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Yamuna Nagar News: पुरानी पेंशन बहाली के लिए सेवानिवृत्त कर्मियों ने मंडी के गेट पर डाला पड़ाव
Wed, 30 Sep 2026 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:44 AM IST
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पड़ाव के दौरान संबोधित करते सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारी। संघ
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। मांगों को लेकर रिटायर्ड कर्मचारी संघ ने बुधवार को जिला सचिवालय के सामने अनाजमंडी गेट पर एक दिवसीय पड़ाव व धरना दिया। पड़ाव के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारी सुबह दस बजे ही मंडी गेट पहुंच गए थे। सेवानिवृत्त कर्मचारियों का यह पड़ाव बुधवार सुबह दस बजे समाप्त होगा।
पड़ाव का नेतृत्व जिला प्रधान जोत सिंह व जिला सचिव सोमनाथ ने किया। इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों के पड़ाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा, इस दौरान मौके पर 24 घंटे के लिए पुलिस बल तैनात किया गया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार पुरानी पेंशन योजना के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के प्रयास बंद करे। पेंशन कर्मचारियों की वर्षों की सेवा का अधिकार है, इसे किसी प्रकार की खैरात नहीं माना जाना चाहिए। संघ ने पीएफ आरडीए एक्ट, एनपीएस और यूपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
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पदाधिकारियों ने कहा कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में एक जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन संशोधन को भी शामिल किया जाना चाहिए। वेतन आयोग की सिफारिशों में देरी को देखते हुए पेंशनभोगियों को तत्काल अंतरिम राहत देने और 18 माह के बकाया डीए, डीआर का भुगतान करने की मांग की।
संघ ने डीए, डीआर के 50 प्रतिशत हिस्से को मूल वेतन व पेंशन में मर्ज करने, कम्यूटेशन की दस वर्ष आठ माह बाद बहाली तथा पेंशन में समानता सुनिश्चित करने की मांग रखी। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की गई।
उन्होंने कहा कि 65 से 75 वर्ष की आयु तक हर पांच वर्ष में पेंशन में दस प्रतिशत तथा 80 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक पांच वर्ष में 20 प्रतिशत वृद्धि करनी चाहिए। संघ ने कहा कि पेंशनभोगियों की मांगों की लगातार अनदेखी के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इस दौरान सतीश राणा, ओम प्रकाश, प्रीतम सिंह, जोत सिंह, सोमनाथ, अशोक वर्मा, भुनेश्वर दत्त, ताहिर हसन, सतपाल सैनी, ज्ञानचंद देवधर, बालकिशन, छोटू राम, कंवरपाल, राम शरण, इकबाल सहित अन्य मौजूद रहे।
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जगाधरी। मांगों को लेकर रिटायर्ड कर्मचारी संघ ने बुधवार को जिला सचिवालय के सामने अनाजमंडी गेट पर एक दिवसीय पड़ाव व धरना दिया। पड़ाव के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारी सुबह दस बजे ही मंडी गेट पहुंच गए थे। सेवानिवृत्त कर्मचारियों का यह पड़ाव बुधवार सुबह दस बजे समाप्त होगा।
पड़ाव का नेतृत्व जिला प्रधान जोत सिंह व जिला सचिव सोमनाथ ने किया। इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों के पड़ाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा, इस दौरान मौके पर 24 घंटे के लिए पुलिस बल तैनात किया गया।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार पुरानी पेंशन योजना के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के प्रयास बंद करे। पेंशन कर्मचारियों की वर्षों की सेवा का अधिकार है, इसे किसी प्रकार की खैरात नहीं माना जाना चाहिए। संघ ने पीएफ आरडीए एक्ट, एनपीएस और यूपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
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पदाधिकारियों ने कहा कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में एक जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन संशोधन को भी शामिल किया जाना चाहिए। वेतन आयोग की सिफारिशों में देरी को देखते हुए पेंशनभोगियों को तत्काल अंतरिम राहत देने और 18 माह के बकाया डीए, डीआर का भुगतान करने की मांग की।
संघ ने डीए, डीआर के 50 प्रतिशत हिस्से को मूल वेतन व पेंशन में मर्ज करने, कम्यूटेशन की दस वर्ष आठ माह बाद बहाली तथा पेंशन में समानता सुनिश्चित करने की मांग रखी। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की गई।
उन्होंने कहा कि 65 से 75 वर्ष की आयु तक हर पांच वर्ष में पेंशन में दस प्रतिशत तथा 80 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक पांच वर्ष में 20 प्रतिशत वृद्धि करनी चाहिए। संघ ने कहा कि पेंशनभोगियों की मांगों की लगातार अनदेखी के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इस दौरान सतीश राणा, ओम प्रकाश, प्रीतम सिंह, जोत सिंह, सोमनाथ, अशोक वर्मा, भुनेश्वर दत्त, ताहिर हसन, सतपाल सैनी, ज्ञानचंद देवधर, बालकिशन, छोटू राम, कंवरपाल, राम शरण, इकबाल सहित अन्य मौजूद रहे।