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Yamuna Nagar News: आंगनवाड़ी कर्मी जिला कार्यक्रम अधिकारी को लौटाएंगीं मोबाइल
Fri, 18 Sep 2026 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 18 Sep 2026 02:01 AM IST
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जगाधरी अनाज मंडी में धरने पर बैठी आंगनबाड़ी वर्कर। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन का धरना वीरवार को भी जिला उपप्रधान रीता कत्याल की अध्यक्षता में जारी रहा। इस दौरान सरकार की ओर से दिए गए मोबाइल फोन को लेकर भी उन्होंने असहमति जताई। यूनियन ने सोमवार को ये फोन जिला कार्यक्रम अधिकारी को लौटाने का निर्णय लिया है।
कर्मचारियों ने कहा कि वे कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें सीडीपीओ कार्यालय में धरना देने के लिए कहा गया। दो-तीन दिन कार्यालय में धरना देने के दौरान बैठने की उचित व्यवस्था नहीं मिली। वर्करों ने कार्यालय भवन को जर्जर बताते हुए सुरक्षा पर भी सवाल उठाए। इसके बाद मजबूरन अनाज मंडी में धरना देना पड़ रहा है।
रीता कत्याल ने कहा कि पोषण ट्रैकर के काम को लेकर वर्करों में रोष है। उनका कहना है कि पोषण लागू करते समय महंगाई भत्ता देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इसका लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वर्कर पोषण ट्रैकर का काम करने के पक्ष में नहीं हैं। रेखा, रीना, कुसुम, शीतल, सुमन, सुषमा, किरण, मीना, फरीदा, मनीला, किरणवती, पूजा, रेनू, रंजीता आदि वर्करों ने कहा कि विभाग की व्यवस्था ऐसी है कि उन्हें यह जानकारी भी स्पष्ट रूप से नहीं मिलती कि किस मद का भुगतान आया है और किस अवधि तक का भुगतान लंबित है। इन्हीं समस्याओं के कारण उन्हें धरना देने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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यमुनानगर। आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन का धरना वीरवार को भी जिला उपप्रधान रीता कत्याल की अध्यक्षता में जारी रहा। इस दौरान सरकार की ओर से दिए गए मोबाइल फोन को लेकर भी उन्होंने असहमति जताई। यूनियन ने सोमवार को ये फोन जिला कार्यक्रम अधिकारी को लौटाने का निर्णय लिया है।
कर्मचारियों ने कहा कि वे कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें सीडीपीओ कार्यालय में धरना देने के लिए कहा गया। दो-तीन दिन कार्यालय में धरना देने के दौरान बैठने की उचित व्यवस्था नहीं मिली। वर्करों ने कार्यालय भवन को जर्जर बताते हुए सुरक्षा पर भी सवाल उठाए। इसके बाद मजबूरन अनाज मंडी में धरना देना पड़ रहा है।
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रीता कत्याल ने कहा कि पोषण ट्रैकर के काम को लेकर वर्करों में रोष है। उनका कहना है कि पोषण लागू करते समय महंगाई भत्ता देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इसका लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वर्कर पोषण ट्रैकर का काम करने के पक्ष में नहीं हैं। रेखा, रीना, कुसुम, शीतल, सुमन, सुषमा, किरण, मीना, फरीदा, मनीला, किरणवती, पूजा, रेनू, रंजीता आदि वर्करों ने कहा कि विभाग की व्यवस्था ऐसी है कि उन्हें यह जानकारी भी स्पष्ट रूप से नहीं मिलती कि किस मद का भुगतान आया है और किस अवधि तक का भुगतान लंबित है। इन्हीं समस्याओं के कारण उन्हें धरना देने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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