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सैनिक बनने को पहले दिन दौड़े 36 सौ अभ्यर्थी
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तेजली खेल परिसर में सेना में भर्ती के लिए दौड़ लगाते युवा
- फोटो : YAMUNA NAGAR
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तेजली खेल परिसर में सेना की भर्ती में पहले साढ़े तीन हजार आवेदकों ने भाग लिया। पहले दिन के लिए कुल 36 सौ अभ्यर्थियों का ट्रायल होना था। पहले दिन पंचकूला, चंडीगढ़ व कुरुक्षेत्र जिले की भर्ती हुई। भर्ती प्रक्रिया रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक चली। प्रक्रिया कर्नल सोमनाथ गुप्ता की देखरेख में हो रही है। इस दौरान साढ़े तीन हजार युवाओं ने देश सेवा के लिए जोर आजमाइश की। इसके लिए सेना की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
भर्ती प्रक्रिया छह दिन चलेगी। मंगलवार रात कैथल व करनाल के युवा शारीरिक परीक्षा देंगे। कैथल का कुछ हिस्सा मंगलवार की प्रक्रिया में और कुछ हिस्सा बुधवार की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। प्रक्रिया में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी शाम को ही यमुनानगर पहुंचा शुरू हो गए थे। इस दौरान युवाओं ने तेजली खेल परिसर के खाली मैदान में डेरा जमा रखा है। मंगलवार को भी आधी रात को प्रक्रिया शुरू हो गई थी।
दस्तावेजों की जांच के बाद आगे भेजा गया : भर्ती के लिए सेना की ओर से पूरे प्रबंध किए गए हैं। प्रक्रिया के लिए पहले युवकों को कतारबद्ध मैदान में खड़ा गया गया। लंबाई मापने के लिए बाहर ही डंडा लगाया गया था। लंबाई पूरी होने पर अभ्यर्थियों को दोनों तरफ बल्लियों से बंद रास्ते से एक एक कर निकाला गया। इस दौरान उनके दस्तावेजों की जांच की गई। शैक्षणिक, आयु, रिहायशी प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। जिनके दस्तावेज पूरे मिले उन्हें ही शारीरिक परीक्षा के लिए आगे जाने दिया।
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प्रमाण पत्रों में कइयों के अंक मिले कम : सेना में भर्ती के लिए जीडी और क्लर्क के लिए 60 प्रतिशत अंक चाहिए थे। वहीं प्रत्येक विषय में 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य होने चाहिए। इस दौरान कई अभ्यर्थियों ने अपने अंक फार्म में पूरे भरे लेकिन जांच में वह कम निकले। ऐसे में उन्हें बाहर कर दिया गया।
आयु छिपाने का भी किया प्रयास, दो दस्तावेज नहीं असली : भर्ती प्रक्रिया के लिए आयु सीमा साढ़े 17 से 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इस दौरान कई युवकों ने अपनी आयु छिपाने की कोशिश की। आयु छिपाने के लिए उन्होंने दसवीं अन्य बोर्ड से और 12वीं अन्य बोर्ड से की थी। जिसके बाद ओपन बोर्ड से परीक्षा दी गई। ऐसे करीब आधा दर्जन अभ्यर्थियों को अयोग्य करार कर बाहर भेज दिया गया। वहीं दो युवक ऐसे भी भर्ती प्रक्रिया में पहुंचे, जिनके प्रमाण पत्र असली नहीं लग रहे थे। जिन्हें अयोग्य कर दिया गया।
प्रत्येक ग्रुप में दौड़े 150 अभ्यर्थी : भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा के लिए 16 सौ मीटर की दौड़ रखी गई थी। जो पांच मिनट 30 सेकेंड में पूरी करनी थी। इस दौरान जिसने समय से पहले दौड़ पूरी कर ली उसे एक्सीलेंट ग्रुप में शामिल गया। जबकि समय पर पूरा करने वाले को जनरल ग्रुप में रखा गया। इस दौरान पारदर्शिता रहे इसलिए अभ्यर्थियों की फोटो भी ली जा रही है। प्रत्येक ग्रुप में 150 अभ्यर्थियों को दौड़ाया गया।
