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निगम प्रशासन ने तीन धार्मिक स्थल तोड़े
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jun 2016 12:34 AM IST
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अतिक्रमण
- फोटो : ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/जगाधरी वर्कशाप। यमुनानगर शहर के बाद नगर निगम ने जगाधरी शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। शुक्रवार को टीम पहले दिन जगाधरी में पहुंची, लेकिन दुकानदारों ने अधिकारियों से एक सप्ताह की मोहलत मांग ली और आश्वासन दिया कि इस दौरान वह अतिक्रमण स्वयं ही हटा लेंगे। ऐसे में दुकानदारों की पहल को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें मोहलत दे दी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार एवं यातायात प्रभावित कर रहे तीन धार्मिक स्थलों पर प्रशासन ने पीला पंजा चलवाया।
एक धार्मिक स्थल के बचाव में कुछ मौजिज लोग आए और उन्होंने मूर्ति व अन्य सामान हटाने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। जिस पर प्रशासनिक अधिकारी मान गए। कार्रवाई से पहले प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए। बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। टीम ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी भी करवाई। मगर टीम को किसी तरह के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। प्रशासन की सारी कार्रवाई शांतिपूर्वक रही।
शुक्रवार को जिला प्रशासन ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सड़क किनारे अवैध रूप से बने धार्मिक स्थलों को हटाने का निर्णय लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने धार्मिक स्थलों के पुजारियों को दोपहर तक समय दिया था। दोपहर तक धार्मिक स्थलों को नहीं हटाया गया था। ऐसे में दोपहर बाद निगम का अमला ईएसआई अस्पताल के बाहर बने धार्मिक स्थल पर पहुंचा। इसमें डीसी डॉ. एसएस फूलिया, एसपी सुमेर प्रताप सिंह, एसडीएम जगाधरी प्रेम चंद, नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी विजय पाल यादव सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी शामिल थे।
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धार्मिक स्थल को हटाने की कार्रवाई की पूरी विडियोग्राफी व फोटोग्राफी करवाई गई। इसके बाद टीम रक्षक विहार नाके के पास बने धार्मिक स्थल पर पहुंची। यहां पर टीम ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया, लेकिन उन्हें किसी तरह के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। इसके बाद नगरनिगम का दस्ता निगम कार्यालय जगाधरी पहुंचा।
यहां निगम परिसर में बनी पीर की मजार पर पीला पंजा चलाया गया। यहां से तोड़फोड़ दस्ता सिनेमा रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास पहुंचा। इससे पहले ही यहां पर भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह के नेतृत्व में कई भाजपा कार्यकर्ता व अन्य लोग पहुंच गए। मौजिज लोगों ने डीसी व एसपी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस मंदिर को न तोड़ा जाए और उन्हें दो सप्ताह का समय दिया जाए। इस दौरान मंदिर में प्रतिष्ठित मूर्तियों व अन्य सामान को हटा लेंगे। अधिकारियों ने उनकी मांग को मान लिया और उन्हें दो सप्ताह का समय दे दिया।
दुकानदारों ने मांगा समय, कार्रवाई एक सप्ताह के लिए टली:
अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम का अमला जगाधरी के नगर निगम कार्यालय के सामने तीन मूर्ति झंडा चौक पर पहुंच गया। इससे पहले तोडफ़ोड अमला कार्रवाई शुरू करता, जगाधरी शहर के दुकानदारों ने स्वयं ही अवैध अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। कई दुकानदारों ने अपना सामान हटा भी लिया था। दुकानदारों ने प्रशासनिक अधिकारियों से पूरी तरह से अतिक्रमण खुद ही हटाने के लिए एक सप्ताह का समय देने की मांग की। दुकानदारों की पहल को देखते हुए अधिकारियों ने उन्हें समय दे दिया। और अमला बिना कार्रवाई के लौट गया।
न करें अतिक्रमण, सहयोग करें: डीसी
डीसी डॉ. फूलिया ने लोगों से भी अपील की है कि वे सड़क किनारे किसी भी तरह से अतिक्रमण न करें। यदि वे ऐसा करेंगे तो अवैध अतिक्रमण को प्रशासन द्वारा कार्रवाई करके हटवाया जाएगा। इस दौरान अवैध अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनका सामान भी जब्त किया जाएगा।
हाइवे से भी हटाया अतिक्रमण
बिलासपुर। लोक निर्माण विभाग द्वारा बिलासपुर जगाधरी मुख्य मार्ग से सड़क किनारे किए अवैध कब्जों को जेसीबी की सहायता से हटाया गया। मौके पर एसडीएम बिलासपुर नवीन आहुजा, ड्यूटी मजिस्ट्रेट जगाधारी तहसीलदार दर्शन कुमार, पीडब्ल्यूडी के एक्सइएन आरके टिड़वाल व थाना प्रभारी बिलासपुर दीदार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। एक बार तो पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तबदील हो गया।
बिलासपुर जगाधरी मार्ग पर बिजली निगम कार्यालय के समीप धार्मिक स्थल को हटाया गया है। एसडीएम नवीन आहुजा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। बिलासपुर में इसके अतिरिक्त जो भी स्थान चिह्नित किए गए हैं वहां से कब्जे हटवाएं जाएंगे। उन्होंने आमजन से आह्वान किया वे प्रशासन का सहयोग करे, पूरी कार्यवाई शांति पूर्वक तरीके से की गई है। किसी को तंग नही किया जा रहा है।
