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पांच महिलाओं के बीच चौधर का मुकाबला, 10वीं पास दे रही बीए, एमए को टक्कर
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साहिल घई
साढौरा। 4498 की आबादी और 3429 मतदाताओं का गांव सरावां। जोकि साढौरा ब्लॉक का सबसे बड़ा गांव है। इस बार यहां से पांच महिला उम्मीदवार गांव की चौधर पाने के लिए आमने-सामने हैं। रोचक बात ये है पांचों सरपंच प्रत्याशी महिलाओं में से एक 10वीं पास है। जबकि अन्य चार बीए, एमए हिंदी तथा एमए इंग्लिश है। इन सभी में मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। खास बात ये है पांचों महिला प्रत्याशी गांव को जल निकासी से मुक्ति दिलाने की बात कह रही हैं। जबकि इस गांव में जल निकासी का मुद्दा ही सबसे बड़ा बना हुआ है।
इन्होंने सीबीसीई पैटर्न मॉडल का स्कूल बनाने की ठानी
एमए पढ़ीं 42 वर्षीय अनुराधा ने जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के साथ-साथ गांव में खेल स्टेडियम बनाने की बात कही है तथा सामुदायिक केंद्र के अलावा सभी स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त डिस्पेंसरी, राजकीय स्कूल को सीबीसीई पैटर्न का मॉडल स्कूल बनवाने का दावा किया है।
ससुर व सास भी रह चुके सरपंच
बीए पास 23 वर्षीय कोमल सैनी के ससुर व सास गांव के सरपंच रह चुके हैं। इस कारण वह गांव की सभी समस्याओं से अवगत होने का दावा करती हैं। वह गांव में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए मेन सड़क के साथ-साथ भूमिगत नाला बनवाने की इच्छा रखती हैं। ग्रामीणों को प्रत्येक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना व गांव का विकास करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
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स्कूल अपग्रेड की बात
एमए इंग्लिश 28 वर्षीय नेहा सैनी भी जलभराव की समस्या का निदान करवाने के अलावा बड़ा सामुदायिक केन्द्र बनवाने का वादा कर रही हैं। गांव की गलियों व चौराहों पर सीसीटीवी व स्ट्रीट लाइट लगवाना, सभी सार्वजनिक स्थानों पर ग्रामीणों के बैठने के लिए सुविधा व स्कूल को अपग्रेड करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
टूटी गलियों से मुक्ति का दावा
वहीं एमए हिंदी पास 29 वर्षीय सपना भी जलभराव की समस्या को हल करना चाहती हैं। वह टूटी गलियों की मरम्मत या फिर से बनाने के अलावा ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने का वादा कर रही हैं। गरीब वर्ग को नियमित राशन के अलावा अन्य सुविधाओं व उनके अधिकारों को दिलवाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
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चौड़ा नाला बनाने का वादा
10वीं पास 66 वर्षीय सुखविंदर कौर जलभराव की समस्या के लिए हरिजन बस्ती में 15 फुट चौड़ा नाला बनवाने का वादा कर रही हैं। वह गांव में गौशाला, मिनी पैलेस, मुख्य जगहों पर स्ट्रीट लाइटें व सीसीटीवी कैमरे, लाइब्रेरी का लेवल ऊंचा उठाने के अलावा उस जगह पर गांव का सचिवालय बनाने की सोच रखती हैं।
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साढौरा। 4498 की आबादी और 3429 मतदाताओं का गांव सरावां। जोकि साढौरा ब्लॉक का सबसे बड़ा गांव है। इस बार यहां से पांच महिला उम्मीदवार गांव की चौधर पाने के लिए आमने-सामने हैं। रोचक बात ये है पांचों सरपंच प्रत्याशी महिलाओं में से एक 10वीं पास है। जबकि अन्य चार बीए, एमए हिंदी तथा एमए इंग्लिश है। इन सभी में मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। खास बात ये है पांचों महिला प्रत्याशी गांव को जल निकासी से मुक्ति दिलाने की बात कह रही हैं। जबकि इस गांव में जल निकासी का मुद्दा ही सबसे बड़ा बना हुआ है।
इन्होंने सीबीसीई पैटर्न मॉडल का स्कूल बनाने की ठानी
एमए पढ़ीं 42 वर्षीय अनुराधा ने जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के साथ-साथ गांव में खेल स्टेडियम बनाने की बात कही है तथा सामुदायिक केंद्र के अलावा सभी स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त डिस्पेंसरी, राजकीय स्कूल को सीबीसीई पैटर्न का मॉडल स्कूल बनवाने का दावा किया है।
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ससुर व सास भी रह चुके सरपंच
बीए पास 23 वर्षीय कोमल सैनी के ससुर व सास गांव के सरपंच रह चुके हैं। इस कारण वह गांव की सभी समस्याओं से अवगत होने का दावा करती हैं। वह गांव में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए मेन सड़क के साथ-साथ भूमिगत नाला बनवाने की इच्छा रखती हैं। ग्रामीणों को प्रत्येक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना व गांव का विकास करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
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स्कूल अपग्रेड की बात
एमए इंग्लिश 28 वर्षीय नेहा सैनी भी जलभराव की समस्या का निदान करवाने के अलावा बड़ा सामुदायिक केन्द्र बनवाने का वादा कर रही हैं। गांव की गलियों व चौराहों पर सीसीटीवी व स्ट्रीट लाइट लगवाना, सभी सार्वजनिक स्थानों पर ग्रामीणों के बैठने के लिए सुविधा व स्कूल को अपग्रेड करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
टूटी गलियों से मुक्ति का दावा
वहीं एमए हिंदी पास 29 वर्षीय सपना भी जलभराव की समस्या को हल करना चाहती हैं। वह टूटी गलियों की मरम्मत या फिर से बनाने के अलावा ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने का वादा कर रही हैं। गरीब वर्ग को नियमित राशन के अलावा अन्य सुविधाओं व उनके अधिकारों को दिलवाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
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चौड़ा नाला बनाने का वादा
10वीं पास 66 वर्षीय सुखविंदर कौर जलभराव की समस्या के लिए हरिजन बस्ती में 15 फुट चौड़ा नाला बनवाने का वादा कर रही हैं। वह गांव में गौशाला, मिनी पैलेस, मुख्य जगहों पर स्ट्रीट लाइटें व सीसीटीवी कैमरे, लाइब्रेरी का लेवल ऊंचा उठाने के अलावा उस जगह पर गांव का सचिवालय बनाने की सोच रखती हैं।