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स्कूल वैन पलटने से 20 बच्चे घायल, एक गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
Updated Thu, 15 Sep 2016 12:13 AM IST
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यमुनानगर
- फोटो : यमुनानगर
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साढौरा। कस्बे के जनता हाई स्कूल की टाटा मैजिक वैन के पलट जाने से उसमें सवार स्कूल के 20 बच्चे घायल हो गए। दस बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें यमुनानगर व जगाधरी अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। वैन चला रहे स्कूल संचालक एवं प्रिंसिपल बलजीत सिंह को भी चोट लगी हैं।
कस्बे के जनता हाई स्कूल की वैन को स्कूल के संचालक एवं प्रिंसीपल बलजीत सिंह चला रहे थे। वैन घाड़ क्षेत्र के गांवों के बच्चों को बिठा कर साढौरा की तरफ आ रही थी। गांव रतौली के समीप वैन अचानक अनियंत्रित हो गई तथा सड़क से नीचे उतर कर पेड़ से टकरा कर पलट गई। वैन पलटते ही बच्चों ने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। बच्चों की चीख पुकार सुन कर सड़क से गुजर रहे मिर्जापुर वासी गुलाब सिंह एवं सलेमपुर निवासी शौकत ने अन्य राहगीरों की मदद से बच्चों को वैन से बाहर निकालना शुरू कर दिया।
वैन से क्षमता से अधिक बच्चे भरे हुए थे, जिसके कारण बच्चे एक दूसरे के नीचे बुरी तरह से दबे हुए थे। लोगों ने एक-एक करके बच्चों सहित प्रिंसिपल बलजीत सिंह को बाहर निकाला। शौकत ने अपने टैंपो की मदद से बच्चों एवं प्रिंसिपल को स्थानीय सामुदायिक चिकित्सा केंद्र में पहुंचाया। यहां 10 बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ट्रामा सेंटर व जगाधरी सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। शेष बच्चों एवं प्रिंसिपल को प्राथमिक चिकित्सा दी गई। ट्रामा सेंटर में कंडईवाला गांव के अनीस की हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया।
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प्रिंसिपल का नहीं मिला लाइसेंस, केस दर्ज
हादसे का पता चलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना साढौरा के कार्यवाहक एसएचओ ने लापरवाही से वैन चलाने के जुर्म में प्रिंसिपल व स्कूल संचालक बलजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया तथा वैन को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस द्वारा मांगे जाने पर स्कूल संचालक न तो गाड़ी के कागजात और ना ही अपना ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत कर सका।
जांच अधिकारी एएसआई बलवान सिंह ने बताया कि नियमों को ताक पर रख कर क्षमता से अधिक बच्चों को वैन में बिठाया हुआ था। जिसके कारण से ही वाहन चालक प्रिंसिपल वैन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। प्रिंसिपल के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है न ही गाड़ी के कागजात।
सहमे हुए थे बच्चे
सलेमपुर निवासी शौकत ने बताया कि वैन पलटने से वैन में बैठे बच्चे इस कदर सहमे हुए थे कि वे जोर से जोर चीख चिल्ला रहे थे। वे अस्पताल में भी उतरने से भयभीत हो रहे थे। घबराहट के कारण वे काफी देर तक कुछ भी बोल न सके। चिकित्सक डॉ. लाल चंद ने बताया कि बच्चे एक्सीडेंट का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे तथा वे बुरी तरह से सहम गए थे। उन्होंने कहा कि बुरी तरह से दबने के कारण से 10 बच्चों की हालत गंभीर हो गई थी जिसके कारण उन्हें यमुनानगर रेफर करना पड़ा।
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कस्बे के जनता हाई स्कूल की वैन को स्कूल के संचालक एवं प्रिंसीपल बलजीत सिंह चला रहे थे। वैन घाड़ क्षेत्र के गांवों के बच्चों को बिठा कर साढौरा की तरफ आ रही थी। गांव रतौली के समीप वैन अचानक अनियंत्रित हो गई तथा सड़क से नीचे उतर कर पेड़ से टकरा कर पलट गई। वैन पलटते ही बच्चों ने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। बच्चों की चीख पुकार सुन कर सड़क से गुजर रहे मिर्जापुर वासी गुलाब सिंह एवं सलेमपुर निवासी शौकत ने अन्य राहगीरों की मदद से बच्चों को वैन से बाहर निकालना शुरू कर दिया।
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वैन से क्षमता से अधिक बच्चे भरे हुए थे, जिसके कारण बच्चे एक दूसरे के नीचे बुरी तरह से दबे हुए थे। लोगों ने एक-एक करके बच्चों सहित प्रिंसिपल बलजीत सिंह को बाहर निकाला। शौकत ने अपने टैंपो की मदद से बच्चों एवं प्रिंसिपल को स्थानीय सामुदायिक चिकित्सा केंद्र में पहुंचाया। यहां 10 बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ट्रामा सेंटर व जगाधरी सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। शेष बच्चों एवं प्रिंसिपल को प्राथमिक चिकित्सा दी गई। ट्रामा सेंटर में कंडईवाला गांव के अनीस की हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया।
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प्रिंसिपल का नहीं मिला लाइसेंस, केस दर्ज
हादसे का पता चलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना साढौरा के कार्यवाहक एसएचओ ने लापरवाही से वैन चलाने के जुर्म में प्रिंसिपल व स्कूल संचालक बलजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया तथा वैन को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस द्वारा मांगे जाने पर स्कूल संचालक न तो गाड़ी के कागजात और ना ही अपना ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत कर सका।
जांच अधिकारी एएसआई बलवान सिंह ने बताया कि नियमों को ताक पर रख कर क्षमता से अधिक बच्चों को वैन में बिठाया हुआ था। जिसके कारण से ही वाहन चालक प्रिंसिपल वैन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। प्रिंसिपल के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है न ही गाड़ी के कागजात।
सहमे हुए थे बच्चे
सलेमपुर निवासी शौकत ने बताया कि वैन पलटने से वैन में बैठे बच्चे इस कदर सहमे हुए थे कि वे जोर से जोर चीख चिल्ला रहे थे। वे अस्पताल में भी उतरने से भयभीत हो रहे थे। घबराहट के कारण वे काफी देर तक कुछ भी बोल न सके। चिकित्सक डॉ. लाल चंद ने बताया कि बच्चे एक्सीडेंट का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे तथा वे बुरी तरह से सहम गए थे। उन्होंने कहा कि बुरी तरह से दबने के कारण से 10 बच्चों की हालत गंभीर हो गई थी जिसके कारण उन्हें यमुनानगर रेफर करना पड़ा।