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Yamuna Nagar News: हॉटलाइन के 17.64 लाख निगम में गुम
Wed, 18 Dec 2024 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 18 Dec 2024 01:11 AM IST
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राजेश कुमार
यमुनानगर। सब डिवीजन नागरिक अस्पताल जगाधरी को बिजली की हाॅटलाइन से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2012 में 17 लाख 64 हजार रुपये उत्तर हरियाणा बिजली निगम के खाते में जमा कराए थे। यह रुपये जमा हुए 12 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक इन रुपयों का कोई अता-पता नहीं है।
अब तक अस्पताल में न तो हॉट लाइन लग पाई और न ही लाखों रुपये का कुछ पता चला है। यह रुपये खाते से कहां गए इस बारे में बिजली निगम के अधिकारियों को भी कुछ नहीं पता। इसका खामियाजा सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में भर्ती मरीज भुगत रहे हैं।
जगाधरी के 100 बेड के अस्पताल में आए दिन बिजली के कट लगते रहते हैं। जिससे अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरीत असर पड़ता है। कभी कंप्यूटर बंद हो जाते हैं तो कभी अंधेरा पसर जाता है। वहीं सबसे ज्यादा दिक्कत गर्मी के दिनों में होती है, क्योंकि उस दौरान पंखों व कूलर को एक मिनट के लिए भी बंद नहीं कर सकते।
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पंखों व कूलर के बंद होने से मरीज गर्मी से बेहाल हो जाते हैं। इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाए, इसके लिए इसके अस्पताल के एमएस डाॅ. अनुज मंगला ने बिजली की हॉटलाइन लगवाने पर विचार किया। हॉटलाइन में पावर हाउस से अलग से फीडर अस्पताल में पहुंचाया जाता है जिसमें 24 घंटे बिजली उपलब्ध होती है।
इसी दौरान पता चला कि वर्ष 2012 में चेक के माध्यम से 17 लाख 64 हजार रुपये बिजली निगम के खाते में जमा किए गए थे। इस बारे में डॉ. अनुज मंगला ने बिजली निगम के एसडीओ व एक्सईएन से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने इस राशि के संबंध में कोई भी जानकारी होने से साफ इन्कार कर दिया। संवाद
निगम के एमडी को लिखा पत्र : डॉ. मंगला
सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी के एमएस डॉ. अनुज मंगला का कहना है कि 2012 में 17.64 लाख रुपये हॉटलाइन के लिए बिजली निगम के खाते में जमा कराए गए थे। आज तक भी बिजली निगम ने अस्पताल को हॉट लाइन से नहीं जोड़ा। स्थानीय एसडीओ व एक्सईएन को इस राशि के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसलिए अब यूएचबीवीएन पंचकूला के एमडी को पत्र लिखा है।
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यमुनानगर। सब डिवीजन नागरिक अस्पताल जगाधरी को बिजली की हाॅटलाइन से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2012 में 17 लाख 64 हजार रुपये उत्तर हरियाणा बिजली निगम के खाते में जमा कराए थे। यह रुपये जमा हुए 12 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक इन रुपयों का कोई अता-पता नहीं है।
अब तक अस्पताल में न तो हॉट लाइन लग पाई और न ही लाखों रुपये का कुछ पता चला है। यह रुपये खाते से कहां गए इस बारे में बिजली निगम के अधिकारियों को भी कुछ नहीं पता। इसका खामियाजा सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में भर्ती मरीज भुगत रहे हैं।
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जगाधरी के 100 बेड के अस्पताल में आए दिन बिजली के कट लगते रहते हैं। जिससे अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरीत असर पड़ता है। कभी कंप्यूटर बंद हो जाते हैं तो कभी अंधेरा पसर जाता है। वहीं सबसे ज्यादा दिक्कत गर्मी के दिनों में होती है, क्योंकि उस दौरान पंखों व कूलर को एक मिनट के लिए भी बंद नहीं कर सकते।
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पंखों व कूलर के बंद होने से मरीज गर्मी से बेहाल हो जाते हैं। इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाए, इसके लिए इसके अस्पताल के एमएस डाॅ. अनुज मंगला ने बिजली की हॉटलाइन लगवाने पर विचार किया। हॉटलाइन में पावर हाउस से अलग से फीडर अस्पताल में पहुंचाया जाता है जिसमें 24 घंटे बिजली उपलब्ध होती है।
इसी दौरान पता चला कि वर्ष 2012 में चेक के माध्यम से 17 लाख 64 हजार रुपये बिजली निगम के खाते में जमा किए गए थे। इस बारे में डॉ. अनुज मंगला ने बिजली निगम के एसडीओ व एक्सईएन से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने इस राशि के संबंध में कोई भी जानकारी होने से साफ इन्कार कर दिया। संवाद
निगम के एमडी को लिखा पत्र : डॉ. मंगला
सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी के एमएस डॉ. अनुज मंगला का कहना है कि 2012 में 17.64 लाख रुपये हॉटलाइन के लिए बिजली निगम के खाते में जमा कराए गए थे। आज तक भी बिजली निगम ने अस्पताल को हॉट लाइन से नहीं जोड़ा। स्थानीय एसडीओ व एक्सईएन को इस राशि के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसलिए अब यूएचबीवीएन पंचकूला के एमडी को पत्र लिखा है।