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Yamuna Nagar News: डीजल की कमी, रूटों पर बसों के फेरे कम, यात्रियों पर सितम
Sun, 09 Apr 2023 02:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 09 Apr 2023 02:30 AM IST
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राहुल शर्मा
यमुनानगर। हरियाणा रोडवेज की 50 नई बसें आने के बाद भी यमुनानगर डिपो से जिले के ग्रामीण रूटों पर बस सेवा सुधर नहीं पाई है। शुक्रवार को गुलाबनगर-पाबनी मार्ग के बीच मुसिम्बल में बसें न रुकने पर लोगों ने दो घंटे रूट की तीन बसें रोक जाम लगाया था। वहीं, शनिवार शाम को भी यमुनानगर बस स्टैंड पर लोग विभिन्न ग्रामीण रूटों की बसों के लिए एक-डेढ़ घंटे तक इंतजार करते रहे।
आम दिनों से बसों के फेरे कम देख अमर उजाला ने वजह पता की। इसमें कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चार दिन से डीजल की कमी के चलते कई रूट बंद तो बाकियों पर फेरे कम हो गए हैं, उधर जीएम रोडवेज बालकराम का कहना है कि न डीजल कमी है न रूट प्रभावित हुए हैं, क्योंकि जरूरत अनुसार बाहर से डीजल खरीद रहे हैं।
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स्टाफ बोला- रोज चाहिए आठ हजार, मगर चार दिन में आया 10 हजार लीटर डीजल
सूत्रों ने बताया कि रोडवेज डिपो पर रोज औसतन छह से आठ हजार लीटर डीजल की जरूरत है, पर चार दिनों में करीब दस हजार लीटर डीजल ही आया है। इसमें पांच अप्रैल को दो हजार, छह अप्रैल को छह हजार, सात अप्रैल को शून्य व आठ अप्रैल को दो हजार लीटर डीजल आया। स्टाफ की मानें तो पांच अप्रैल को डीजल कम आया तो बसों में पड़े पुराने डीजल से काम चलाया गया, पर रोज की खपत से डीजल की कम आपूर्ति से ज्यादा असर जिले के ग्रामीण रूटों पर पड़ रहा है। जिन रूटों पर चार चक्कर लग रहे थे, वहां फिलहाल दो चक्कर ही लग पा रही है।
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यात्री बोले- एक से डेढ़ घंटे से कर रहे इंतजार
शनिवार शाम यमुनानगर बस स्टैंड पर शिक्षण संस्थानों से वापस घर लौटने के लिए काफी संख्या में विद्यार्थी बसों का एक से डेढ़ घंटे इंतजार करते दिखे। कई लंबे इंतजार के बाद अन्य साधन की तलाश में बस स्टैंड से बाहर निकलते दिखे। यहां ललहाड़ी जाने के लिए आईटीआई के विद्यार्थी अंकित, जगाधरी जाने के लिए नर्सिंग छात्रा नीरज, मानकपुर जाने के लिए निजी कंपनी के कर्मी अभिषेक ने बताया कि एक से डेढ़ घंटे इंतजार के बाद भी बस नहीं आई है। ऐसी दिक्कत गत दो दिन से हो रही है, क्योंकि बसें रोज से कम चल रही हैं।
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रिश्तेदारी में आए थे, लौटना मुश्किल
- मेहरभान व राजबाला ने बताया कि लेदी रिश्तेदारी में गए थे, जहां से वापस अपने गांव गढ़ी बीरबल लौटना है। बस के लिए स्टैंड पर डेढ़ घंटे से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन बस नहीं आई। जबकि इस बीच पहले रूट की बस थी, जो अब तक नहीं आई है।
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दो बसें आई, पर भीड़ देख नहीं चढ़ पाए
