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Yamuna Nagar News: साध्वी सुचेता ने वृक्ष से की आदमी की तुलना
Wed, 09 Jul 2025 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 09 Jul 2025 12:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। माडल टाउन एसएस जैन सभा में चल रहे प्रवचनों में साध्वी सुचेता ने विस्तार से आदमी की तुलना वृक्ष से करते हुए बताया कि चार प्रकार के वृक्ष होते हैं। आम का वृक्ष जो फल देना ही देना जानता है, ताड़ का वृक्ष जो मजबूत होता है, लेकिन उससे हासिल कुछ नहीं होता।
उन्होंने कहा चंदन का वृक्ष जो हमेशा खुशबू देता चाहे उसे पर कितने भी सांप क्यों ना लिपटे रहें वो उनको कोई नुकसान नहीं पहुंचता और आक का वृक्ष जिसका कोई भी लाभ नहीं है, इसी प्रकार उन्होंने वैराग्य के भी तीन प्रकार बताए मोह का वैराग्य, दुख का वैराग्य और ज्ञान का वैराग्य। जिसमें सबसे सुंदर ज्ञान का वैराग्य होता है।
साध्वी सुचेता ने बताया गुरु प्रतिभा महाराज का जन्म 10 जून 1947 को पट्टी अमृतसर पंजाब में हुआ था, उनके पिता का नाम चिरंजी लाल और माता का नाम शकुंतला देवी था उनकी दीक्षा 19 फरवरी 1970 को पट्टी पंजाब में हुई थी, उनके गुरुनी महासाध्वी कैलाशवति थीं, और उनका देवलोक गमन 8 जुलाई 2021 को सुबह 4:00 बजे डेराबस्सी पंजाब में हुआ था। इस उपलक्ष्य पर 12 घंटे का नवकार मंत्र का अखंड पाठ और नेहरू पार्क चौक पर एक भंडारे का आयोजन किया।
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यमुनानगर। माडल टाउन एसएस जैन सभा में चल रहे प्रवचनों में साध्वी सुचेता ने विस्तार से आदमी की तुलना वृक्ष से करते हुए बताया कि चार प्रकार के वृक्ष होते हैं। आम का वृक्ष जो फल देना ही देना जानता है, ताड़ का वृक्ष जो मजबूत होता है, लेकिन उससे हासिल कुछ नहीं होता।
उन्होंने कहा चंदन का वृक्ष जो हमेशा खुशबू देता चाहे उसे पर कितने भी सांप क्यों ना लिपटे रहें वो उनको कोई नुकसान नहीं पहुंचता और आक का वृक्ष जिसका कोई भी लाभ नहीं है, इसी प्रकार उन्होंने वैराग्य के भी तीन प्रकार बताए मोह का वैराग्य, दुख का वैराग्य और ज्ञान का वैराग्य। जिसमें सबसे सुंदर ज्ञान का वैराग्य होता है।
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साध्वी सुचेता ने बताया गुरु प्रतिभा महाराज का जन्म 10 जून 1947 को पट्टी अमृतसर पंजाब में हुआ था, उनके पिता का नाम चिरंजी लाल और माता का नाम शकुंतला देवी था उनकी दीक्षा 19 फरवरी 1970 को पट्टी पंजाब में हुई थी, उनके गुरुनी महासाध्वी कैलाशवति थीं, और उनका देवलोक गमन 8 जुलाई 2021 को सुबह 4:00 बजे डेराबस्सी पंजाब में हुआ था। इस उपलक्ष्य पर 12 घंटे का नवकार मंत्र का अखंड पाठ और नेहरू पार्क चौक पर एक भंडारे का आयोजन किया।
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