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Yamuna Nagar News: बाढ़ संभावित क्षेत्रों के स्कूलों में बचाव के होंगे प्रबंध
Tue, 08 Jul 2025 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 08 Jul 2025 12:17 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। बाढ़ संभावित क्षेत्रों व बारिश में पानी भरने वाले स्कूलों में बचाव व निकासी प्रबंध करने के मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं। जिन स्कूलों के मैदान सड़क से नीचे हैं उनका लेवल ठीक करने व तमाम स्कूलों में पानी निकासी के व्यापक प्रबंध करने के भी आदेश हैं। इसके अलावा स्कूल की कमजोर और बारिश में ढह गई चहारदीवारी भी दुरुस्त करने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री ने इसे लेकर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक ली थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के बाढ़ संभावित व बारिश में पानी भरने वाले स्कूलों की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के दौरान स्कूलों में पानी न भरे ऐसे प्रबंध किए जाएं। यदि ज्यादा बारिश होती है और पानी भरता है तो प्रबंध ऐसे हो कि बारिश बंद होने पर पानी आसानी से उतर जाए।
जिला शिक्षा अधिकारी अपने जिले के ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करें। वहां पर प्राथमिकता से काम करवाने की आवश्यकता है। ज्यादा पानी भरने वाले स्कूलों में पंप का इंतजाम किया जाए। ताकि आवश्यकता पड़ने पर पंप से पानी निकाला जाए। मुख्यमंत्री ने यह काम प्राथमिकता से करने के आदेश और इसमें कोताही बरतने की चेतावनी दी है।
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डीईओ ने स्कूलों से मांगी रिपोर्ट : जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने जिले के सभी खंडों से स्कूलों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
जिन स्कूलों में प्राथमिकता से काम करवाए जाने उन्हें एक और बाकी स्कूलों को दूसरी श्रेणी में रखा है। विभाग ने कुछ स्कूलों की सूची तैयार की है, जिनकी निकासी में दिक्कत है। इसके अलावा सड़क से नीचे मैदान वाले स्कूलों की रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।
दो दर्जन स्कूलों में भरा था पानी
जिले में 28 से 30 जून तक लगातार तीन दिन की बारिश के बाद दो दर्जन से ज्यादा स्कूलों में पानी भरा था। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी छछरौली, साढ़ौरा व प्रतापनगर खंड के स्कूलों में देखने को मिली। छछरौली के कुछ स्कूलों में पानी निकालने में दो दिन तक लग गए थे। वहीं कुछ स्कूलों के मैदान में अभी पानी जमा है। दामोपुरा कलां गांव के स्कूल की चहारदीवारी बारिश के पानी से ढह गई थी। यही नहीं शहर के कई भी स्कूलों में बारिश का पानी भरने से काफी दिक्कत हुई थी।
बारिश व बाढ़ संभावित स्कूलों में जलभराव की स्थिति से बचाव के लिए प्रबंध करने के मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं। जिले के सभी खंडों के स्कूलों की जानकारी जुटाई गई है। ज्यादा समस्या वाले स्कूलों को प्राथमिकता की श्रेणी में रखा गया है। अभी दो दर्जन स्कूलों की पहचान की गई है। जल्द ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा। - धर्मेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। बाढ़ संभावित क्षेत्रों व बारिश में पानी भरने वाले स्कूलों में बचाव व निकासी प्रबंध करने के मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं। जिन स्कूलों के मैदान सड़क से नीचे हैं उनका लेवल ठीक करने व तमाम स्कूलों में पानी निकासी के व्यापक प्रबंध करने के भी आदेश हैं। इसके अलावा स्कूल की कमजोर और बारिश में ढह गई चहारदीवारी भी दुरुस्त करने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री ने इसे लेकर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक ली थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के बाढ़ संभावित व बारिश में पानी भरने वाले स्कूलों की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के दौरान स्कूलों में पानी न भरे ऐसे प्रबंध किए जाएं। यदि ज्यादा बारिश होती है और पानी भरता है तो प्रबंध ऐसे हो कि बारिश बंद होने पर पानी आसानी से उतर जाए।
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जिला शिक्षा अधिकारी अपने जिले के ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करें। वहां पर प्राथमिकता से काम करवाने की आवश्यकता है। ज्यादा पानी भरने वाले स्कूलों में पंप का इंतजाम किया जाए। ताकि आवश्यकता पड़ने पर पंप से पानी निकाला जाए। मुख्यमंत्री ने यह काम प्राथमिकता से करने के आदेश और इसमें कोताही बरतने की चेतावनी दी है।
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डीईओ ने स्कूलों से मांगी रिपोर्ट : जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने जिले के सभी खंडों से स्कूलों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
जिन स्कूलों में प्राथमिकता से काम करवाए जाने उन्हें एक और बाकी स्कूलों को दूसरी श्रेणी में रखा है। विभाग ने कुछ स्कूलों की सूची तैयार की है, जिनकी निकासी में दिक्कत है। इसके अलावा सड़क से नीचे मैदान वाले स्कूलों की रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।
दो दर्जन स्कूलों में भरा था पानी
जिले में 28 से 30 जून तक लगातार तीन दिन की बारिश के बाद दो दर्जन से ज्यादा स्कूलों में पानी भरा था। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी छछरौली, साढ़ौरा व प्रतापनगर खंड के स्कूलों में देखने को मिली। छछरौली के कुछ स्कूलों में पानी निकालने में दो दिन तक लग गए थे। वहीं कुछ स्कूलों के मैदान में अभी पानी जमा है। दामोपुरा कलां गांव के स्कूल की चहारदीवारी बारिश के पानी से ढह गई थी। यही नहीं शहर के कई भी स्कूलों में बारिश का पानी भरने से काफी दिक्कत हुई थी।
बारिश व बाढ़ संभावित स्कूलों में जलभराव की स्थिति से बचाव के लिए प्रबंध करने के मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं। जिले के सभी खंडों के स्कूलों की जानकारी जुटाई गई है। ज्यादा समस्या वाले स्कूलों को प्राथमिकता की श्रेणी में रखा गया है। अभी दो दर्जन स्कूलों की पहचान की गई है। जल्द ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा। - धर्मेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।