- जठलाना के नौरती ने बताया कि किसी काम से यमुनानगर आए थे, अब वापस अपने गांव जठलाना लौटना है। इसके लिए ढाई घंटे से बस स्टैंड खड़े इंतजार कर रहे हैं, जिस बीच दो बसें आईं भी, पर आम दिनों से
अधिक भीड़ होने की वजह से बस में नहीं चढ़ पाए।
संवाद
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यमुनानगर। हरियाणा रोडवेज की 50 नई बसें आने के बाद भी यमुनानगर डिपो से जिले के ग्रामीण रूटों पर बस सेवा सुधर नहीं पाई है। शुक्रवार को गुलाबनगर-पाबनी मार्ग के बीच मुसिम्बल में बसें न रुकने पर लोगों ने दो घंटे रूट की तीन बसें रोक जाम लगाया था। वहीं, शनिवार शाम को भी यमुनानगर बस स्टैंड पर लोग विभिन्न ग्रामीण रूटों की बसों के लिए एक-डेढ़ घंटे तक इंतजार करते रहे।
आम दिनों से बसों के फेरे कम देख अमर उजाला ने वजह पता की। इसमें कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चार दिन से डीजल की कमी के चलते कई रूट बंद तो बाकियों पर फेरे कम हो गए हैं, उधर जीएम रोडवेज बालकराम का कहना है कि न डीजल कमी है न रूट प्रभावित हुए हैं, क्योंकि जरूरत अनुसार बाहर से डीजल खरीद रहे हैं।
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स्टाफ बोला- रोज चाहिए आठ हजार, मगर चार दिन में आया 10 हजार लीटर डीजल
सूत्रों ने बताया कि रोडवेज डिपो पर रोज औसतन छह से आठ हजार लीटर डीजल की जरूरत है, पर चार दिनों में करीब दस हजार लीटर डीजल ही आया है। इसमें पांच अप्रैल को दो हजार, छह अप्रैल को छह हजार, सात अप्रैल को शून्य व आठ अप्रैल को दो हजार लीटर डीजल आया। स्टाफ की मानें तो पांच अप्रैल को डीजल कम आया तो बसों में पड़े पुराने डीजल से काम चलाया गया, पर रोज की खपत से डीजल की कम आपूर्ति से ज्यादा असर जिले के ग्रामीण रूटों पर पड़ रहा है। जिन रूटों पर चार चक्कर लग रहे थे, वहां फिलहाल दो चक्कर ही लग पा रही है।
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यात्री बोले- एक से डेढ़ घंटे से कर रहे इंतजार
शनिवार शाम यमुनानगर बस स्टैंड पर शिक्षण संस्थानों से वापस घर लौटने के लिए काफी संख्या में विद्यार्थी बसों का एक से डेढ़ घंटे इंतजार करते दिखे। कई लंबे इंतजार के बाद अन्य साधन की तलाश में बस स्टैंड से बाहर निकलते दिखे। यहां ललहाड़ी जाने के लिए आईटीआई के विद्यार्थी अंकित, जगाधरी जाने के लिए नर्सिंग छात्रा नीरज, मानकपुर जाने के लिए निजी कंपनी के कर्मी अभिषेक ने बताया कि एक से डेढ़ घंटे इंतजार के बाद भी बस नहीं आई है। ऐसी दिक्कत गत दो दिन से हो रही है, क्योंकि बसें रोज से कम चल रही हैं।
रिश्तेदारी में आए थे, लौटना मुश्किल
- मेहरभान व राजबाला ने बताया कि लेदी रिश्तेदारी में गए थे, जहां से वापस अपने गांव गढ़ी बीरबल लौटना है। बस के लिए स्टैंड पर डेढ़ घंटे से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन बस नहीं आई। जबकि इस बीच पहले रूट की बस थी, जो अब तक नहीं आई है।
दो बसें आई, पर भीड़ देख नहीं चढ़ पाए
- जठलाना के नौरती ने बताया कि किसी काम से यमुनानगर आए थे, अब वापस अपने गांव जठलाना लौटना है। इसके लिए ढाई घंटे से बस स्टैंड खड़े इंतजार कर रहे हैं, जिस बीच दो बसें आईं भी, पर आम दिनों से
अधिक भीड़ होने की वजह से बस में नहीं चढ़ पाए।
संवाद