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दावों तक सिमटी शहर की सुरक्षा व्यवस्था
यमुनानगर
Updated Tue, 29 Oct 2013 12:26 AM IST
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त्योहारों का सीजन चला हुआ है ऐसे में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन से लेकर शहर के बाजारों में काफी भीड़भाड़ है। पटना में ब्लास्ट होने से तो पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मची है, लेकिन यमुनानगर में लोगों की सुरक्षा के कहीं कोई इंतजाम नजर नहीं आते। अमर उजाला की टीम ने मुख्य सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तो सुरक्षा व्यवस्था का दावा करने वालों की संवेदनहीनता सामने आई। रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड और शहर के बाजारों में सुरक्षा संबंधी कहीं कोई इंतजाम दूर-दूर तक दिखाई नहीं दिए।
जगाधरी रेलवे स्टेशन
यमुनानगर में काफी संख्या में फैक्टरियां हैं। यहां पर यूपी, बिहार और अन्य राज्यों के हजारों की संख्या में लोग रहते हैं। दीवाली के त्योहार पर वे भी अपने घर जा रहे हैं। इससे रेलवे स्टेशन पर इन दिनों यात्रियों की संख्या कई गुणा बढ़ गई है। टीम सबसे पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंची। समय सुबह 11:24 बजे। टीम ने यहां पर टिकट विंडो के पास एक लाल रंग का बैग लावारिस रख दिया। पांच मिनट बाद इसी विंडो के पास से दो पुलिस कर्मी गुजरे, लेकिन विंडो के पास पड़े लावारिस बैग की तरफ कोई ध्यान ही नहीं गया। उन्हें देख ऐसे लग रहा था जैसे स्टेशन पर बस घूमने की ही उनकी ड्यूटी हो। यहां पर यह बैग 12 मिनट रखा रहा। 11:36 बजे तक बैग लावारिस स्थिति में टिकट विंडो के पास ही पड़ा रहा।
यमुनानगर बस स्टैंड में ये दिखे हालात
यमुनानगर जिले की सीमा उत्तरप्रदेश और हिमाचल प्रदेश से जुड़ी है। बस स्टैंड पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री आते-जाते हैं, लेकिन यहां सुरक्षा व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। बस स्टैंड पर पुलिस चौकी बनाई गई है, लेकिन पूरे बस स्टैंड पर कोई पुलिसकर्मी ही दिखाई नहीं देता। सुबह 11:47 बजे वही लाल रंग का बैग शौचालय के सामने यात्रियों के बैठने के लिए बनाई गई सीट पर रख दिया गया। यहां पर यह बैग 10 मिनट लावारिस हालत में पड़ा रहा। किसी का भी ध्यान इस बैग की ओर नहीं गया।
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यहां दिखी पुलिस की संवेदनहीनता
शहर का सबसे व्यस्त चौक फव्वारा चौक समय दोपहर 12:05 बजे। चौक पर चार पुलिसकर्मी तैनात थे। टीम ने चौक पर खड़ी एक बाइक पर बैग रख दिया और दूर चले गए। चौक पर मौजूद पुलिसकर्मी बाइक के पास से कई बार गुजरे, लेकिन लावारिस खड़ी बाइक और उस पर रखे बैग की तरफ किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। चारों पुलिसकर्मी सिर्फ वाहन चालकों के चालान काटने में मशगूल रहे। बैग बाइक पर 12:35 बजे तक रखा रहा।
जनता भी नहीं अलर्ट
बैग लावारिस पड़ा रहा। आसपास लोग खड़े रहे और आते जाते रहे, लेकिन उनकी ओर से भी यह नहीं जानने का प्रयास किया गया कि जो बैग लावारिस पड़ा है उसमें क्या है। किसी को भी अपने सुरक्षा की कोई चिंता नहीं दिखी।
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जगाधरी रेलवे स्टेशन
यमुनानगर में काफी संख्या में फैक्टरियां हैं। यहां पर यूपी, बिहार और अन्य राज्यों के हजारों की संख्या में लोग रहते हैं। दीवाली के त्योहार पर वे भी अपने घर जा रहे हैं। इससे रेलवे स्टेशन पर इन दिनों यात्रियों की संख्या कई गुणा बढ़ गई है। टीम सबसे पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंची। समय सुबह 11:24 बजे। टीम ने यहां पर टिकट विंडो के पास एक लाल रंग का बैग लावारिस रख दिया। पांच मिनट बाद इसी विंडो के पास से दो पुलिस कर्मी गुजरे, लेकिन विंडो के पास पड़े लावारिस बैग की तरफ कोई ध्यान ही नहीं गया। उन्हें देख ऐसे लग रहा था जैसे स्टेशन पर बस घूमने की ही उनकी ड्यूटी हो। यहां पर यह बैग 12 मिनट रखा रहा। 11:36 बजे तक बैग लावारिस स्थिति में टिकट विंडो के पास ही पड़ा रहा।
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यमुनानगर बस स्टैंड में ये दिखे हालात
यमुनानगर जिले की सीमा उत्तरप्रदेश और हिमाचल प्रदेश से जुड़ी है। बस स्टैंड पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री आते-जाते हैं, लेकिन यहां सुरक्षा व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। बस स्टैंड पर पुलिस चौकी बनाई गई है, लेकिन पूरे बस स्टैंड पर कोई पुलिसकर्मी ही दिखाई नहीं देता। सुबह 11:47 बजे वही लाल रंग का बैग शौचालय के सामने यात्रियों के बैठने के लिए बनाई गई सीट पर रख दिया गया। यहां पर यह बैग 10 मिनट लावारिस हालत में पड़ा रहा। किसी का भी ध्यान इस बैग की ओर नहीं गया।
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यहां दिखी पुलिस की संवेदनहीनता
शहर का सबसे व्यस्त चौक फव्वारा चौक समय दोपहर 12:05 बजे। चौक पर चार पुलिसकर्मी तैनात थे। टीम ने चौक पर खड़ी एक बाइक पर बैग रख दिया और दूर चले गए। चौक पर मौजूद पुलिसकर्मी बाइक के पास से कई बार गुजरे, लेकिन लावारिस खड़ी बाइक और उस पर रखे बैग की तरफ किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। चारों पुलिसकर्मी सिर्फ वाहन चालकों के चालान काटने में मशगूल रहे। बैग बाइक पर 12:35 बजे तक रखा रहा।
जनता भी नहीं अलर्ट
बैग लावारिस पड़ा रहा। आसपास लोग खड़े रहे और आते जाते रहे, लेकिन उनकी ओर से भी यह नहीं जानने का प्रयास किया गया कि जो बैग लावारिस पड़ा है उसमें क्या है। किसी को भी अपने सुरक्षा की कोई चिंता नहीं दिखी।