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Yamuna Nagar News: फर्जी कागजात से पोर्टल पर पंजीकरण
Thu, 04 Sep 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 04 Sep 2025 01:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। किसानों की सुविधा के लिए बनाया गया मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर हो रहे फर्जीवाड़े के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के रहने वाले चिराग भसीन ने भी फर्जी कागजात पर अपनी जमीन का ब्योरा पहले से पोर्टल पर दर्ज होने की शिकायत पुलिस को दी है।
उन्होंने बताया कि पांडो गांव में उसकी साढ़े चार एकड़ जमीन पर पापुलर के पेड़ खड़े हैं। पिछले कई दिनों से हो रही बरसात के कारण उसके पापुलर के पेड़ गिर गए। उसने इसका मुआवजा पाने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाने का प्रयास किया तो पता चला कि वहां पहले से ही पंजीकरण कराया हुआ है।
पोर्टल पर उसकी बजाए किसी प्रेम बाला, अलका, प्रिंस व मतलूब सहित कई अन्यों के नाम से पंजीकरण किया हुआ मिला। यही नहीं मौके पर पापुलर की फसल खड़े होने के बावजूद इन खेतों में धान की फसल बोई हुई दिखाई गई है। चिराग भसीन ने जांच की तो पता चला कि इस तरह का फर्जीवाड़ा उसके साथ ही नहीं कई अन्य किसानों के साथ भी हुआ है। चिराग भसीन ने इस मामले की शिकायत पुलिस व कृषि विभाग को देकर इस फर्जीवाड़े की जांच की मांग की है।
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भारतीय किसान यूनियन के रतन मान ग्रुप के जिला प्रभारी सुभाष शर्मा सबीलपुर ने आरोप लगाया कि कुछ आढ़ती राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से किसानों की फसल का पंजीकरण धोखे से अपने लोगों के नाम करवा लेते हैं।
धान की खरीद शुरु होने पर इन बोगस लोगों के नाम से धान की खरीद दिखाकर सरकार को चूना लगाने में जुटे हुए हैं। जबकि असली किसानों को अनाज मंडियों में अपनी फसल की बिक्री और प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा पाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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साढौरा। किसानों की सुविधा के लिए बनाया गया मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर हो रहे फर्जीवाड़े के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के रहने वाले चिराग भसीन ने भी फर्जी कागजात पर अपनी जमीन का ब्योरा पहले से पोर्टल पर दर्ज होने की शिकायत पुलिस को दी है।
उन्होंने बताया कि पांडो गांव में उसकी साढ़े चार एकड़ जमीन पर पापुलर के पेड़ खड़े हैं। पिछले कई दिनों से हो रही बरसात के कारण उसके पापुलर के पेड़ गिर गए। उसने इसका मुआवजा पाने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाने का प्रयास किया तो पता चला कि वहां पहले से ही पंजीकरण कराया हुआ है।
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पोर्टल पर उसकी बजाए किसी प्रेम बाला, अलका, प्रिंस व मतलूब सहित कई अन्यों के नाम से पंजीकरण किया हुआ मिला। यही नहीं मौके पर पापुलर की फसल खड़े होने के बावजूद इन खेतों में धान की फसल बोई हुई दिखाई गई है। चिराग भसीन ने जांच की तो पता चला कि इस तरह का फर्जीवाड़ा उसके साथ ही नहीं कई अन्य किसानों के साथ भी हुआ है। चिराग भसीन ने इस मामले की शिकायत पुलिस व कृषि विभाग को देकर इस फर्जीवाड़े की जांच की मांग की है।
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भारतीय किसान यूनियन के रतन मान ग्रुप के जिला प्रभारी सुभाष शर्मा सबीलपुर ने आरोप लगाया कि कुछ आढ़ती राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से किसानों की फसल का पंजीकरण धोखे से अपने लोगों के नाम करवा लेते हैं।
धान की खरीद शुरु होने पर इन बोगस लोगों के नाम से धान की खरीद दिखाकर सरकार को चूना लगाने में जुटे हुए हैं। जबकि असली किसानों को अनाज मंडियों में अपनी फसल की बिक्री और प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा पाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।