अयोग्य को सीधा बस स्टैंड पर छोड़ा : भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह से अयोग्य रहने वाले अभ्यर्थियों को एक ओर खड़ा कर दिया गया। वहीं अयोग्य करार अभ्यर्थी अधिक होने पर उन्हें बस में बैठाकर सीधा यमुनानगर बस स्टैंड पर छोड़ दिया। ताकि अव्यवस्था न फैले।
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भर्ती प्रक्रिया छह दिन चलेगी। मंगलवार रात कैथल व करनाल के युवा शारीरिक परीक्षा देंगे। कैथल का कुछ हिस्सा मंगलवार की प्रक्रिया में और कुछ हिस्सा बुधवार की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। प्रक्रिया में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी शाम को ही यमुनानगर पहुंचा शुरू हो गए थे। इस दौरान युवाओं ने तेजली खेल परिसर के खाली मैदान में डेरा जमा रखा है। मंगलवार को भी आधी रात को प्रक्रिया शुरू हो गई थी।
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दस्तावेजों की जांच के बाद आगे भेजा गया : भर्ती के लिए सेना की ओर से पूरे प्रबंध किए गए हैं। प्रक्रिया के लिए पहले युवकों को कतारबद्ध मैदान में खड़ा गया गया। लंबाई मापने के लिए बाहर ही डंडा लगाया गया था। लंबाई पूरी होने पर अभ्यर्थियों को दोनों तरफ बल्लियों से बंद रास्ते से एक एक कर निकाला गया। इस दौरान उनके दस्तावेजों की जांच की गई। शैक्षणिक, आयु, रिहायशी प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। जिनके दस्तावेज पूरे मिले उन्हें ही शारीरिक परीक्षा के लिए आगे जाने दिया।
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प्रमाण पत्रों में कइयों के अंक मिले कम : सेना में भर्ती के लिए जीडी और क्लर्क के लिए 60 प्रतिशत अंक चाहिए थे। वहीं प्रत्येक विषय में 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य होने चाहिए। इस दौरान कई अभ्यर्थियों ने अपने अंक फार्म में पूरे भरे लेकिन जांच में वह कम निकले। ऐसे में उन्हें बाहर कर दिया गया।
आयु छिपाने का भी किया प्रयास, दो दस्तावेज नहीं असली : भर्ती प्रक्रिया के लिए आयु सीमा साढ़े 17 से 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इस दौरान कई युवकों ने अपनी आयु छिपाने की कोशिश की। आयु छिपाने के लिए उन्होंने दसवीं अन्य बोर्ड से और 12वीं अन्य बोर्ड से की थी। जिसके बाद ओपन बोर्ड से परीक्षा दी गई। ऐसे करीब आधा दर्जन अभ्यर्थियों को अयोग्य करार कर बाहर भेज दिया गया। वहीं दो युवक ऐसे भी भर्ती प्रक्रिया में पहुंचे, जिनके प्रमाण पत्र असली नहीं लग रहे थे। जिन्हें अयोग्य कर दिया गया।
प्रत्येक ग्रुप में दौड़े 150 अभ्यर्थी : भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा के लिए 16 सौ मीटर की दौड़ रखी गई थी। जो पांच मिनट 30 सेकेंड में पूरी करनी थी। इस दौरान जिसने समय से पहले दौड़ पूरी कर ली उसे एक्सीलेंट ग्रुप में शामिल गया। जबकि समय पर पूरा करने वाले को जनरल ग्रुप में रखा गया। इस दौरान पारदर्शिता रहे इसलिए अभ्यर्थियों की फोटो भी ली जा रही है। प्रत्येक ग्रुप में 150 अभ्यर्थियों को दौड़ाया गया।
अयोग्य को सीधा बस स्टैंड पर छोड़ा : भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह से अयोग्य रहने वाले अभ्यर्थियों को एक ओर खड़ा कर दिया गया। वहीं अयोग्य करार अभ्यर्थी अधिक होने पर उन्हें बस में बैठाकर सीधा यमुनानगर बस स्टैंड पर छोड़ दिया। ताकि अव्यवस्था न फैले।