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एसजीपीसी सदस्यों ने गुरुद्वारे में डेरा डाला
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Sat, 19 Jul 2014 01:08 AM IST
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से एसजीपीसी सदस्य और शिअद नेता शुक्रवार को एसजीपीसी के अधीन गुरुद्वारा दसवीं पातशाही पहुंचे। उन्होंने संगत के साथ बैठक कर अलग कमेटी के नुकसान से अवगत कराया।
पंजाब के फगवाड़ा से एसजीपीसी सदस्य श्रवण सिंह, अकाली दल के कपूरथला शहरी जिला प्रधान के नरेंद्र सिंह, करतारपुर से एसजीपीसी सदस्य रणजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी कपाल मोचन स्थित गुरुद्वारा दसवी पातशाही में पहुंचे। उन्होंने यहां संगत के साथ बैठक की।
बैठक की अध्यक्षता एसजीपीसी सदस्य बलदेव सिंह कायमपुर ने की। उन्हाेंने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा अलग कमेटी के गठन के लिए जो बिल पास किया गया है वह असंवैधानिक और गैरकानूनी है।
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यह केवल प्रदेश सरकार का मनी बिल है, जो कि सरकारने अपने फायदे के लिए चंद सिखाें को लालच देकर पास किया है। उन्हाेंने कहा कि इस बिल को पूरे विश्व का सिख समुदाय काले कानून के रूप में विरोध करते हैं।
उन्हाेंने कहा कि 1925 में हजाराें सिखों ने अंग्रेजों के सामने अपनी कुर्बानियां देकर अलग एसजीपीसी का गठन करवाया था। प्रदेश की कांग्रेस सरकार आज उन सिखाें के द्वारा दिए गए बलिदान को भूलकर सिखों को बांटने का कार्य कर रही है जो कि उचित नहीं है। उन्हाेंने कहा कि आज प्रदेश का सिख उन कुर्बानियाें का जाया नहीं जाने देगा चाहे उसके लिए उन्हें कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े।
उन्हाेंने सिख समुदाय से अपील करते हुए कहा कि वे गुरु धामों की मान मर्यादा का बनाए रखने के लिए सिख विरोधी ताकतों को उखाड़ फेंकने में पूरा योगदान दें। पंजाब से आए एसजीपीसी सदस्याें और शिअद नेताओं ने संगत को एसजीपीसी की कार्यप्रणाली के बारे में अवगत करवाया।
बैठक में जसवंत सिंह मंधार, उत्तम सिंह, शेर सिंह, सरबजीत सिंह, अवतार सिंह, नरेंद्र सिंह, कृपाल सिंह, जसपाल भट्टी भी उपस्थित थी।
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पंजाब के फगवाड़ा से एसजीपीसी सदस्य श्रवण सिंह, अकाली दल के कपूरथला शहरी जिला प्रधान के नरेंद्र सिंह, करतारपुर से एसजीपीसी सदस्य रणजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी कपाल मोचन स्थित गुरुद्वारा दसवी पातशाही में पहुंचे। उन्होंने यहां संगत के साथ बैठक की।
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बैठक की अध्यक्षता एसजीपीसी सदस्य बलदेव सिंह कायमपुर ने की। उन्हाेंने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा अलग कमेटी के गठन के लिए जो बिल पास किया गया है वह असंवैधानिक और गैरकानूनी है।
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यह केवल प्रदेश सरकार का मनी बिल है, जो कि सरकारने अपने फायदे के लिए चंद सिखाें को लालच देकर पास किया है। उन्हाेंने कहा कि इस बिल को पूरे विश्व का सिख समुदाय काले कानून के रूप में विरोध करते हैं।
उन्हाेंने कहा कि 1925 में हजाराें सिखों ने अंग्रेजों के सामने अपनी कुर्बानियां देकर अलग एसजीपीसी का गठन करवाया था। प्रदेश की कांग्रेस सरकार आज उन सिखाें के द्वारा दिए गए बलिदान को भूलकर सिखों को बांटने का कार्य कर रही है जो कि उचित नहीं है। उन्हाेंने कहा कि आज प्रदेश का सिख उन कुर्बानियाें का जाया नहीं जाने देगा चाहे उसके लिए उन्हें कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े।
उन्हाेंने सिख समुदाय से अपील करते हुए कहा कि वे गुरु धामों की मान मर्यादा का बनाए रखने के लिए सिख विरोधी ताकतों को उखाड़ फेंकने में पूरा योगदान दें। पंजाब से आए एसजीपीसी सदस्याें और शिअद नेताओं ने संगत को एसजीपीसी की कार्यप्रणाली के बारे में अवगत करवाया।
बैठक में जसवंत सिंह मंधार, उत्तम सिंह, शेर सिंह, सरबजीत सिंह, अवतार सिंह, नरेंद्र सिंह, कृपाल सिंह, जसपाल भट्टी भी उपस्थित थी।