहारनपुर के रोशन ने बताया कि सहारनपुर में कारखाना है, जहां कारीगर लकड़ी नक्काशी कर अलग-अलग सामान तैयार करते हैं। यहां मेले में पांच वर्षों से लगातार दुकान लगा रहे हैं। मेले में सबसे ज्यादा पीड़ी खरीदी जाती है, इसलिए कई माह पहले ही शीशम की लकड़ी से प्लास्टिक की नवार और रस्सी से पीड़िया तैयार की, जिन्हें मेले में लाए हैं। ये पीड़ियां 150 से 400 रुपये में उपलब्ध हैं।
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सहारनपुर के गंगोह से आए मो. खुर्शीद ने बताया कि दस साल से मेले में आटा चक्की बेचने की दुकान लगा रहे हैं। यह चक्की राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से मंगवाए लाल पत्थर को तराश कर खुद तैयार की। मेले में काफी संख्या में पंजाब सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु आटा चक्की भी जरूर खरीद कर ले जाते हैं, इसलिए अलग-अलग आकार में 300 से 800 रुपये की आटा चक्की लाए हैं। पिछले मेले में भी सौ से अधिक आटा चक्की की बिक्री हो गई थी।

सहारनपुर के नूर हसन ने बताया कि कई वर्षों से राजस्थान के चित्तौड़गढ़ व मकराना और यूपी के शंकरगढ़ के प्रसिद्ध पत्थर मंगवाकर उन्हें तराश कर आटा चक्की, ओखली, चकला बनाते हैं, जिनकी मेले में खूब मांग रहती है। गत वर्षों में भी लगाई दुकान पर श्रद्धालुओं के रुझान को देखते हुए इस बार भी पर्याप्त संख्या में आटा चक्की, ओखली, चकला तैयार किए हैं, जिनके आकार मुताबिक अलग-अलग दाम हैं। उम्मीद है कि मेले में इस बार अच्छी बिक्री होगी। संवाद
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