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Yamuna Nagar News: हुड्डा को ज्ञापन सौंपकर किसानों की आवाज विस में उठाने की गुहार
Thu, 02 Nov 2023 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 02 Nov 2023 01:26 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। भारतीय किसान यूनियन की ओर से बुधवार को रादौर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया। भाकियू प्रदेश संयोजक बाबूराम गुंदियाना के नेतृत्व में किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री से उनकी आवाज को विधानसभा में बुलंद करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि सरस्वती शुगर मिल की ओर से गन्ना किसानों को अनुबंध फार्म भरवाया जाता है। जिसमें सारी शर्तें मिल की तरफ से हैं। किसानों की ओर से कोई शर्त नहीं है।
जो अनुबंध फार्म शुगर मिल भरता है, वह अंग्रेजी में है। उसको हिंदी में अनिवार्य किया जाये। गन्ना रिकवरी के हिसाब से मिल चलता है, तो उसी हिसाब से अंतिम सीजन तक गन्ने का रेट रिकवरी बढ़ोतरी के अनुसार किसानों को गन्ने का भाव मिलना चाहिए। गन्ना किसान सेंटर पर डालते हैं। सेंटर से मिल तक जो गन्ना सप्लाई होता है, मिल द्वारा उसका किराया किसानों पर लगाया जाता है। यह किराया मिल के ऊपर होना चाहिए व लदाई का खर्च भी मिल के ऊपर होना चाहिए।
किसान मिल में गन्ना लेकर जाते हैं, उनको आठ घंटे के बाद ओवरटाइम का 100 रुपये प्रति घंटा मिलना चाहिए। गन्ना किसान मिल या सेंटर पर ट्राली द्वारा गन्ना डालता है, तो उस किसान को प्रति ट्राली 10 किलो चीनी कंट्रोल रेट पर मिलनी चाहिए। गन्ना पड़ता स्कीम को खत्म किया जाये। जो मौके पर गन्ना किसान के खेत में खड़ा है, उसकी बोंड के अनुसार खरीद की जाय।
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मिल के चलने से पहले गन्ने का रेट तय किया जाय। गन्ने का भुगतान 14 दिन के अंदर किया जाये। 14 दिन के अंदर भुगतान न होने पर किसानों को दो प्रतिशत के हिसाब से ब्याज दिया जाए। गन्ना किसान का जो अनुबंध मिल द्वारा भरा जाता है, उसकी एक प्रति किसान को दी जाय, ताकि किसान को पता रहे उसका कितना अनुबंध खत्म हो गया है और कितना बकाया है। मिल 1 नवंबर से 31 मार्च तक चलनी चाहिए। इस अवसर पर प्रदेश संयोजक बाबूराम गुंदयाना, संजू गुंदियाना प्रधान, संदीप टोपरा, संदीप गुंदयाना, कश्मीरी लाल सैनी, हरपाल सिंह सुढल आदि मौजूद रहे।
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रादौर। भारतीय किसान यूनियन की ओर से बुधवार को रादौर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया। भाकियू प्रदेश संयोजक बाबूराम गुंदियाना के नेतृत्व में किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री से उनकी आवाज को विधानसभा में बुलंद करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि सरस्वती शुगर मिल की ओर से गन्ना किसानों को अनुबंध फार्म भरवाया जाता है। जिसमें सारी शर्तें मिल की तरफ से हैं। किसानों की ओर से कोई शर्त नहीं है।
जो अनुबंध फार्म शुगर मिल भरता है, वह अंग्रेजी में है। उसको हिंदी में अनिवार्य किया जाये। गन्ना रिकवरी के हिसाब से मिल चलता है, तो उसी हिसाब से अंतिम सीजन तक गन्ने का रेट रिकवरी बढ़ोतरी के अनुसार किसानों को गन्ने का भाव मिलना चाहिए। गन्ना किसान सेंटर पर डालते हैं। सेंटर से मिल तक जो गन्ना सप्लाई होता है, मिल द्वारा उसका किराया किसानों पर लगाया जाता है। यह किराया मिल के ऊपर होना चाहिए व लदाई का खर्च भी मिल के ऊपर होना चाहिए।
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किसान मिल में गन्ना लेकर जाते हैं, उनको आठ घंटे के बाद ओवरटाइम का 100 रुपये प्रति घंटा मिलना चाहिए। गन्ना किसान मिल या सेंटर पर ट्राली द्वारा गन्ना डालता है, तो उस किसान को प्रति ट्राली 10 किलो चीनी कंट्रोल रेट पर मिलनी चाहिए। गन्ना पड़ता स्कीम को खत्म किया जाये। जो मौके पर गन्ना किसान के खेत में खड़ा है, उसकी बोंड के अनुसार खरीद की जाय।
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मिल के चलने से पहले गन्ने का रेट तय किया जाय। गन्ने का भुगतान 14 दिन के अंदर किया जाये। 14 दिन के अंदर भुगतान न होने पर किसानों को दो प्रतिशत के हिसाब से ब्याज दिया जाए। गन्ना किसान का जो अनुबंध मिल द्वारा भरा जाता है, उसकी एक प्रति किसान को दी जाय, ताकि किसान को पता रहे उसका कितना अनुबंध खत्म हो गया है और कितना बकाया है। मिल 1 नवंबर से 31 मार्च तक चलनी चाहिए। इस अवसर पर प्रदेश संयोजक बाबूराम गुंदयाना, संजू गुंदियाना प्रधान, संदीप टोपरा, संदीप गुंदयाना, कश्मीरी लाल सैनी, हरपाल सिंह सुढल आदि मौजूद रहे।