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Yamuna Nagar News: 162 गांवों में लिंगानुपात 700 से कम, विभाग रखेगा नजर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jun 2025 12:40 AM IST
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Sex ratio is less than 700 in 162 villages, the department will keep an eye on it
राजेश कुमार
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यमुनानगर। जिले के 162 गांव ऐसे हैं जिनमें लिंगानुपात 700 से भी कम है। इन गांवों में तमाम प्रयासों के बावजूद लिंगानुपात में सुधार नहीं हो रहा। इन गांवों में लगातार कार्यक्रम किए जा रहे हैं इसके बावजूद परिणाम सामने नहीं आया। ऐसे में इन गांवों पर स्वास्थ्य विभाग अब विशेष निगरानी रखने की योजना बना रहा है।
विभाग गांवों में अपने संपर्क सूत्र तैयार करेगा। वह इसलिए कि कहीं इन गांवों में भ्रूण हत्या तो नहीं करवाई जा रही। यदि कोई संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त होगा तो उस पर नजर रखने का काम किया जाएगा। गत वर्ष 939 लिंगानुपात के साथ यमुनानगर प्रदेश में नंबर वन आया था।
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वहीं इस साल में जनवरी से अप्रैल तक चार माह की जो रिपोर्ट आई है उसके अनुसार 1000 लड़कों के मुकाबले 956 लड़कियों का जन्म हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने कम लिंगानुपात वाले जिन 162 गांवों की लिस्ट तैयार की है उनमें सीएचसी व्यासपुर के 26, रादौर के 23, छछरौली व प्रतापनगर के 20-20, सरस्वतीनगर के 21, नाहरपुर के 32 व साढौरा के 20 गांव शामिल हैं।
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इनमें दर्जनभर ऐसे हैं जो उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे हुए हैं। इन गांवों से यूपी की सीमा चंद किलोमीटर की दूरी पर हैं। शक यह भी जताया जा रहा है कि यदि इन गांवों में लड़कियों की संख्या कम हो रही है तो लोग भ्रूण हत्या के लिए यूपी में जाते होंगे। यह शक इसलिए भी है क्योंकि पीएनडीटी की टीम ने गत दो वर्षों में जो रेड की हैं उनमें डिकोय को भ्रूण लिंग जांच के लिए यूपी ले जाया गया था। जिनमें भ्रूण लिंग जांच कराने वालों को गिरफ्तार किया गया था। संवाद


162 गांव ऐसे हैं जिनमें लिंगानुपात 700 से कम है। इन गांवों में कहीं भ्रूण लिंग जांच के बाद भ्रूण हत्या तो नहीं हो रही इसके लिए इन गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है। साथ ही लोगों को रैली, नुक्कड़ नाटक, प्रचार सामग्री वितरित करके लोगों को बेटी बचाओ के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। लिंगानुपात सुधारने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. विपिन गोंदवाल, डिप्टी सिविल सर्जन (पीएनडीटी), यमुनानगर।
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