{"_id":"68bf4d1c96a134c13e0a7b07","slug":"safety-standards-are-not-met-in-non-recognized-schools-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-143481-2025-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में सुरक्षा के मानक पूरे नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में सुरक्षा के मानक पूरे नहीं
Tue, 09 Sep 2025 03:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 09 Sep 2025 03:10 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में बिना अनुमति चल रहे स्कूलों में कोई भी मानक पूरा नहीं है। यही नहीं स्कूल चलाने जो मानक हैं, उनकी अनुमति अलग-अगल विभागों से मिलती हैं। ऐसे विभाग स्कूलों में अपने मानकों की जांच-पड़ताल कर कार्रवाई की सिफारिश कर सकते हैं।
सभी विभाग बच्चों की सुरक्षा के प्रति उदासीन बने हुए हैं। किसी विभाग ने अपने स्तर पर जिले के अमान्य स्कूलों में निरीक्षण या कार्रवाई की जहमत नहीं उठाई है। ऐसे में यह सभी स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं।
शिक्षा विभाग के अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा के मानकों के संबंध में जानकारी लेने के लिए स्कूलों की जांच नहीं कर रहे हैं। चाइल्ड लाइन, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला अग्निशमन अधिकारी की संयुक्त टीम इसमें सीधी कार्रवाई कर सकती है।
विज्ञापन
ये टीम निरीक्षण करने के बाद कार्रवाई करने व स्कूल बंद करने की सिफारिश भी कर सकती हैं। जानकारी के अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग के राज्य सदस्य अनिल लाठर ने जिले के विभिन्न स्कूलों निरीक्षण किया था।
इस दौरान 36 से ज्यादा स्कूलों में अग्निशमन यंत्र व आग नियंत्रक नहीं मिले थे। जिस पर उन्होंने विभाग को स्कूलों की फायर एनओसी रद्द करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद स्कूलों में हड़कंप मच गया था, चूंकि इसका सीधा प्रभाव उनकी मान्यता पर पड़ता। इसी तरह आयोग की टीम भी इसमें कार्रवाई कर सकती है।
विज्ञापन
जगाधरी। जिले में बिना अनुमति चल रहे स्कूलों में कोई भी मानक पूरा नहीं है। यही नहीं स्कूल चलाने जो मानक हैं, उनकी अनुमति अलग-अगल विभागों से मिलती हैं। ऐसे विभाग स्कूलों में अपने मानकों की जांच-पड़ताल कर कार्रवाई की सिफारिश कर सकते हैं।
सभी विभाग बच्चों की सुरक्षा के प्रति उदासीन बने हुए हैं। किसी विभाग ने अपने स्तर पर जिले के अमान्य स्कूलों में निरीक्षण या कार्रवाई की जहमत नहीं उठाई है। ऐसे में यह सभी स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग के अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा के मानकों के संबंध में जानकारी लेने के लिए स्कूलों की जांच नहीं कर रहे हैं। चाइल्ड लाइन, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला अग्निशमन अधिकारी की संयुक्त टीम इसमें सीधी कार्रवाई कर सकती है।
विज्ञापन
ये टीम निरीक्षण करने के बाद कार्रवाई करने व स्कूल बंद करने की सिफारिश भी कर सकती हैं। जानकारी के अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग के राज्य सदस्य अनिल लाठर ने जिले के विभिन्न स्कूलों निरीक्षण किया था।
इस दौरान 36 से ज्यादा स्कूलों में अग्निशमन यंत्र व आग नियंत्रक नहीं मिले थे। जिस पर उन्होंने विभाग को स्कूलों की फायर एनओसी रद्द करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद स्कूलों में हड़कंप मच गया था, चूंकि इसका सीधा प्रभाव उनकी मान्यता पर पड़ता। इसी तरह आयोग की टीम भी इसमें कार्रवाई कर सकती है।