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Yamuna Nagar News: पासिंग तक सिमटी स्कूल बसों की सुरक्षा

Sun, 14 Apr 2024 04:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 14 Apr 2024 04:33 AM IST
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Safety of school buses limited to passing
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले में निजी स्कूल बसों की सुरक्षा केवल पासिंग तक सिमट कर रह गई है। डीसी, एडीसी, एसडीएम, एसपी, डीएसपी, ट्रैफिक पुलिस से लेकर तमाम बड़े अधिकारियों ने जिले में आज तक सड़क पर चल रही एक भी स्कूल बस को रोक कर उसकी जांच कर करने की जहमत नहीं उठाई। स्कूल बसों की जांच का जिम्मा केवल जिला परिवहन अधिकारी के भरोसे छोड़ दिया गया।
अब महेंद्रगढ़ में स्कूल बस हादसा हुआ और मुख्य सचिव ने हादसा होने पर अधिकारियों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी तो सभी सड़कों पर निकल आए हैं और स्कूल बसों के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। जांच के दौरान पहले ही दिन स्कूल बसों में मिली खामियाें ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली व सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी।
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इसी साल मार्च माह में हुई रोड सेफ्टी की बैठक में डीटीओ ने रिपोर्ट दी कि जनवरी व फरवरी में 38 बसों की जांच की गई। इनमें से 10 के चालान किए गए। इससे पहले नवंबर व दिसंबर 2023 में 35 बसों की जांच की जिनमें से चार के चालान किए गए। अप्रैल 2023 में तो 62 बसों की जांच के दौरान 30 में खामियां मिली थी। यह सभी जांच डीटीओ कार्यालय की ओर से की गई है। इसमें अन्य किसी भी अधिकारी का कोई योगदान नहीं है।
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वहीं यह आंकड़े इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि स्कूल बसों में खामियां हैं। फिर भी इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। निजी स्कूलों की बसों में सुबह स्कूल लगने से लेकर दोपहर छुट्टी होने तक क्षमता से अधिक बच्चों को बिठाया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि स्कूल बसें किसी अंडरग्राउंड रास्ते या फिर चोरी छिपे स्कूल तक आना जाना करती हैं।
यह सभी बसें शहर से लेकर गांव तक उन्हीं चौक-चौराहों से होकर जाती हैं जहां पर हर समय पुलिस तैनात रहती है। चौक पर खड़ी पुलिस हेलमेट पहन कर जा रहे बाइक सवार का तो चालान कर देगी, कभी स्कूल बस की जांच नहीं करती। यदि समय-समय पर कार्रवाई होती रहे तो अब तक स्कूल बसों में काफी सुधार देखने को मिलता।
करीब 700 बसों की होनी है जांच
जिले में करीब 350 निजी स्कूल हैं। इनमें से काफी स्कूल ऐसे हैं जिनकी अपनी कोई बस नहीं है। कुछ स्कूलों के पास एक या दो बस है। बाकी स्कूलों में से कइयों के पास तीन से 15 बसें तक हैं। कुल मिलाकर करीब 700 स्कूल बसों में बच्चों को लाने व ले जाने का काम हो रहा है। प्रदेश के मुख्य सचिव के आदेशानुसार 10 दिनों में सभी बसों की जांच करके रिपोर्ट दी जानी है। यही वजह है कि पहले दिन डीटीओ की टीम के अलावा डीसी व एसपी भी सड़कों पर स्कूल बसों की जांच करते नजर आए। एक बस को इंपाउंड भी किया गया।

पासिंग के दौरान स्कूल बसों की गहनता से जांच की जाती है। कमी मिलने पर बस का चालान किया जाता है। साथ ही कमी दूर करने को कहा जाता है। बाद में उस बस की फिर से जांच की जाती है। वहीं जल्द ही सभी बसों की जांच का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। - हैरतजीत कौर, जिला परिवहन अधिकारी यमुनानगर
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