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दोस्तों की मौत पर बवाल, ग्रामीणों ने जाम लगा फूंका ट्राला
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Ruckus over the death of friends, villagers jammed the trolley
- फोटो : Yamuna Nagar
साढौरा (यमुनानगर)। बराड़ा मार्ग के सरावां टी प्वाइंट पर मंगलवार की सुबह रेत से भरे ट्राले ने बाइक सवार सरावां निवासी दो दोस्तों को कुचल दिया। हादसे में सचिन-22 और कमलजीत-19 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आरोपी चालक ट्राले को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने ट्राले को आग के हवाले कर दिया। साथ ही मुआवजे की मांग को लेकर सड़क किनारे खड़े पेड़ काट कर मार्ग पर जाम लगा दिया।
मार्ग पर रोते बिलखते परिजनों ने मार्ग पर खनन सामग्री से भरे वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग की। पुलिस बल के साथ ही मौके पर पहुंचे बिलासपुर एसडीएम जसपाल सिंह गिल और नायब तहसीलदार भारत भूषण ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे डीसी को मौके पर बुलाने और मुआवजे के लिए लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। ऐसे में सुबह करीब आठ बजे से लगा जाम रात आठ बजे के बाद तक जारी रहा। इससे राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी।
सरावां निवासी गौरव ने बताया कि उसका भाई सचिन पेंटर का काम करता था, जबकि कमलजीत सैलून चलाता था। मंगलवार को उसके ताऊ के बेटे परमजीत की बरात रायपुररानी जानी थी। इसकी तैयारियों के लिए सचिन और कमलजीत कुछ सामान लेने पाबनी मार्ग पर गए थे। जब वे सरावां टी प्वाइंट पर पहुंचे तो साढौरा की तरफ से आ रहे रेत से भरे तेज रफ्तार ट्राले ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया। हादसे से गुस्साए लोगों ने ट्राले को आगे के हवाले कर बराड़ा हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे साढौरा-दोसड़का मार्ग पर वाहनों की कतार लग गई। सूचना पाकर बिलासपुर डीएसपी जितेन्द्र, डीएसपी प्रमोद सहित कई थानों के प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। साथ ही वाहनों को डायवर्ट कर दूसरे मार्गों से निकलवाया। पुलिस-प्रशासन के समझाने के बाद भी आक्रोशित परिजन और ग्रामीण मार्ग से हटने को तैयार नहीं हुए और डीसी को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे, लेकिन देर शाम तक डीसी मौके पर नहीं पहुंचे। शाम करीब सात बजे सढौरा विधायक रेणू बाला गुप्ता मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और डीसी के खिलाफ नाराजगी जताई। साथ ही मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही।
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चिल्लाता रहा सचिन, 200 मीटर दूर तक घसीटकर ले गया ट्राला
हादसे में कमलजीत की सड़क पर गिरने से मौत हो गई, जबकि सचिन को ट्राला अपनी चपेट में लेकर 200 मीटर दूर तक घसीटता ले गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्राले के साथ घसीटता हुआ सचिन चालक को रोकने के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन ट्राला चालक ने उसकी चीखें अनसुनी कर दी और फिर आगे जाकर ट्राला छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद लोगों ने जैक लगाकर सचिन के शव को ट्राले के टायर के नीचे से निकाला।
बरात की थी तैयारी, मातम में बदली खुशियां
मृतक सचिन के चचेरे भाई परमजीत की मंगलवार को ही शादी थी। उसकी बरात रायपुररानी जानी थी। इसे लेकर हर तरफ खुशियों का माहौल था। सचिन और कमलजीत भी बरात की तैयारियों में जुटे थे और कुछ सामान लेने के लिए पाबनी मार्ग पर गए थे। इस दौरान हुए हादसे से खुशियों को मातम में बदल दिया।
वर्जन
मृतक सचिन के भाई गौरव के बयान पर आरोपी ट्राला चालक के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाने और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी चालक की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-धर्मपाल, एसएचओ, साढौरा थाना।
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मार्ग पर रोते बिलखते परिजनों ने मार्ग पर खनन सामग्री से भरे वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग की। पुलिस बल के साथ ही मौके पर पहुंचे बिलासपुर एसडीएम जसपाल सिंह गिल और नायब तहसीलदार भारत भूषण ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे डीसी को मौके पर बुलाने और मुआवजे के लिए लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। ऐसे में सुबह करीब आठ बजे से लगा जाम रात आठ बजे के बाद तक जारी रहा। इससे राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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सरावां निवासी गौरव ने बताया कि उसका भाई सचिन पेंटर का काम करता था, जबकि कमलजीत सैलून चलाता था। मंगलवार को उसके ताऊ के बेटे परमजीत की बरात रायपुररानी जानी थी। इसकी तैयारियों के लिए सचिन और कमलजीत कुछ सामान लेने पाबनी मार्ग पर गए थे। जब वे सरावां टी प्वाइंट पर पहुंचे तो साढौरा की तरफ से आ रहे रेत से भरे तेज रफ्तार ट्राले ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया। हादसे से गुस्साए लोगों ने ट्राले को आगे के हवाले कर बराड़ा हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे साढौरा-दोसड़का मार्ग पर वाहनों की कतार लग गई। सूचना पाकर बिलासपुर डीएसपी जितेन्द्र, डीएसपी प्रमोद सहित कई थानों के प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। साथ ही वाहनों को डायवर्ट कर दूसरे मार्गों से निकलवाया। पुलिस-प्रशासन के समझाने के बाद भी आक्रोशित परिजन और ग्रामीण मार्ग से हटने को तैयार नहीं हुए और डीसी को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे, लेकिन देर शाम तक डीसी मौके पर नहीं पहुंचे। शाम करीब सात बजे सढौरा विधायक रेणू बाला गुप्ता मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और डीसी के खिलाफ नाराजगी जताई। साथ ही मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही।
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चिल्लाता रहा सचिन, 200 मीटर दूर तक घसीटकर ले गया ट्राला
हादसे में कमलजीत की सड़क पर गिरने से मौत हो गई, जबकि सचिन को ट्राला अपनी चपेट में लेकर 200 मीटर दूर तक घसीटता ले गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्राले के साथ घसीटता हुआ सचिन चालक को रोकने के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन ट्राला चालक ने उसकी चीखें अनसुनी कर दी और फिर आगे जाकर ट्राला छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद लोगों ने जैक लगाकर सचिन के शव को ट्राले के टायर के नीचे से निकाला।
बरात की थी तैयारी, मातम में बदली खुशियां
मृतक सचिन के चचेरे भाई परमजीत की मंगलवार को ही शादी थी। उसकी बरात रायपुररानी जानी थी। इसे लेकर हर तरफ खुशियों का माहौल था। सचिन और कमलजीत भी बरात की तैयारियों में जुटे थे और कुछ सामान लेने के लिए पाबनी मार्ग पर गए थे। इस दौरान हुए हादसे से खुशियों को मातम में बदल दिया।
वर्जन
मृतक सचिन के भाई गौरव के बयान पर आरोपी ट्राला चालक के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाने और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी चालक की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-धर्मपाल, एसएचओ, साढौरा थाना।

Ruckus over the death of friends, villagers jammed the trolley- फोटो : Yamuna Nagar

हादसे के बाद विलाप करते मृतक के परिजन।- फोटो : Yamuna Nagar