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यमुनानगर/जगाधरी वर्कशाप। यमुनानगर शहर के बाद नगर निगम ने जगाधरी शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। शुक्रवार को टीम पहले दिन जगाधरी में पहुंची, लेकिन दुकानदारों ने अधिकारियों से एक सप्ताह की मोहलत मांग ली और आश्वासन दिया कि इस दौरान वह अतिक्रमण स्वयं ही हटा लेंगे। ऐसे में दुकानदारों की पहल को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें मोहलत दे दी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार एवं यातायात प्रभावित कर रहे तीन धार्मिक स्थलों पर प्रशासन ने पीला पंजा चलवाया।
एक धार्मिक स्थल के बचाव में कुछ मौजिज लोग आए और उन्होंने मूर्ति व अन्य सामान हटाने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। जिस पर प्रशासनिक अधिकारी मान गए। कार्रवाई से पहले प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए। बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। टीम ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी भी करवाई। मगर टीम को किसी तरह के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। प्रशासन की सारी कार्रवाई शांतिपूर्वक रही।
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शुक्रवार को जिला प्रशासन ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सड़क किनारे अवैध रूप से बने धार्मिक स्थलों को हटाने का निर्णय लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने धार्मिक स्थलों के पुजारियों को दोपहर तक समय दिया था। दोपहर तक धार्मिक स्थलों को नहीं हटाया गया था। ऐसे में दोपहर बाद निगम का अमला ईएसआई अस्पताल के बाहर बने धार्मिक स्थल पर पहुंचा। इसमें डीसी डॉ. एसएस फूलिया, एसपी सुमेर प्रताप सिंह, एसडीएम जगाधरी प्रेम चंद, नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी विजय पाल यादव सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी शामिल थे।
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धार्मिक स्थल को हटाने की कार्रवाई की पूरी विडियोग्राफी व फोटोग्राफी करवाई गई। इसके बाद टीम रक्षक विहार नाके के पास बने धार्मिक स्थल पर पहुंची। यहां पर टीम ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया, लेकिन उन्हें किसी तरह के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। इसके बाद नगरनिगम का दस्ता निगम कार्यालय जगाधरी पहुंचा।
यहां निगम परिसर में बनी पीर की मजार पर पीला पंजा चलाया गया। यहां से तोड़फोड़ दस्ता सिनेमा रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास पहुंचा। इससे पहले ही यहां पर भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह के नेतृत्व में कई भाजपा कार्यकर्ता व अन्य लोग पहुंच गए। मौजिज लोगों ने डीसी व एसपी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस मंदिर को न तोड़ा जाए और उन्हें दो सप्ताह का समय दिया जाए। इस दौरान मंदिर में प्रतिष्ठित मूर्तियों व अन्य सामान को हटा लेंगे। अधिकारियों ने उनकी मांग को मान लिया और उन्हें दो सप्ताह का समय दे दिया।
दुकानदारों ने मांगा समय, कार्रवाई एक सप्ताह के लिए टली:
अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम का अमला जगाधरी के नगर निगम कार्यालय के सामने तीन मूर्ति झंडा चौक पर पहुंच गया। इससे पहले तोडफ़ोड अमला कार्रवाई शुरू करता, जगाधरी शहर के दुकानदारों ने स्वयं ही अवैध अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। कई दुकानदारों ने अपना सामान हटा भी लिया था। दुकानदारों ने प्रशासनिक अधिकारियों से पूरी तरह से अतिक्रमण खुद ही हटाने के लिए एक सप्ताह का समय देने की मांग की। दुकानदारों की पहल को देखते हुए अधिकारियों ने उन्हें समय दे दिया। और अमला बिना कार्रवाई के लौट गया।
न करें अतिक्रमण, सहयोग करें: डीसी
डीसी डॉ. फूलिया ने लोगों से भी अपील की है कि वे सड़क किनारे किसी भी तरह से अतिक्रमण न करें। यदि वे ऐसा करेंगे तो अवैध अतिक्रमण को प्रशासन द्वारा कार्रवाई करके हटवाया जाएगा। इस दौरान अवैध अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनका सामान भी जब्त किया जाएगा।
हाइवे से भी हटाया अतिक्रमण
बिलासपुर। लोक निर्माण विभाग द्वारा बिलासपुर जगाधरी मुख्य मार्ग से सड़क किनारे किए अवैध कब्जों को जेसीबी की सहायता से हटाया गया। मौके पर एसडीएम बिलासपुर नवीन आहुजा, ड्यूटी मजिस्ट्रेट जगाधारी तहसीलदार दर्शन कुमार, पीडब्ल्यूडी के एक्सइएन आरके टिड़वाल व थाना प्रभारी बिलासपुर दीदार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। एक बार तो पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तबदील हो गया।
बिलासपुर जगाधरी मार्ग पर बिजली निगम कार्यालय के समीप धार्मिक स्थल को हटाया गया है। एसडीएम नवीन आहुजा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। बिलासपुर में इसके अतिरिक्त जो भी स्थान चिह्नित किए गए हैं वहां से कब्जे हटवाएं जाएंगे। उन्होंने आमजन से आह्वान किया वे प्रशासन का सहयोग करे, पूरी कार्यवाई शांति पूर्वक तरीके से की गई है। किसी को तंग नही किया जा रहा है।